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शहर के आउटर में लगाए 16 नाके, बंकर भी बनाए

Sun, 29 Jan 2017 02:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक Updated Sun, 29 Jan 2017 02:44 AM IST
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पुलिस और अर्धसैनिक बल की 17 कंपनी तैनात - फोटो : amar ujala
जाट आंदोलन के दौरान शहर में बाहर से आने वाली भीड़ को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इसके लिए शहर के आउटर में 16 पुलिस नाके लगाए हैं। एक नाके पर करीब 60 सुरक्षाकर्मियों को दंगा निरोधक दस्ते के साथ तैनात किया गया है। नाकों पर बंकर भी बनाए गये हैं।
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ये है आउटर के कुछ नाके

दिल्ली बाईपास, बोहर, गोहाना बाईपास, झज्जर चुंगी, कच्चा चमारिया रोड, भिवानी चुंगी सहित अन्य जगह शामिल है। बता दें कि पिछली साल फरवरी में हुई हिंसा के दौरान बाहरी भीड़ ने ही शहर में अधिकतर आगजनी और लूटपाट की थी।  
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पुलिस और अर्धसैनिक बल की 17 कंपनी तैनात

रविवार से शुरू होने वाले धरने के मद्देनजर जिले में पुलिस और अर्धसैनिक बल की 17 कंपनियों को तैनात किया गया है। सीआरपीएफ की कंपनी भी रविवार को रोहतक पहुंच सकती है। कंपनियों के जवानोें को शहर के अलग-अलग हिस्सों में तैनात किया गया है। अर्धसैनिक बल को धरना स्थल के आसपास तैनात किया गया है। पुलिस के उच्च अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात सुरक्षा कर्मियों को कोई भी अनहोनी होने पर तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दिये हैं।
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यह कंपनी पहुंचीं

रैपिड एक्शन फोर्स- दो कंपनी
कमांडो- एक कंपनी
महिला पुलिस- तीन कंपनी मधुबन से
पुलिस बल- 9 कंपनी मधुबन से
होमगार्ड- 2 कंपनी

पहली बार पहुंची कमांडों की टुकड़ी

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है। इसी के चलते कमांडो की विशेष टुकड़ी को भेजा गया है। कमांडो को रिजर्व बल के रूप में रखा गया है। हालांकि कमांडो को शहर में अलग-अलग जगहों पर गश्त करने के आदेश हैं। बताया जा रहा है कि इस बार सीमा सुरक्षा बल की कंपनी को रोहतक नहीं भेजा गया है।

नुकसान हुआ तो आयोजकों से होगी भरपाई

पुलिस प्रशासन ने धरना देने की अनुमति के साथ ही आयोजकों पर शिकं जा कस दिया है। पुलिस ने आंदोलन या प्रदर्शन करने वाले संगठनों, नेताओं को आगाह किया है। पुलिस का कहना है कि अगर किसी प्रदर्शन या आंदोलन के दौरान शरारती तत्वों, नेताओं या किसी संगठन ने लोगों को भड़काकर नुकसान किया तो उसकी भरपाई आंदोलन के आयोजक से की जाएगी। नुकसान करवाने वालों की पहचान करके कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का हवाला दिया है।

जेल के रास्ते में बने तीन नाके, अधिकारियों की छुट्टी रद्द

डीजीपी जेल ने भी प्रदेश भर के जेल अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था के निर्देश दिये हैं। जेल अधीक्षकों को जिला स्तर के एसपी व संबंधित अधिकारियों से संपर्क बनाए रखने के आदेश हैं। सुनारिया जेल के अधीक्षक दयानंद मंडौला ने बताया कि जेल की तरफ आने वाली सड़क पर तीन पुलिस नाके लगा लगाए गए हैं। साथ ही बंकर भी बनाए गये हैं। फिलहाल, जेल में करीब 1446 बंदी हैं। करीब 400 बंदियों को जेल के बैरकों में रखने की क्षमता है।

पुलिस और अर्धसैनिक बल ने निकाला फ्लैग मार्च

शहर के लोगों को सुरक्षा का अहसास कराने के लिए जिला पुलिस ने अर्धसैनिक बल के साथ शहर में फ्लैग मार्च निकाला। इस दौरान शहरवासियों से शांति बनाने की अपील की गई। साथ ही उपद्रवियों के बारे में जानकारी देने मांग की गई। सुबह एसपी पंकज नैन ने पुलिस कर्मियों को पुलिस लाइन में संबोधित किया। फिर एसपी के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला गया। एसपी ने कहा कि सुरक्षा बल को दंगा निरोधक सारे उपकरण उपलब्ध करवा दिये गये हैं।


यदि आंदोलन या प्रदर्शन के दौरान हिंसा से क्षति हुई तो उसका आकलन करके जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नुकसान की भी भरपाई करवाई जाएगी। शांति भंग करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- पंकज नैन, एसपी रोहतक
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