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बीएसएफ की कांस्टेबल ने नौकरी लगवाने को ठगे 9 लाख, परिजनों पर भी केस
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 21 Oct 2016 01:15 AM IST
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बीएसएफ की एक महिला कांस्टेबल पर बगैर फिजिकल व टेस्ट के नौकरी लगवाने के नाम पर तीन युवकों से 9 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगा है। भिवानी के तालू गांव के रहने वाले युवक ने 2013 से अभी तक भर्ती नहीं होने और रुपये वापस नहीं मिलने के कारण कांस्टेबल व उसके परिजनों पर महम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। उसने महिला कांस्टेबल पर रुपये वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया है।
तालू गांव के रहने वाले मंदीप पेशे से किसान हैं। मंदीप, उसके परिवार का अजय और रोहतक के सुंदरपुर गांव में रहने वाला उसका रिश्तेदार मोनू तीनों ही नौकरी की तलाश में लगे थे। मूलरूप से नारनौल के राखीखास और हाल में सोनीपत के सेक्टर 23 की हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहने वाली अंजू से तीनों की मुलाकात हुई। तीनों अंजू के साथ ही उसकी मां राजबाला, बहन पिंकी और सोनीपत के जवाहर नगर के रवींद्र से भी मिले। अंजू बीएसएफ में कांस्टेबल हैं और पठानकोट के माधोपुर में तैनात हैं। रवींद्र भी बीएसएफ में तैनात था। मंदीप ने बताया कि अंजू ने इनको झांसा दिया कि वह तीनों को बीएसएफ में भर्ती करा देगी। इसके लिए 12 लाख रुपये मांगे। कहा गया कि 12 लाख रुपये देने के बाद उनको फिजिकल और टेस्ट नहीं देना पड़ेगा। मंदीप, अजय और मोनू के परिजनों ने अंजू व उसके परिवार वालों को 9 लाख रुपये दिए। ये रुपये 2013 में भैणी महाराजपुर गांव में दिए गए। उसके बाद कई बार तीनों ने अंजू से भर्ती करवाने के लिए कहा, लेकिन वह उनको टरकाती रही। हारकर तीनों ने अपने रुपये वापस मांगे तो अंजू ने उनको एक लाख 90 हजार रुपये लौटा दिए। बाकी रुपये भी मांगे, लेकिन आरोपियों ने मना कर दिया। इस पर पीड़ित पक्ष ने महम थाने में चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जांच अधिकारी एएसआई समुंद्र का कहना है कि अंजू के बारे में अभी जानकारी नहीं लग सकी है। रवींद्र का पता चला है कि वह दिल्ली में रहता है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पिता की मौत के बाद मिली थी अंजू को नौकरी
बीएसएफ की जिस महिला कांस्टेबल अंजू पर ठगी का आरोप लगा है, उसके पिता कुलदीप भी बीएसएफ में तैनात थे। उनकी ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी और उनकी जगह ही अंजू को नौकरी मिली थी। उस दौरान ही अंजू की मुलाकात बीएसएफ में कार्यरत रवींद्र नाम के युवक से हुई। मंदीप ने बताया कि उनसे रुपये लेते समय कहा गया था कि उनको चालक, कांस्टेबल, पानी की सप्लाई करने वाले विभाग में अलग-अलग भर्ती कराया जाएगा। वादा किया था कि सीधे ज्वाइनिंग लेटर और फिर ट्रेनिंग पर भेज दिया जाएगा। इस मामले में अंजू के खिलाफ बीएसएफ के कर्नल के पास भी शिकायत की गई है।
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तालू गांव के रहने वाले मंदीप पेशे से किसान हैं। मंदीप, उसके परिवार का अजय और रोहतक के सुंदरपुर गांव में रहने वाला उसका रिश्तेदार मोनू तीनों ही नौकरी की तलाश में लगे थे। मूलरूप से नारनौल के राखीखास और हाल में सोनीपत के सेक्टर 23 की हाउसिंग बोर्ड कालोनी में रहने वाली अंजू से तीनों की मुलाकात हुई। तीनों अंजू के साथ ही उसकी मां राजबाला, बहन पिंकी और सोनीपत के जवाहर नगर के रवींद्र से भी मिले। अंजू बीएसएफ में कांस्टेबल हैं और पठानकोट के माधोपुर में तैनात हैं। रवींद्र भी बीएसएफ में तैनात था। मंदीप ने बताया कि अंजू ने इनको झांसा दिया कि वह तीनों को बीएसएफ में भर्ती करा देगी। इसके लिए 12 लाख रुपये मांगे। कहा गया कि 12 लाख रुपये देने के बाद उनको फिजिकल और टेस्ट नहीं देना पड़ेगा। मंदीप, अजय और मोनू के परिजनों ने अंजू व उसके परिवार वालों को 9 लाख रुपये दिए। ये रुपये 2013 में भैणी महाराजपुर गांव में दिए गए। उसके बाद कई बार तीनों ने अंजू से भर्ती करवाने के लिए कहा, लेकिन वह उनको टरकाती रही। हारकर तीनों ने अपने रुपये वापस मांगे तो अंजू ने उनको एक लाख 90 हजार रुपये लौटा दिए। बाकी रुपये भी मांगे, लेकिन आरोपियों ने मना कर दिया। इस पर पीड़ित पक्ष ने महम थाने में चारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। जांच अधिकारी एएसआई समुंद्र का कहना है कि अंजू के बारे में अभी जानकारी नहीं लग सकी है। रवींद्र का पता चला है कि वह दिल्ली में रहता है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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पिता की मौत के बाद मिली थी अंजू को नौकरी
बीएसएफ की जिस महिला कांस्टेबल अंजू पर ठगी का आरोप लगा है, उसके पिता कुलदीप भी बीएसएफ में तैनात थे। उनकी ड्यूटी के दौरान मौत हो गई थी और उनकी जगह ही अंजू को नौकरी मिली थी। उस दौरान ही अंजू की मुलाकात बीएसएफ में कार्यरत रवींद्र नाम के युवक से हुई। मंदीप ने बताया कि उनसे रुपये लेते समय कहा गया था कि उनको चालक, कांस्टेबल, पानी की सप्लाई करने वाले विभाग में अलग-अलग भर्ती कराया जाएगा। वादा किया था कि सीधे ज्वाइनिंग लेटर और फिर ट्रेनिंग पर भेज दिया जाएगा। इस मामले में अंजू के खिलाफ बीएसएफ के कर्नल के पास भी शिकायत की गई है।
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