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Kushinagar News: कप्तानगंज से पडरौना तक हंगामा...16 घंटे बाद शव दफनाया
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कप्तानगंज सच्चिदानंद हॉस्टल में नवजात की मौत के बाद गुमसुम बैठे परिजन। स्रोत -सोशल मीडिया
पडरौना। कप्तानगंज कस्बे के निजी अस्पताल में नवजात की मौत के मामले में अस्पताल परिसर में नौ घंटे धरना देने के बाद जब कोई सुुनवाई नहीं हुई तो घर वाले तहसील पहुंच गए। वहां भी तहसीलदार ने मामले को खास तवज्जो नहीं दी, तो आक्रोशित लोग नवजात का शव लेकर कलक्ट्रेट के लिए पैदल चल दिए। पुलिस ने कप्तानगंज से पडरौना तक तीन स्थानों पर घेराबंदी की लेकिन आक्रोशित लोग शहर के सुभाष चौक पर पहुंच गए। यहां प्रशासन ने उन्हें कलक्ट्रेट जाने से रोक लिया। एडीएम वित्त एवं राजस्व के करीब डेढ़ घंटे समझाने-बुझाने के बाद लोग शांत हुए और करीब 16 घंटे बाद शव दफनाने पर राजी हो गए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने मजिस्टि्रयल जांच का आदेश दिया है। पडरौना के न्यायिक एसडीएम संतराज सिंह बघेल को जांच अधिकारी बनाया गया है। उनके सहयोग में विशेषज्ञ डाॅक्टरों की टीम शामिल की गई है। जांच टीम को तीन दिन के अंदर आख्या देने के लिए कहा गया है। पोस्टमार्टम में नवजात की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। नवजात बच्ची की मौत का गम दूसरे दिन भी परिजनों के चेहरे पर साफ दिखा।
रामकोला थाना क्षेत्र के अमडरिया गांव निवासी अश्वनी मिश्रा की पत्नी मीनाक्षी को प्रसव पीड़ा होने पर 19 अगस्त की शाम को कप्तानगंज कस्बे के सच्चिदानंद अस्पताल में भर्ती कराया। नॉर्मल डिलीवरी से बच्ची का जन्म हुआ। बच्ची को पीलिया होने की बात कहकर डॉक्टर ने भर्ती कर लियाथा। सोमवार को नवजात की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने के बाद घर वाले आक्रोशित हो गए और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का शव लाए जाने के बाद भी परिजन धरने पर बैठे रहे। वे अस्पताल को सील करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे।
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सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक करीब नौ घंटे धरना देने के बाद भी किसी जिम्मेदार अफसर ने सुध नहीं ली तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोग नवजात का शव लेकर कप्तानगंज तहसील पहुंचे और तहसीलदार से शिकायत की। बताया जाता है कि तहसीलदार की बेरुखी से क्षुब्ध घर वालों ने कलक्ट्रेट कूच का एलान कर दिया। नवजात का शव लेकर बड़ी संख्या में लोग परिजनों के साथ कलक्ट्रेट के लिए चल पड़े। बीच में पुलिस ने कप्तानगंज कस्बा और मिश्रौली चौक पर उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने और पडरौना सुभाष चौक पर पहुंच गए। यहां पुलिस ने घेराबंदी कर भीड़ को कलक्टेट जाने से रोक लिया। करीब डेढ़ घंटे तक एडीएम वित्त एवं राजस्व, एएसपी, सीओ, एसडीएम ने वार्ता की। कार्रवाई के आश्वासन के बाद आधी रात को लोग शव लेकर लौट गए।
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मुख्यालय पर दूसरे दिन अलर्ट रही पुलिस
-कप्तानगंज के सच्चिदानंद अस्पताल में नवजात की मौत के बाद सोमवार को आधी रात तक बवाल के बाद पुलिस दूसरे दिन मंगलवार को भी अलर्ट रही। अश्वनी मिश्रा और संदीप मिश्र के नेतृत्व में लोगों ने एडीएम वैभव मिश्रा को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में सीसी टीवी का फुटेेज, बीएचटी, इलाज का रिकार्ड सुरक्षित कर जांच की मांग की गई है। दूसरे दिन जांच टीम ने सच्चिदानंद अस्पताल पहुंचकर डाॅक्टर का बयान दर्ज किया और बीएचटी को कब्जे में ले लिया। रविंद्र नगर धूस थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह कलक्ट्रेट गेट के पास तैनात रहे।
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-मजिस्टि्रयल जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच आख्या आने के बाद जो दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। रात में सुभाष चौक पर लोगों को रोक लिया गया। जांच कर कार्रवाई के आश्वासन पर घर वाले मान गए। इसके बाद परिजनों ने नवजात का शव दफना दिया। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। -वैभव मिश्रा, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)
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मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम महेंद्र सिंह तंवर ने मजिस्टि्रयल जांच का आदेश दिया है। पडरौना के न्यायिक एसडीएम संतराज सिंह बघेल को जांच अधिकारी बनाया गया है। उनके सहयोग में विशेषज्ञ डाॅक्टरों की टीम शामिल की गई है। जांच टीम को तीन दिन के अंदर आख्या देने के लिए कहा गया है। पोस्टमार्टम में नवजात की मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। विसरा सुरक्षित कर लिया गया है। नवजात बच्ची की मौत का गम दूसरे दिन भी परिजनों के चेहरे पर साफ दिखा।
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रामकोला थाना क्षेत्र के अमडरिया गांव निवासी अश्वनी मिश्रा की पत्नी मीनाक्षी को प्रसव पीड़ा होने पर 19 अगस्त की शाम को कप्तानगंज कस्बे के सच्चिदानंद अस्पताल में भर्ती कराया। नॉर्मल डिलीवरी से बच्ची का जन्म हुआ। बच्ची को पीलिया होने की बात कहकर डॉक्टर ने भर्ती कर लियाथा। सोमवार को नवजात की मौत हो गई। इसकी जानकारी होने के बाद घर वाले आक्रोशित हो गए और अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। पोस्टमार्टम के बाद बच्ची का शव लाए जाने के बाद भी परिजन धरने पर बैठे रहे। वे अस्पताल को सील करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते रहे।
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सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक करीब नौ घंटे धरना देने के बाद भी किसी जिम्मेदार अफसर ने सुध नहीं ली तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोग नवजात का शव लेकर कप्तानगंज तहसील पहुंचे और तहसीलदार से शिकायत की। बताया जाता है कि तहसीलदार की बेरुखी से क्षुब्ध घर वालों ने कलक्ट्रेट कूच का एलान कर दिया। नवजात का शव लेकर बड़ी संख्या में लोग परिजनों के साथ कलक्ट्रेट के लिए चल पड़े। बीच में पुलिस ने कप्तानगंज कस्बा और मिश्रौली चौक पर उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन वे नहीं माने और पडरौना सुभाष चौक पर पहुंच गए। यहां पुलिस ने घेराबंदी कर भीड़ को कलक्टेट जाने से रोक लिया। करीब डेढ़ घंटे तक एडीएम वित्त एवं राजस्व, एएसपी, सीओ, एसडीएम ने वार्ता की। कार्रवाई के आश्वासन के बाद आधी रात को लोग शव लेकर लौट गए।
मुख्यालय पर दूसरे दिन अलर्ट रही पुलिस
-कप्तानगंज के सच्चिदानंद अस्पताल में नवजात की मौत के बाद सोमवार को आधी रात तक बवाल के बाद पुलिस दूसरे दिन मंगलवार को भी अलर्ट रही। अश्वनी मिश्रा और संदीप मिश्र के नेतृत्व में लोगों ने एडीएम वैभव मिश्रा को 12 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। मांग पत्र में सीसी टीवी का फुटेेज, बीएचटी, इलाज का रिकार्ड सुरक्षित कर जांच की मांग की गई है। दूसरे दिन जांच टीम ने सच्चिदानंद अस्पताल पहुंचकर डाॅक्टर का बयान दर्ज किया और बीएचटी को कब्जे में ले लिया। रविंद्र नगर धूस थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह कलक्ट्रेट गेट के पास तैनात रहे।
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-मजिस्टि्रयल जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच आख्या आने के बाद जो दोषी मिलेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। रात में सुभाष चौक पर लोगों को रोक लिया गया। जांच कर कार्रवाई के आश्वासन पर घर वाले मान गए। इसके बाद परिजनों ने नवजात का शव दफना दिया। मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। -वैभव मिश्रा, एडीएम (वित्त एवं राजस्व)

कप्तानगंज सच्चिदानंद हॉस्टल में नवजात की मौत के बाद गुमसुम बैठे परिजन। स्रोत -सोशल मीडिया