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सीआईए टीम को लूटने के लिए की फायरिंग, धरे गए चार सुपारी किलर
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Wed, 13 Jul 2016 02:03 AM IST
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पकड़े गये चारों बदमाशों से छह देसी पिस्टल और 27 कारतूस मिले
- फोटो : amar ujala
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बदमाशों ने बिना बत्ती लगी गाड़ी में गश्त कर रहे सीआईए-वन की टीम को लूटने के लिए फायरिंग कर दी। लेकिन सीआईए टीम ने चारों बदमाशों को दबोचकर उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। बदमाशों के पास से छह देसी पिस्टल और 27 कारतूस मिले हैं। पकड़े गये चारों बदमाश रोहतक और भिवानी जिले के रहने वाले हैं। इनमें से दो पहले भी हत्या और चोरी के मामलों में पकड़े जा चुके हैं। पूछताछ में बदमाशों ने कई ऐसे खुलासे किए, जिसने पुलिस को चौंका दिया है। पता चला है कि बदमाश सुपारी लेकर हत्या करते हैं। इस समय उनके निशाने पर गुड़गांव के भोंडसी जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी था। उसकी हत्या 20 लाख रुपये लेकर गुड़गांव के कोर्ट में करनी थी। इसके लिए बदमाश रेकी तक कर चुके हैं। पुलिस ने मंगलवार को चारों बदमाशों को कोर्ट में पेश करके एक दिन के रिमांड पर लिया है।
सीआईए-वन की टीम सोमवार रात एएसआई अमित कुमार के नेतृत्व में कान्ही से पहरावर की ओर गश्त करने जा रही थी। इसी बीच बदमाशों ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि सीआईए टीम की गाड़ी पर बत्ती नहीं लगी थी इस वजह से बदमाशों ने उन्हें आम नागरिक समझकर लूट का प्रयास किया। लेकिन सीआईए टीम ने चारों बदमाशों को दबोच लिया। बदमाशों ने पूछताछ में अपने नाम अमन एवं इंद्रजीत निवासी मायना रोहतक और किरोड़ी एवं अजय निवासी कोहार भिवानी बताया है। उनके खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
गुड़गांव के भोंडसी जेल में बंद कुख्यात की करनी थी हत्या
मामले की जांच कर रहे एएसआई विनोद कुमार ने बताया कि पूछताछ में चारों बदमाशों ने काफी चौंकाने वाली जानकारी दी है। बदमाशों ने बताया कि भोंडसी जेल में बिंद्र गुर्जर नाम का कुख्यात बदमाश बंद है, जिसकी उन्हें हत्या करनी थी। उसकी हत्या के लिए भोंडसी जेल में बंद रोहतक के सुनारिया चौक के ईश्वर पंडित और भिवानी के कोहार के रामबिलास पंडित से बात हुई थी। दोनों हत्या समेत अन्य मामलों में जेल में बंद हैं, जिनकी बिंद्र गुर्जर से दुश्मनी है। बिंद्र की हत्या के लिए 20 लाख रुपये, एक स्कार्पियो और एक स्विफ्ट गाड़ी सुपारी में देना तय हुआ था। इनमें से एक लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे। बाकी चीजें बाद में दी जानी थी। बदमाशों को बिंद्र की हत्या जेल से गुड़गांव कोर्ट में आते समय करनी थी, जिसके लिए वह गुड़गांव कोर्ट की रेकी कर चुके थे। बदमाश हत्या के लिए हथियार और अन्य सामान इकट्ठा करने में लगे थे। सीआईए को आम नागरिक समझकर उनकी गाड़ी लूटना चाहते थे।
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अमर की ईश्वर पंडित तो अजय की रामबिलास से दोस्ती
सीआईए ने जिन बदमाशों को पकड़ा है, इनमें से अमन की भोंडसी जेल में बंद ईश्वर पंडित से दोस्ती है तो अजय रामबिलास शर्मा का दोस्त है। दोनों लगातार जेल में बंद ईश्वर पंडित और रामबिलास शर्मा से फोन एवं मिलाई करके संपर्क में रहते हैं। पुलिस ने बताया कि ईश्वर पंडित और रामबिलास शर्मा ने मिलकर बिंद्र गुर्जर की हत्या करने की साजिश रची थी। साजिश को अंजाम देने के लिए अमन और अजय के साथ सौदा किया था। इसके बाद अमन और अजय ने हत्या करने के लिए अपने दोस्तों इंद्रजीत व किरोड़ी को साथ में जोड़ लिया। बताया कि रामबिलास ने पकड़े जाने से पहले दो पिस्टल अजय को दिए थे और अन्य हथियार अलग-अलग जगहों से जुटाए थे। दोनों बदमाशों को कुछ दिन पहले ईश्वर पंडित व रामबिलास के कहने पर एक व्यक्ति ने गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के पास एक लाख रुपये और हथियार दिए थे। बताया गया कि ईश्वर पंडित और रामबिलास शर्मा जेल के अंदर ही साजिश रचते थे, उसके बाद उस पर बाहर अमल में लाया जाता था।
पहले भी कई हत्या कर चुके हैं बदमाश
पुलिस ने बताया कि अमन 12वीं तक पढ़ा है। उस पर पहले भी हत्या के दो मामले दर्ज हैं। उसने मायना में डबल मर्डर किया था, तो पुरानी आईटीआई के पास एक व्यक्ति की हत्या की थी। इंद्रजीत भी 12वीं पास है। उस पर अभी मामला सामने नहीं आया है। किरोड़ी दसवीं पास है। उसका आपराधिक रिकार्ड पुलिस को नहीं मिला है। जबकि अजय के खिलाफ चोरी के दो मुकदमे भिवानी में दर्ज हैं।
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सीआईए-वन की टीम सोमवार रात एएसआई अमित कुमार के नेतृत्व में कान्ही से पहरावर की ओर गश्त करने जा रही थी। इसी बीच बदमाशों ने उनकी गाड़ी पर फायरिंग कर दी। बताया जा रहा है कि सीआईए टीम की गाड़ी पर बत्ती नहीं लगी थी इस वजह से बदमाशों ने उन्हें आम नागरिक समझकर लूट का प्रयास किया। लेकिन सीआईए टीम ने चारों बदमाशों को दबोच लिया। बदमाशों ने पूछताछ में अपने नाम अमन एवं इंद्रजीत निवासी मायना रोहतक और किरोड़ी एवं अजय निवासी कोहार भिवानी बताया है। उनके खिलाफ सदर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
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गुड़गांव के भोंडसी जेल में बंद कुख्यात की करनी थी हत्या
मामले की जांच कर रहे एएसआई विनोद कुमार ने बताया कि पूछताछ में चारों बदमाशों ने काफी चौंकाने वाली जानकारी दी है। बदमाशों ने बताया कि भोंडसी जेल में बिंद्र गुर्जर नाम का कुख्यात बदमाश बंद है, जिसकी उन्हें हत्या करनी थी। उसकी हत्या के लिए भोंडसी जेल में बंद रोहतक के सुनारिया चौक के ईश्वर पंडित और भिवानी के कोहार के रामबिलास पंडित से बात हुई थी। दोनों हत्या समेत अन्य मामलों में जेल में बंद हैं, जिनकी बिंद्र गुर्जर से दुश्मनी है। बिंद्र की हत्या के लिए 20 लाख रुपये, एक स्कार्पियो और एक स्विफ्ट गाड़ी सुपारी में देना तय हुआ था। इनमें से एक लाख रुपये एडवांस में दिए गए थे। बाकी चीजें बाद में दी जानी थी। बदमाशों को बिंद्र की हत्या जेल से गुड़गांव कोर्ट में आते समय करनी थी, जिसके लिए वह गुड़गांव कोर्ट की रेकी कर चुके थे। बदमाश हत्या के लिए हथियार और अन्य सामान इकट्ठा करने में लगे थे। सीआईए को आम नागरिक समझकर उनकी गाड़ी लूटना चाहते थे।
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अमर की ईश्वर पंडित तो अजय की रामबिलास से दोस्ती
सीआईए ने जिन बदमाशों को पकड़ा है, इनमें से अमन की भोंडसी जेल में बंद ईश्वर पंडित से दोस्ती है तो अजय रामबिलास शर्मा का दोस्त है। दोनों लगातार जेल में बंद ईश्वर पंडित और रामबिलास शर्मा से फोन एवं मिलाई करके संपर्क में रहते हैं। पुलिस ने बताया कि ईश्वर पंडित और रामबिलास शर्मा ने मिलकर बिंद्र गुर्जर की हत्या करने की साजिश रची थी। साजिश को अंजाम देने के लिए अमन और अजय के साथ सौदा किया था। इसके बाद अमन और अजय ने हत्या करने के लिए अपने दोस्तों इंद्रजीत व किरोड़ी को साथ में जोड़ लिया। बताया कि रामबिलास ने पकड़े जाने से पहले दो पिस्टल अजय को दिए थे और अन्य हथियार अलग-अलग जगहों से जुटाए थे। दोनों बदमाशों को कुछ दिन पहले ईश्वर पंडित व रामबिलास के कहने पर एक व्यक्ति ने गुड़गांव के मेदांता अस्पताल के पास एक लाख रुपये और हथियार दिए थे। बताया गया कि ईश्वर पंडित और रामबिलास शर्मा जेल के अंदर ही साजिश रचते थे, उसके बाद उस पर बाहर अमल में लाया जाता था।
पहले भी कई हत्या कर चुके हैं बदमाश
पुलिस ने बताया कि अमन 12वीं तक पढ़ा है। उस पर पहले भी हत्या के दो मामले दर्ज हैं। उसने मायना में डबल मर्डर किया था, तो पुरानी आईटीआई के पास एक व्यक्ति की हत्या की थी। इंद्रजीत भी 12वीं पास है। उस पर अभी मामला सामने नहीं आया है। किरोड़ी दसवीं पास है। उसका आपराधिक रिकार्ड पुलिस को नहीं मिला है। जबकि अजय के खिलाफ चोरी के दो मुकदमे भिवानी में दर्ज हैं।