{"_id":"57d1a55c4f1c1b876a317f81","slug":"bribe-bribe-case-asi-arrested-bribe-court-3-year-imprisonment-court-order-rohtak-haryana","type":"story","status":"publish","title_hn":"20 हजार रुपये रिश्वत मांगते फंसे एएसआई को तीन साल कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
20 हजार रुपये रिश्वत मांगते फंसे एएसआई को तीन साल कैद
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Fri, 09 Sep 2016 01:26 AM IST
विज्ञापन
बिचौलिया रही महिला को भी इतनी सजा, दस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिश्वत लेने के मामले में कोर्ट ने बृहस्पतिवार को एक एएसआई और बिचौलिया महिला को तीन साल की कैद और 10-10 हजार रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोनों को अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने दोनों को तीन दिन पहले दोषी करार दिया था। तत्कालीन अनाज मंडी पुलिस चौकी प्रभारी कंवर सिंह ने दहेज उत्पीड़न के मामले में आरोपियों के नाम एफआईआर से हटाने की एवज में बिचौलिया महिला सुशीला उर्फ शीला के माध्यम से रिश्वत मांगी थी।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत में चले अभियोग के अनुसार विजिलेंस को 5 अगस्त 2011 क ो जनता कॉलोनी की रेखा ने शिकायत दी थी। इसमें महिला का कहना था कि उसके भाई पवन की शादी आरती से हुई है। शादी के बाद आरती ने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करवा दिया। शिकायतकर्ता रेखा का आरोप था कि केस दर्ज होने के बाद तत्कालीन अनाज मंडी चौकी प्रभारी एएसआई कंवर सिंह ने केस में से आरोपियों के नाम हटाने के नाम पर बीस हजार रुपये मांगे। एएसआई ने शीला नाम की महिला के माध्यम से रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत मांगने की बातचीत की सीडी शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को सौंपी। इसके बाद विजिलेंस ने महिला शीला को रंगे हाथ पकड़ लिया। विजिलेंस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
विज्ञापन
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार की अदालत में चले अभियोग के अनुसार विजिलेंस को 5 अगस्त 2011 क ो जनता कॉलोनी की रेखा ने शिकायत दी थी। इसमें महिला का कहना था कि उसके भाई पवन की शादी आरती से हुई है। शादी के बाद आरती ने ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज करवा दिया। शिकायतकर्ता रेखा का आरोप था कि केस दर्ज होने के बाद तत्कालीन अनाज मंडी चौकी प्रभारी एएसआई कंवर सिंह ने केस में से आरोपियों के नाम हटाने के नाम पर बीस हजार रुपये मांगे। एएसआई ने शीला नाम की महिला के माध्यम से रिश्वत की मांग की थी। रिश्वत मांगने की बातचीत की सीडी शिकायतकर्ता ने विजिलेंस को सौंपी। इसके बाद विजिलेंस ने महिला शीला को रंगे हाथ पकड़ लिया। विजिलेंस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। कोर्ट ने पूरे मुकदमे की सुनवाई के बाद दोनों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
विज्ञापन