रोहतक चौहरा हत्याकांड: हत्यारोपी ने अदालत में वीसी से लगाई पहली हाजिरी, चार अक्तूबर को होगी अगली सुनवाई

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रोहतक (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 20 Sep 2021 02:29 PM IST

सार

मामले में अब पुलिस द्वारा केस में आरोप पत्र दाखिल किया जाना है। उम्मीद है कि पुलिस 90 दिन के अंदर ही आरोप पत्र दाखिल कर देगी। इसके बाद पता लग सकेगा कि पुलिस ने केस में आईपीसी की धारा 120बी व 34 किसके खिलाफ लगाई।
रोहतक का चौहरा हत्याकांड।
रोहतक का चौहरा हत्याकांड। - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार

रोहतक के विजय नगर हत्याकांड में माता-पिता, बहन और नानी की हत्या के आरोपी 20 वर्षीय युवक अभिषेक उर्फ मोनू मलिक की सोमवार की अदालत में पेशी हुई। मोनू ने सुनारिया जेल ने पहली बार वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हाजिरी लगाई। अब मामले की अगली सुनवाई 4 अक्तूबर को होगी। पुलिस ने सुरक्षा कारणों के चलते अभिषेक को व्यक्तिगत तौर पर अदालत में पेश नहीं किया।
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सोनीपत जिले के गांव मदीना निवासी बबलू पहलवान 20 साल से रोहतक के विजय नगर में रह रहा था। वह प्रॉपर्टी डीलर के तौर पर काम करता था। उसका 20 वर्षीय बेटा अभिषेक और 19 साल की बेटी नेहा उर्फ तमन्ना थी। 27 अगस्त को प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप उर्फ बबलू पहलवान (45), उसकी पत्नी बबली (40) और सास रोशनी (60) का शव घर में लहूलुहान हालत में मिला था, जबकि नेहा को भी सिर में गोली लगने के चलते पीजीआई में दाखिल कराया गया था, जहां दो दिन बाद उसकी मौत हो गई। चारों को सिर में गोली मारी गई थी। 



पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर बबलू मलिक के साले प्रवीण निवासी सांपला की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में वारदात के तीन दिन बाद पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर के बेटे अभिषेक उर्फ मोनू मालिक को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने खुलासा किया था कि अभिषेक के अपने दोस्त उतराखंड निवासी कार्तिक से संबंध हैं। वह उसके साथ रहना चाहता था, इसके लिए पिता से पहले 5 लाख, फिर 3 लाख रुपये मांगे। पिता ने पैसे नहीं दिए तो अभिषेक ने चारों की गोली मारकर हत्या कर दी। हालांकि अभिषेक के वकील मोहित वर्मा का कहना है कि उसने जेल में अदालत की अनुमति से अभिषेक से मुलाकात की। दावा है कि अभिषेक कह रहा है कि उसे फंसाया गया है।

कई सवालों से घिरी पुलिस की जांच, आरोप पत्र का इंतजार
मामले में अब पुलिस द्वारा केस में आरोप पत्र दाखिल किया जाना है। उम्मीद है कि पुलिस 90 दिन के अंदर ही आरोप पत्र दाखिल कर देगी। इसके बाद पता लग सकेगा कि पुलिस ने केस में आईपीसी की धारा 120बी व 34 किसके खिलाफ लगाई। क्योंकि केस में अभी तक अभिषेक के खिलाफ दूसरे किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अभिषेक को पुलिस ने मुख्य आरोपी माना है। ऐसे में अदालत के अदंर आरोप पत्र दाखिल होने के बाद केस से जुड़े कई सवालों के जवाब मिलेंगे।
पुलिस ने अभिषेक को अदालत में पेश नहीं किया, बल्कि जेल से ही उसकी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से इलाका मजिस्ट्रेट की अदालत में पेशी करवाई गई है। अब आरोप पत्र मिलने के बाद ही पुलिस की जांच से जुड़े कई गंभीर सवालों का जवाब मिल सकेगा। इसके बाद कोर्ट में केस की सुनवाई शुरू होगी। -एडवोकेट मोहित वर्मा, वकील बचाव पक्ष

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