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दुष्कर्म के मामले में मुकरने पर महिला के खिलाफ केस दर्ज
Updated Sun, 18 Mar 2018 01:56 AM IST
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दुष्कर्म मामले में मुकरने पर शिकायतकर्ता महिला के खिलाफ केस दर्ज
- अदालत के आदेश पर हुई कार्रवाई, अदालत ने कहा- इस तरह के मामलों में समय हो रहा बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोनिका गोयल की अदालत के आदेश पर अपहरण और दुष्कर्म के मामले में बयानों से मुकरने पर शिकायतकर्ता महिला के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस तरह के मामलों में बहुत समय बर्बाद हो जाता है, जबकि उस समय को अन्य मुकदमों की सुनवाई में प्रयोग किया जा सकता है।
एक महिला ने 19 मई 2017 को एक व्यक्ति के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म करने का केस दर्ज कराया था। इस मामले में शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज किया गया था। तभी से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता बयानों से मुकर गई। इस पर अदालत ने महिला के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी की है कि शिकायतकर्ता पुलिस को टूल की तरह प्रयोग कर रहे है। ऐसे में आरोपी बरी हो जाते है।
शिकायतकर्ता के खिलाफ एक क्रिमिनल केस आईपीसी की धारा 211 नुकसान पहुंचाने के आशय से झूठे आरोप लगाकर केस दर्ज करवाना, 193 झूठे सबूत पेश करना, 182 पुलिस को झूठी शिकायत देना और 186 सरकारी कर्मचारी की महत्वपूर्ण ड्यूटी में बाधा डालने का केस दर्ज किया गया है। साथ ही अदालत ने आदेश दिए कि यदि जांच में सामने आए कि मुकदमे को खत्म करने को लेकर रुपयों का लेन-देन हुआ तो एफआईआर में आईपीसी की धारा 389 को भी शामिल करने के आदेश दिए। यह धारा जब लगाई जाती है जब किसी व्यक्ति पर केस दर्ज करवाने का भय बनाकर उससे वसूली की जाती है।
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यह था मामला
एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह किला रोड स्थित एक ब्यूटीपार्लर में काम करती है। महिला का कहना था कि पति से झगड़े के बाद वह अपने रिश्तेदार को बुलाने गांव में ही जा रही थी। इसी बीच गांव के ही एक व्यक्ति ने महिला को जबरन गाड़ी में डाल लिया। आरोप था कि व्यक्ति ने खेतों में ले जाकर महिला के साथ दुष्कर्म किया था। इस संबंध में पुलिस ने व्यक्ति के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
हत्या के प्रयास के मामले में बयानों से मुकरने पर शिकायतकर्ता और चश्मदीद के खिलाफ केस
इसी तरह अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह की अदालत के आदेश पर हत्या के प्रयास के मामले में बयानों से मुकरने पर शिकायतकर्ता और चश्मदीद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता विनोद और चश्मदीद अनुज बयानों से पलट गए थे।
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- अदालत के आदेश पर हुई कार्रवाई, अदालत ने कहा- इस तरह के मामलों में समय हो रहा बर्बाद
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोनिका गोयल की अदालत के आदेश पर अपहरण और दुष्कर्म के मामले में बयानों से मुकरने पर शिकायतकर्ता महिला के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस तरह के मामलों में बहुत समय बर्बाद हो जाता है, जबकि उस समय को अन्य मुकदमों की सुनवाई में प्रयोग किया जा सकता है।
एक महिला ने 19 मई 2017 को एक व्यक्ति के खिलाफ अपहरण कर दुष्कर्म करने का केस दर्ज कराया था। इस मामले में शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज किया गया था। तभी से मामला कोर्ट में विचाराधीन था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता बयानों से मुकर गई। इस पर अदालत ने महिला के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने अपने आदेश में टिप्पणी की है कि शिकायतकर्ता पुलिस को टूल की तरह प्रयोग कर रहे है। ऐसे में आरोपी बरी हो जाते है।
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शिकायतकर्ता के खिलाफ एक क्रिमिनल केस आईपीसी की धारा 211 नुकसान पहुंचाने के आशय से झूठे आरोप लगाकर केस दर्ज करवाना, 193 झूठे सबूत पेश करना, 182 पुलिस को झूठी शिकायत देना और 186 सरकारी कर्मचारी की महत्वपूर्ण ड्यूटी में बाधा डालने का केस दर्ज किया गया है। साथ ही अदालत ने आदेश दिए कि यदि जांच में सामने आए कि मुकदमे को खत्म करने को लेकर रुपयों का लेन-देन हुआ तो एफआईआर में आईपीसी की धारा 389 को भी शामिल करने के आदेश दिए। यह धारा जब लगाई जाती है जब किसी व्यक्ति पर केस दर्ज करवाने का भय बनाकर उससे वसूली की जाती है।
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यह था मामला
एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह किला रोड स्थित एक ब्यूटीपार्लर में काम करती है। महिला का कहना था कि पति से झगड़े के बाद वह अपने रिश्तेदार को बुलाने गांव में ही जा रही थी। इसी बीच गांव के ही एक व्यक्ति ने महिला को जबरन गाड़ी में डाल लिया। आरोप था कि व्यक्ति ने खेतों में ले जाकर महिला के साथ दुष्कर्म किया था। इस संबंध में पुलिस ने व्यक्ति के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था।
हत्या के प्रयास के मामले में बयानों से मुकरने पर शिकायतकर्ता और चश्मदीद के खिलाफ केस
इसी तरह अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह की अदालत के आदेश पर हत्या के प्रयास के मामले में बयानों से मुकरने पर शिकायतकर्ता और चश्मदीद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। अदालत में चल रही सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता विनोद और चश्मदीद अनुज बयानों से पलट गए थे।