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27 बैंकों की 259 शाखाएं बंद, यमुनानगर में 500 करोड़ लेन-देन प्रभावित

Thu, 27 Dec 2018 01:28 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 27 Dec 2018 01:28 AM IST
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27 बैंकों की 259 शाखाएं बंद, यमुनानगर में 500 करोड़ लेन-देन प्रभावित
27 बैंकों की 259 शाखाएं बंद, यमुनानगर में 500 करोड़ लेन-देन प्रभावित
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यमुनानगर। अखिल भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ के आह्वान पर 21 दिसंबर को हुई बैंकों की हड़ताल के बाद बुधवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के नेतृत्व में देशभर के बैंकों की हड़ताल रही। इसका असर यमुनानगर जिले में भी देखने को मिला। यहां 27 बैंकों की 259 शाखाएं बंद रही। हड़ताल के चलते पांच सौ करोड़ का लेन-देन प्रभावित रहा। वहीं करीब 50 हजार चेकों का क्लीयरेंस भी अटक गया है। करीब तीन लाख बैंक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा। हजारों उपभोक्ता उस समय परेशान हुए जब वह लेन-देने के लिए बैंक पहुंचे और उन्हें बैंक पर हड़ताल का लटका हुआ बोर्ड मिला और उन्हें वापिस घर जाना पड़ा।
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बैंक ऑफ इंडिया के बाहर प्रदर्शन
सभी बैंकों के कर्मचारियों ने फव्वारा चौक स्थित बैंक ऑफ इंडिया के बाहर एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के कंवीनर कृष्ण लाल गोदवाल व भारतीय बैंक अधिकारी परिसंघ के जिला सचिव शिवभगत व नरेशपाल ने बताया कि यह हड़ताल भारत सरकार की कर्मचारी विरोधी आर्थिक नीतियों के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार एक योजनाबद्ध तरीके से सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को लूटाने का काम कर रही है। सरकार की गलत नीतियों के कारण बैंकों का एनपीए दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है जो बढ़कर छह लाख करोड़ से अधिक हो गया है। जिसका लगभग 73.33 प्रतिशत बड़े कॉरपरेट घरानों के पास है जिसका निचले स्केल के अधिकारी व कर्मचारी बिल्कुल भी जिम्मेवार नहीं है। इस दौरान सुनील कुमार, नरोतम अग्रवाल, गुरनाम सिंह, विकास वर्मा, एसके फुल, विकास कुमार आदि मौजूद रहे।
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बैंकों को विलय किए जाने को लेकर रोष
बैंक कर्मी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। लेकिन सबसे ज्यादा मांग उठाई गई वह थी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का विलय ना किया जाए। साथ बैंकर्मियों ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता के कारण बैंकों का वेतन समझौता एक नवंबर 2017 से लंबित है। उन्होंने अपनी मुख्य मांगों में बताया कि वेतन वृद्धि समझौता लागू किया जाए। सप्ताह में पांच कार्य दिवस की मांग तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए तथा स्कूल सात तक के बैंक अधिकारियों को वेतन वृद्धि में अधिकृत किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार इन मांगों को नहीं मानती तो अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
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एक हजार से अधिक कर्मचारी हड़ताल पर
यमुनानगर जिले में विभिन्न बैंकों की 259 ब्रांच है। सभी ब्रांचों में एक हजार से अधिक कर्मचारी कार्यरत है। जिले में एशिया की सबसे बड़ी मेटल इंडस्ट्रीज होने के कारण करोड़ों में लेन-देन होता है। छोटे व बड़े उद्यमी को अधिक से अधिक बैंक ट्रांजेक्शन करनी पड़ती है। लेकिन बैंकों की हड़ताल होने के चलते कारोबारी वर्ग को भी लेने-देने से प्रभावित होना पड़ा। बैंक की हड़ताल होने के चलते पांच सौ करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है।
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एटीएम के बाहर लगी लंबी लाइन
बैंक बंद होने के बाद एटीएम से नकदी निकासी करने पहुंचे उपभोक्ताओं को यहां भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई बैंकों के एटीएम में तो नकदी हीं नहीं मिली और जिन एटीएम में नकदी थी उनके बाहर लंबी लाइन लगी मिली। 25 दिसंबर की छुट्टी होने के कारण अधिकतर एटीएम में नकदी नहीं थी।
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नौ यूनियन के बैंक कर्मी हड़ताल में हुए शामिल
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान नौ यूनियन के बैंक कर्मी हड़ताल में शामिल हुए और सरकार की गलत नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कई उपभोक्ताओं को मुसीबत का सामना करना पड़ा।

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छह दिनों में केवल एक दिन खुले हैं बैंक
पिछले दिनों में केवल एक दिन बैंक खुले है। 21 दिसंबर को बैंकों की हड़ताल होने, 22 दिसंबर को चौथा शनिवार, 23 दिसंबर को रविवार, 24 को बैंक खुले व 25 को क्रिसमस का अवकाश व 26 दिसंबर को हड़ताल होने के चलते बैंक बंद रहे। जिसके चलते उपभोक्ता परेशान रहे।
फोटो नंबर- 05,06,07,08,09
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