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बच्चा बदलता-ᄋᄂ₩ᅦU¢₩
Updated Mon, 10 Jul 2017 01:23 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पीजीआई के डेड हाउस में लापरवाही के कारण पुलिस को पीएम के बाद गलत बच्चे का शव दे दिया गया। हालांकि कुछ ही देर में गलती का अहसास हुआ और परिसर से बाहर निकलने से पहले ही सही बच्चे का शव पुलिस को सौंपा गया। इस मामले के बाद हड़कंप मच गया और डेड हाउस में काम करने वाले चिकित्सक और कर्मचारी मामले को दबाते रहे। झज्जर पुलिस ने इसके लिए डॉक्टरों को दोषी ठहराया है।
झज्जर के गांव गांगटान निवासी सतीश के बेटे ढाई साल के प्रीतम की रविवार को आंगन में खेलते समय करंट लगने से मौत हो गई थी। रास्ते में इलाज के लिए आते समय ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद प्रीतम के शव को पोस्टमार्टम के लिए डेड हाउस में रखा गया। रविवार शाम को उसका पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम कराने झज्जर के डीघल चौकी की पुलिस आई थी। चौकी इंचार्ज एएसआई सुरेश का कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें प्रीतम का शव बताकर एक बच्चे का शव सौंप दिया। पुलिस अपनी प्रक्रिया कर शव को ले जाने लगी। इसी बीच वहां के स्टाफ ने बताया कि शव प्रीतम का न होकर गोहाना जिले के एक बच्चे का है। इसको लेकर अफरातफरी मच गई। इसके बाद पुलिस को प्रीतम का शव सौंपा गया। डीघल चौकी इंचार्ज का कहना है कि इसमें पुलिस की कोई गलती नहीं है। उन्हें प्रीतम का शव कहकर ही सौंपा गया था। गलती सुधारने के बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सौंप दिया।
पीजीआई पोस्टमार्टम हाउस में बदला बच्चे का शव
झज्जर पुलिस को दूसरे बच्चे का शव सौंपा
गांव गांगटान निवासी सतीश के ढाई साल के बेटे की रविवार को करंट लगने से हो गई थी मौत
पुलिस के बाहर ले जाने से पहले ही दे दिया सही शव
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रोहतक।
पीजीआई के डेड हाउस में लापरवाही के कारण पुलिस को पीएम के बाद गलत बच्चे का शव दे दिया गया। हालांकि कुछ ही देर में गलती का अहसास हुआ और परिसर से बाहर निकलने से पहले ही सही बच्चे का शव पुलिस को सौंपा गया। इस मामले के बाद हड़कंप मच गया और डेड हाउस में काम करने वाले चिकित्सक और कर्मचारी मामले को दबाते रहे। झज्जर पुलिस ने इसके लिए डॉक्टरों को दोषी ठहराया है।
झज्जर के गांव गांगटान निवासी सतीश के बेटे ढाई साल के प्रीतम की रविवार को आंगन में खेलते समय करंट लगने से मौत हो गई थी। रास्ते में इलाज के लिए आते समय ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद प्रीतम के शव को पोस्टमार्टम के लिए डेड हाउस में रखा गया। रविवार शाम को उसका पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम कराने झज्जर के डीघल चौकी की पुलिस आई थी। चौकी इंचार्ज एएसआई सुरेश का कहना है कि डॉक्टरों ने उन्हें प्रीतम का शव बताकर एक बच्चे का शव सौंप दिया। पुलिस अपनी प्रक्रिया कर शव को ले जाने लगी। इसी बीच वहां के स्टाफ ने बताया कि शव प्रीतम का न होकर गोहाना जिले के एक बच्चे का है। इसको लेकर अफरातफरी मच गई। इसके बाद पुलिस को प्रीतम का शव सौंपा गया। डीघल चौकी इंचार्ज का कहना है कि इसमें पुलिस की कोई गलती नहीं है। उन्हें प्रीतम का शव कहकर ही सौंपा गया था। गलती सुधारने के बाद पुलिस ने शव को परिजनों को सौंप दिया।
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पीजीआई पोस्टमार्टम हाउस में बदला बच्चे का शव
झज्जर पुलिस को दूसरे बच्चे का शव सौंपा
गांव गांगटान निवासी सतीश के ढाई साल के बेटे की रविवार को करंट लगने से हो गई थी मौत
पुलिस के बाहर ले जाने से पहले ही दे दिया सही शव