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पीजीआई ले जाते वक्त एंबुलेंस में ऑक्सीजन हुई खत्म, सांप काटे व्यक्ति ने तोड़ा दम -

Thu, 08 Jun 2017 09:31 PM IST
Updated Thu, 08 Jun 2017 09:31 PM IST
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पीजीआई ले जाते वक्त एंबुलेंस में ऑक्सीजन हुई खत्म, सांप काटे व्यक्ति ने तोड़ा दम -
पीजीआई ले जाते वक्त एंबुलेंस में ऑक्सीजन हुई खत्म, सांप काटे व्यक्ति ने तोड़ा दम
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छछरौली के गांव लेदाखास में गुरुवार सुबह खेत में बने कमरे में आराम कर रहे मजदूर को सांप ने काटा, ऑक्सीजन खत्म होने से स्वास्थ्य विभाग पर उठे सवाल
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही उस वक्त सामने आई, जब सांप काटने पर गंभीर अवस्था में पीजीआई चंडीगढ़ ले जा रहे व्यक्ति को लगाई गई ऑक्सीजन समाप्त हो गई। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन खत्म होने से व्यक्ति की जान गई है। विभागीय अधिकारी जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कह रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
बिहार के बेतिया जिला निवासी संजू चौधरी (34) दो दिन पहले अपने साथियों के साथ धान की फसल की रोपाई के लिए छछरौली क्षेत्र के गांव लेदाखास में किसान के पास आया था। वह किसान के खेत में बने एक कमरे में रह रहे थे। गुरुवार सुबह जब संजू कमरे में नीचे लेटा हुआ था तो उसके हाथ पर सांप ने काट लिया। सांप काटने पर उसने शोर मचाया तो उसके साथी उसे छछरौली अस्पताल में ले गए। वहां से चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया, लेकिन हालत में सुधार नहीं होता देख चिकित्सकों ने उसे चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया। गंभीर हालत के चलते एंबुलेंस में संजू को ऑक्सीजन मास्क लगाकर रवाना किया गया। एंबुलेंस में संजू के साथ गए साथियों ने बताया कि जब एंबुलेंस जगाधरी बिलासपुर के बीच पहुंची तो रास्ते में सिलेंडर से ऑक्सीजन खत्म हो गई। उन्होंने इसकी सूचना एंबुलेंस में मौजूद ईएमटी को दी। ईएमटी ने ऑक्सीजन मॉस्क की जांच की तो ऑक्सीजन नहीं चल रही थी। ईएमटी ने बताया कि सिलेंडर में ऑक्सीजन खत्म है। बिलासपुर पीएचसी से दूसरा सिलेंडर लेना पड़ेगा। इसके बाद बिलासपुर पीएचसी से दूसरा सिलेंडर लिया गया। इस दौरान संजू की तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। जब वे साढौरा के नजदीक पहुंचे तो संजू ने दम तोड़ दिया। मृतक संजू के परिजनों और साथियों का आरोप है कि एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से संजू की मौत हुई है। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
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ऑक्सीजन नहीं हुई खत्म
एंबुलेंस सर्विस इंचार्ज एवं डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई में दिक्कत आ रही थी। इसलिए सिलेंडर बदला गया। ऑक्सीजन खत्म नहीं हुई थी। वहीं मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि ऑक्सीजन सिलेंडर की ऑक्सीजन खत्म हो गई थी।
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स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही
जब भी किसी मरीज को अस्पताल से पीजीआई या दूसरे अस्पताल में रेफर किया जाता है। इसके अलावा किसी भी स्थान से मरीज को लेने जाने से पहले भी एंबुलेंस में ऑक्सीजन, ग्लूकोज व अन्य साजों सामान की जांच की जाती है। यह जिम्मा एंबुलेंस में साथ जाने वाले इएमटी का होता है। इसी के बाद एंबुलेंस रवाना होती है। लेकिन गुरुवार को इसमें लापरवाही बरती गई। एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलेंडर की जांच नहीं की गई। इसके चलते संजू की जान चली गई।

इएमटी बरतते है लापरवाही
एंबुलेंस में मरीजों को सुविधा दी जाए, इसके लिए ड्राईवर के साथ एंबुलेंस में एक ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्रीशियन) भेजा जाता है। ईएमटी की ड्यूटी एंबुलेंस के अंदर मरीज को उपचार देना व उसकी देखभाल करना होती है। लेकिन अधिकतर इएमटी अपनी सेवाओं में लापरवाही बरतते हैं। ईएमटी मरीज के साथ न बैठ कर एंबुलेंस में आगे बैठ कर जाते हैं।
सावधान से बच सकती थी जान
परिजनों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग ने संजू को उपचार देने में लापरवाही बरती है। पहले संजू को छछरौली के सामुदायिक केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सक नदारद मिलें। वहां कोई इलाज न मिला तो वे उसे ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां गंभीर हालत में उसे पीजीआई रेफर कर दिया। जिस एंबुलेंस में उसे रेफर किया गया, उसका सिलेंडर खत्म हो गया। छछरौली से ट्रॉमा सेंटर तक स्वास्थ्य विभाग ने लापरवाही बरती। अगर समय रहते छछरौली में ही इलाज मिल जाता और ऑक्सीजन होती तो शायद पीजीआई में संजू की जान बच जाती।


जांच की जाएगी
मामला गंभीर है। इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई, इसकी पूरी जांच की जाएगी। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे और लापरवाही करने वाले कर्मचारी और डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सिविल सर्जन, सिविल अस्पताल यमुनानगर।

सिलेंडर से ऑक्सीजन सप्लाई में दिक्कत आ रही थी। इसलिए सिलेंडर बदला गया। ऑक्सीजन खत्म नहीं हुई थी।
डॉ. सुनील कुमार, एंबुलेंस सर्विस इंचार्ज एवं डिप्टी सिविल सर्जन।
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