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कलम नहीं हथियार आ रहे रास
Updated Sat, 05 May 2018 02:20 AM IST
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फोटो परिचय
एमए-10
सिविल लाइन थाने पर जाट आरक्षण के दौरान बवाल करने वालों के सीसीटीवी में कैद चस्पा कराए गए आरोपियों के फोटो।
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जाट आरक्षण के दौरान दंगा करने वाले 33 लोगों की सीसीटीवी से पहचान कर रही एसआईटी, पोस्टर चस्पा
- जाट आंदोलन के दौरान रोहतक में हुए थे 250 से अधिक मामले, एसआईटी हिसार भी कर रही मामले की जांच
- सोशल मीडिया पर भी फोटो को डालकर बवालियों की जा रही पहचान, हिसार एसआईटी ने विभिन्न थानों पर पहुंचकर मांगा सहयोग
महबूब अली
रोहतक।
वर्ष 2016 में जाट आरक्षण को लेकर हुए बवाल के 33 आरोपियों की पहचान अब एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से शुरु कर दी है। हिसार एसआईटी ने कई थानों पर पहुंचकर शुक्रवार को शहर के विभिन्न थानों पर 33 बवालियों के फोटो चस्पा कराए गए। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी आरोपियों के फोटो भेजकर पहचान की जा रही है।
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की आग 19 फरवरी 2016 को शुरू हो गई थी। आरक्षण की मांग को पूरा नहीं किए जाने के विरोध में गुस्साए लोगों ने पुलिस महानिरीक्षक का आवास, सर्किट हाउस, मंत्री आवास व सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया था। इसके अलावा कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया था। यहीं नहीं वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास को भी फूं क दिया गया था।
नौकरियों और शिक्षा में जाटों को आरक्षण की मांग के लिए हुए जाट आंदोलन का केंद्र रोहतक था। इसमें 30 से ज्यादा लोगों की जानें चली गई थीं और करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी। हत्या, आगजनी, तोडफोड़ ,लूटपाट समेत विभिन्न धाराओं के हजारों लोगों पर केस दर्ज किए गए थे। पहले मामले की जांच पुलिस कर रही थी। बाद में यह जांच एसआईटी हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी को भी सौंप दी गई थीं।
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सिविल थाना इंचार्ज श्री भगवान ने बताया कि हिसार एसआईटी थाने पर पहुंची। जाट आरक्षण के दौरान बवाल करने वाले 33 सीसीटीवी फुटेज में कैद आरोपियों के फोटो थाने पर चस्पा कराए गए। यहीं नहीं पुलिस से भी आरोपियेां को पकड़वाने में सहयोग मांगा गया। पुलिस ने आरोपियों को पकड़वाने में सहयोग का आश्वासन दिया है।
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लोगों का नाम रखा जाएगा गोपनीय
सिविल थाना इंचार्ज का कहना है कि यदि जाट आरक्षण के दौरान हुए बवाल के संबंध में कोई भी व्यक्ति कोई जानकारी देना चाहता है तो दे सकता है। उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। पुलिसकर्मियों को भी एसआईटी का पूरा सहयोग करने को कहा है।
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एमए-10
सिविल लाइन थाने पर जाट आरक्षण के दौरान बवाल करने वालों के सीसीटीवी में कैद चस्पा कराए गए आरोपियों के फोटो।
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जाट आरक्षण के दौरान दंगा करने वाले 33 लोगों की सीसीटीवी से पहचान कर रही एसआईटी, पोस्टर चस्पा
- जाट आंदोलन के दौरान रोहतक में हुए थे 250 से अधिक मामले, एसआईटी हिसार भी कर रही मामले की जांच
- सोशल मीडिया पर भी फोटो को डालकर बवालियों की जा रही पहचान, हिसार एसआईटी ने विभिन्न थानों पर पहुंचकर मांगा सहयोग
महबूब अली
रोहतक।
वर्ष 2016 में जाट आरक्षण को लेकर हुए बवाल के 33 आरोपियों की पहचान अब एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से शुरु कर दी है। हिसार एसआईटी ने कई थानों पर पहुंचकर शुक्रवार को शहर के विभिन्न थानों पर 33 बवालियों के फोटो चस्पा कराए गए। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी आरोपियों के फोटो भेजकर पहचान की जा रही है।
हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की आग 19 फरवरी 2016 को शुरू हो गई थी। आरक्षण की मांग को पूरा नहीं किए जाने के विरोध में गुस्साए लोगों ने पुलिस महानिरीक्षक का आवास, सर्किट हाउस, मंत्री आवास व सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया था। इसके अलावा कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया था। यहीं नहीं वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास को भी फूं क दिया गया था।
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नौकरियों और शिक्षा में जाटों को आरक्षण की मांग के लिए हुए जाट आंदोलन का केंद्र रोहतक था। इसमें 30 से ज्यादा लोगों की जानें चली गई थीं और करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी। हत्या, आगजनी, तोडफोड़ ,लूटपाट समेत विभिन्न धाराओं के हजारों लोगों पर केस दर्ज किए गए थे। पहले मामले की जांच पुलिस कर रही थी। बाद में यह जांच एसआईटी हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी को भी सौंप दी गई थीं।
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सिविल थाना इंचार्ज श्री भगवान ने बताया कि हिसार एसआईटी थाने पर पहुंची। जाट आरक्षण के दौरान बवाल करने वाले 33 सीसीटीवी फुटेज में कैद आरोपियों के फोटो थाने पर चस्पा कराए गए। यहीं नहीं पुलिस से भी आरोपियेां को पकड़वाने में सहयोग मांगा गया। पुलिस ने आरोपियों को पकड़वाने में सहयोग का आश्वासन दिया है।
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लोगों का नाम रखा जाएगा गोपनीय
सिविल थाना इंचार्ज का कहना है कि यदि जाट आरक्षण के दौरान हुए बवाल के संबंध में कोई भी व्यक्ति कोई जानकारी देना चाहता है तो दे सकता है। उसका नाम गोपनीय रखा जाएगा। पुलिसकर्मियों को भी एसआईटी का पूरा सहयोग करने को कहा है।