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गेटमैन पर हमला

Fri, 25 Jan 2019 02:46 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 25 Jan 2019 02:46 AM IST
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गेटमैन पर हमला
अमर उजाला ब्यूरो
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रोहतक। गरीबरथ एक्सप्रेस में डकैती के 48 घंटे के अंदर ही बदमाशों ने वीरवार की रात रेलवे गार्ड से मारपीट कर लूट लिया। लूट की वारदात के ठीक ढाई घंटे बाद रात करीब साढ़े 10 बजे रोहतक रेलवे के आउटर पर ट्रैक क्रॉसिंग के बीच पत्थर फंसाकर पैसेंजर ट्रेन को रोकने का प्रयास किया गया। संदेह जताया जा रहा है कि ट्रेन को एक और वारदात के इरादे से रोका गया था, हालांकि इसकी जांच की जा रही है। काफी देर तक ट्रेन के रुके रहने पर यात्रियों का धैर्य जवाब दे गया। करीब 22 गुस्साए यात्री पावर कंट्रोल रूम में घुस आए और हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान स्टेशन प्रबंधक अभद्रता और हाथापाई की गई।
रात करीब आठ बजे गीता कॉलोनी निवासी रेलवे में गार्ड दिनेश कुमार रेवाड़ी पैसेंजर ट्रेन को लेकर आए और ड्यूटी खत्म करके वह पटरियों के सहारे घर जा रहे थे। रास्ते में पीछे से आए दो बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। जिससे वह लहूलुहान हो गए। विरोध करने पर बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर दिया और उनका पर्स और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। पर्स में दो हजार रुपये थे। वह किसी तरह रोहतक रेलवे स्टेशन पहुंचे और बेहोश होकर गिर गए। रेलवे अधिकारियों के साथ ही जीआरपी पहुंची और उन्हें घायलावस्था में पीजीआई में भर्ती कराया गया।
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उधर, रात करीब साढ़े 10 बजे रेलवे स्टेशन के आउटर पर ट्रैक की क्रासिंग के बीच में पत्थर फंसाकर रोक दिया गया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि पत्थर फंसाकर ट्रेन को रोकने का प्रयास किया गया। दिल्ली से आ रही पैसेंजर ट्रेन को देख जब पावर कंट्रोल आफिस से क्रासिंग के जरिए पटरी से जोड़ने का प्रयास किया गया तो नहीं जुड़ी। जिससे ट्रेन को तुरंत ही रोका गया। अधिकारियों मानें तो अगर ट्रेन को रोका नहीं जाता तो पत्थर की वजह से पटरी बदलती नहीं और ट्रेन आगे नहीं बढ़ती। ट्रेन पलट भी सकती थी। इसके बाद तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया, लेकिन पत्थर नहीं निकाल सके। ट्रेन चलने में देर होने पर यात्रियों ने हंगामा कर दिया। करीब 22 लोग पावर कंट्रोल ऑफिस पहुंच गए। हंगामे की सूचना पर स्टेशन प्रबंधक वीएस मीणा पहुंचा, जहां उनसे अभद्रता और हाथापाई की गई। सूचना के बाद भी जीआरपी नहीं पहुंची। मामला बढ़ता देख यातायात निरीक्षक बलबीर सिंह ने किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराया। करीब एक घंटा बाद क्रासिंग से पत्थर हटाए जा सके और ट्रेन रवाना हो सकी।
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