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जिला पुलिस ने अनट्रेस दिया करार, पड़ोसी 4 जिलों पुलिस करेगी दंगों की जांच
Updated Mon, 08 Jan 2018 02:25 AM IST
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जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा का मामला :
जिला पुलिस ने दिया अनट्रेस करार, पड़ोसी 4 जिलों पुलिस करेगी दंगों की जांच
- रोहतक पुलिस ने हिंसा के दौरान जिले भर में दर्ज किये 1211 केस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जाट आरक्षण हिंसा के दौरान जिले भर में दर्ज किये गये मामलों में रोहतक पुलिस द्वारा अनट्रेस करार दिये गये केस की जांच पड़ोसी चार जिलों की पुलिस करेगी। हाईकोर्ट के आदेश पर मामलोें की दोबारा जांच के लिए अलग अलग एसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है।
फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिले भर में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी के मामले में रोहतक में उपद्रवियों के खिलाफ 1211 एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें वित्तमंत्री कै प्टन अभिमन्यु की कोठी, सर्किट हाउस और आईजी आवास पर आगजनी व लूटपाट का केस भी शामिल हैं। फिलहाल इन मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। जबकि जिला पुलिस ने करीब 1155 मामलों को अनट्रेस लिखकर ठंडे बस्ते में डाल दिया था। इन मामलों में पुलिस न तो कोई सबूत जुटा पाई थी और न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार कर पाई। जब मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष गया तो हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर इन अनट्रेस मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। अब अनट्रेस मामलों की जांच हिसार, हांसी, सिरसा व फतेहाबाद पुलिस को सौंपी गई है। अनट्रेस रिपोर्ट को चार एसपी में बांट दिया गया है। सबसे महत्वपूर्ण और गंभीर 25-25 मामलों की चारों एसपी प्राथमिकता के आधार पर जांच करेंगे। मामलों की तह तक जाने के लिए घटना के दिन की कॉल सहित वीडियो, मोबाइल लोकेशन की जांच होगी। पुलिस की तरफ से जांच पड़ताल के बाद 56 मामले अदालत मेें भेजे गये हैं।
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जिला पुलिस ने दिया अनट्रेस करार, पड़ोसी 4 जिलों पुलिस करेगी दंगों की जांच
- रोहतक पुलिस ने हिंसा के दौरान जिले भर में दर्ज किये 1211 केस
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
जाट आरक्षण हिंसा के दौरान जिले भर में दर्ज किये गये मामलों में रोहतक पुलिस द्वारा अनट्रेस करार दिये गये केस की जांच पड़ोसी चार जिलों की पुलिस करेगी। हाईकोर्ट के आदेश पर मामलोें की दोबारा जांच के लिए अलग अलग एसपी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की गई है।
फरवरी 2016 में जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जिले भर में तोड़फोड़, लूटपाट और आगजनी के मामले में रोहतक में उपद्रवियों के खिलाफ 1211 एफआईआर दर्ज की गई थी। इनमें वित्तमंत्री कै प्टन अभिमन्यु की कोठी, सर्किट हाउस और आईजी आवास पर आगजनी व लूटपाट का केस भी शामिल हैं। फिलहाल इन मामलों की जांच सीबीआई कर रही है। जबकि जिला पुलिस ने करीब 1155 मामलों को अनट्रेस लिखकर ठंडे बस्ते में डाल दिया था। इन मामलों में पुलिस न तो कोई सबूत जुटा पाई थी और न ही किसी आरोपी को गिरफ्तार कर पाई। जब मामला पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के समक्ष गया तो हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार लगाई। इसके बाद हाईकोर्ट के आदेश पर इन अनट्रेस मामलों की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। अब अनट्रेस मामलों की जांच हिसार, हांसी, सिरसा व फतेहाबाद पुलिस को सौंपी गई है। अनट्रेस रिपोर्ट को चार एसपी में बांट दिया गया है। सबसे महत्वपूर्ण और गंभीर 25-25 मामलों की चारों एसपी प्राथमिकता के आधार पर जांच करेंगे। मामलों की तह तक जाने के लिए घटना के दिन की कॉल सहित वीडियो, मोबाइल लोकेशन की जांच होगी। पुलिस की तरफ से जांच पड़ताल के बाद 56 मामले अदालत मेें भेजे गये हैं।
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