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जाट आरक्षण के दौरान हुए दंगे में हिसार एसआईटी ने किए छह लोगों के बयान दर्ज

Fri, 27 Apr 2018 02:44 AM IST
Updated Fri, 27 Apr 2018 02:44 AM IST
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जाट आरक्षण के दौरान हुए दंगे में हिसार एसआईटी ने किए छह लोगों के बयान दर्ज
जाट आरक्षण के दौरान हुए दंगे में हिसार एसआईटी ने किए छह लोगों के बयान दर्ज
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- रोहतक में दर्ज हुए 250 से अधिक मामलों की जांच कर रही है हिसार एसआईटी
- मोबाइल टावर की रेंज में आने वालों की भी जा रही जांच, दो थानों की पुलिस ने भी दिया मदद का आश्वासन

महबूब अली
रोहतक।
रोहतक में फरवरी 2016 में जाट आरक्षण को लेकर हुए बवाल के मामले में वीरवार को हिसार एसआईटी ने सदर व सिविल लाइन थाने पर पहुंचकर कई लोगों के बयान दर्ज किए। साथ ही स्थानीय पुलिस से भी सहयोग मांगा है। घटना के समय मोबाइल टावर की रेंज में रहने वाले लोगों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है।

हरियाणा में जाट आरक्षण आंदोलन की आग 19 फरवरी 2016 को शुरू हो गई थी। आरक्षण की मांग को पूरा नहीं किए जाने के विरोध में गुस्साए लोगों ने पुलिस महानिरीक्षक का आवास, सर्किट हाउस, मंत्री आवास व सरकारी इमारतों को नुकसान पहुंचाया था। इसके अलावा कई दुकानों को आग के हवाले कर दिया गया था। यहीं नहीं वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास को भी फूं क दिया गया था।
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नौकरियों और शिक्षा में जाटों को आरक्षण की मांग के लिए हुए जाट आंदोलन का केंद्र रोहतक था। इसमें 30 से ज्यादा लोगों की जानें चली गई थीं और करोड़ों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई थी। हत्या, आगजनी, तोडफोड़ ,लूटपाट समेत विभिन्न धाराओं के हजारों लोगों पर केस दर्ज किए गए थे। पहले मामले की जांच पुलिस कर रही थी। बाद में यह जांच एसआईटी हिसार, फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी को भी सौंप दी गई थीं।
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एसआईटी हिसार के एएसआई बलवंत ने सदर थाने पर टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने सदर में रहने वाले संजीव, अभिमन्यु समेत छह लोगों के बयान दर्ज किए। एएसआई ने बताया कि हिसार एएसआई बवाल के दौरान दर्ज हुए 250 मामलों की जांच की रही है। हालांकि अभी जांच में कोई अन्य लोगों के नाम प्रकाश में नहीं आया। एसआईटी ने सदर पुलिस से भी इस संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारियां हासिल की। घटना के समय मोबाइल टावर की रेंज में आकर कॉल करने वाले लोगों की भी जांच की जा रही है।

एसआईटी ने जाट आरक्षण को लेकर हुए बवाल के मामले में थाने पर बुलाकर कई लोगों से पूछताछ की है। थाना पुलिस हिसार व अन्य जिलों की एसआईटी की मदद कर रही है।
- मकसूद अहमद, एसएचओ सदर थाना रोहतक

हमारा कोई लेना देना नहीं था
एसआईटी द्वारा पूछताछ के बाद अमर उजाला ने थाने से बाहर निकल रहे दो लोगों से बात की। दोनों ने कहा कि घटना के समय वह अपने घरों के अंदर थे। घटना से उनका कोई लेना देना नहंी है। यहीं कारण है कि वह जब भी एसआईटी या फिर पुलिस उन्हें बुलाने क लिए आती है वह तुरंत ही पहुंच जाते है।

पुलिस लाइन में ही डाल लिया डेरा
जाट आरक्षण को लेकर हुए बवाल के मामले की जांच करने के लिए हिसार एसआईटी ने पुलिस लाइन में ही डेरा डाल दिया है। एएसआई बलवंत सिंह का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। किसी भी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा।


देश भर में पहुंची थी आंदोलन की गूंज
रोहतक में जाट आंदोलन के दौरान हुए बवाल की गूंज देशभर में जा पहुंची थी। हरियाणा के अलावा यूपी, राजस्थान में भी जाट समुदाय के लोगों ने धरने प्रदर्शन किए थे। कई दिन तक रोहतक में बवाल हुआ था।
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