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अहलावत बने गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान
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सुमेर अहलावत एमडीयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के अगले प्रधान होंगे। वह 30 नवंबर को अपना पदभार संभालेंगे। छह माह बाद कुलवंत मलिक अगले छह महीनों के लिए प्रधान बनेंगे।
एमडीयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के चुनाव 23 नवंबर को हुए थे, जिसमें प्रधान पद पर टाई हो गया था। अहलावत और कुलवंत मलिक को बराबर वोट मिले थे। इसके बाद कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा ने दोनों के मतपत्रों को सील करवाने के बाद कहा था कि बुधवार को इस संबंध में फैसला किया जाएगा। बुधवार सुबह प्रो. तनेजा अनुपस्थित थे तो चुनाव अधिकारी डॉ. राहुल ऋषि ने दोनों पक्षों की बैठक बुलाई ताकि आपसी सहमति बन सके। उन्होंने दोनों के सामने छह-छह माह पदभार संभालने का प्रस्ताव रखा जो दोनों ने मान लिया। इसके बाद कुलवंत मलिक और सुमेर अहलावत के बीच यह सहमति बन गई कि पहले छह माह अहलावत प्रधान रहेंगे। अहलावत ने कहा कि वह 30 नवंबर को पदभार संभालेंगे, तब तक निवर्तमान प्रधान रणधीर कटारिया का कार्यकाल है। उन्होंने कहा कि इस समय स्वायत्तता का मुद्दा सबसे प्रमुख है। विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को लेकर सभी एकजुट हो रहे हैं। टेक्निकल ग्रेड का मुद्दा काफी समय से लंबित है, उसे उठाया जाएगा। कई वर्गों में प्रमोशन काफी समय से लंबित पड़े हैं, इनमें लीगल एडवाइजर, पीआरओ, स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट आदि शामिल हैं, उनके लिए लड़ाई लड़ेंगे। कुछ पदों पर रिटायरमेंट के बाद भी अधिकारियों को एक्सटेंशन दे दिया जाता है, संघ इसका विरोध करेगा। कैंपस स्कूल में पांच साल से रेगुलर प्रिंसिपल नहीं है। जेटीओ का मुद्दा हाईकोर्ट में लंबित है, दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से उसे सुलझाया जाएगा।
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एमडीयू गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के चुनाव 23 नवंबर को हुए थे, जिसमें प्रधान पद पर टाई हो गया था। अहलावत और कुलवंत मलिक को बराबर वोट मिले थे। इसके बाद कुलसचिव प्रो. गुलशन लाल तनेजा ने दोनों के मतपत्रों को सील करवाने के बाद कहा था कि बुधवार को इस संबंध में फैसला किया जाएगा। बुधवार सुबह प्रो. तनेजा अनुपस्थित थे तो चुनाव अधिकारी डॉ. राहुल ऋषि ने दोनों पक्षों की बैठक बुलाई ताकि आपसी सहमति बन सके। उन्होंने दोनों के सामने छह-छह माह पदभार संभालने का प्रस्ताव रखा जो दोनों ने मान लिया। इसके बाद कुलवंत मलिक और सुमेर अहलावत के बीच यह सहमति बन गई कि पहले छह माह अहलावत प्रधान रहेंगे। अहलावत ने कहा कि वह 30 नवंबर को पदभार संभालेंगे, तब तक निवर्तमान प्रधान रणधीर कटारिया का कार्यकाल है। उन्होंने कहा कि इस समय स्वायत्तता का मुद्दा सबसे प्रमुख है। विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को लेकर सभी एकजुट हो रहे हैं। टेक्निकल ग्रेड का मुद्दा काफी समय से लंबित है, उसे उठाया जाएगा। कई वर्गों में प्रमोशन काफी समय से लंबित पड़े हैं, इनमें लीगल एडवाइजर, पीआरओ, स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट आदि शामिल हैं, उनके लिए लड़ाई लड़ेंगे। कुछ पदों पर रिटायरमेंट के बाद भी अधिकारियों को एक्सटेंशन दे दिया जाता है, संघ इसका विरोध करेगा। कैंपस स्कूल में पांच साल से रेगुलर प्रिंसिपल नहीं है। जेटीओ का मुद्दा हाईकोर्ट में लंबित है, दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से उसे सुलझाया जाएगा।
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