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35.6 किलोमीटर प्रति घंटा की हवा और ओलावृष्टि के साथ 30.4 एमएम बारिश किसानों पर आफत बनकर आई

Thu, 05 Mar 2020 02:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 05 Mar 2020 02:18 AM IST
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35.6 km per hour wind and 30.4 mm rain with hail storm came as a shock to the farmers
बुधवार की शाम को बारिश के साथ ओला विष्टी भी हुई रोहतक के आईएमटी चौक पर सड़क के किनारे जमा ओले। अमर ?
तीन दिन तक सक्रिय पश्चिमी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के पहले चरण में ही बुधवार शाम हरियाणा और सटे राजस्थान के हिस्सों में भारी बारिश व ओलावृष्टि हुई। हरियाणा के हिसार, रोहतक, महेंद्रगढ़, सोनीपत जिले में तेज हवा के साथ ओलावृष्टि व बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। पांच और छह मार्च को उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में गरज चमक के साथ बारिश व ओलावृष्टि की आशंका है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटा रहने की आशंका है। बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं व सरसों की फसल को भारी नुकसान पहुंचेगा।
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लाइव वेदर ऑफ इंडिया एनजीओ के सीईओ नवदीप दहिया ने बताया कि बुधवार को 30.4 एमएम बारिश हुई। हवा की गति 35.6 किलोमीटर प्रति घंटा रही। बुधवार को सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का पहला चरण आया है, जो हरियाणा में रोहतक के आसपास क्षेत्रों में सक्रिय रहा। उन्होंने कहा कि यह तो केवल ट्रेलर है। 5-6 मार्च को पूरे उत्तर भारत के मैदानों में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कहर ढहाएगा।
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जनवरी से लेकर अब तक छह पश्चिमी विक्षोभ आए, दस बार हुई बारिश
जनवरी में चार मार्च तक छह पश्चिमी विक्षोभ आए, जिनसे दस बार बारिश हुई है। जनवरी से लेकर अब तक 78.1 एमएम बारिश हुई है। मौसम एक्सपर्ट ने कहा कि मार्च में पहले थोड़े बहुत ओले जरूर गिरे हैं, लेकिन इस बार मार्च में मौसम विभाग की शब्दावली में कहे पहली बार बेस बॉल साइज ओले गिरे हैं।
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2015 के बाद मार्च में हुई इतनी अधिक बारिश
मौसम एक्सपर्ट नवदीप दहिया ने बताया कि इस बार रोहतक में 2015 के बाद मार्च में इतनी अधिक बारिश हुई है। 2015 में एक मार्च को करीब 55 एमएम बारिश हुई थी, उसके बाद मार्च माह में इतनी बारिश नहीं हुई। 2019 में मार्च माह में तीन दिन में 10.4 एमएम बारिश हुई थी। 2018 में मार्च माह में एक दिन भी बारिश नहीं हुई। जबकि इस वर्ष मार्च में अब तक 39.7 एमएम बारिश हो चुकी है। इस बार फरवरी में पिछले साल से कम बारिश रही है। जबकि चार से सात मार्च तक फिर से बारी बारिश की आशंका है।

एक लाख 500 हेक्टेयर गेहूं और 9400 हेक्टेयर सरसों सहित सब्जियों को होगा नुकसान
जिले में कुल एक लाख 500 हेक्टेयर गेहूं की फसल है, जिसमें चालिस प्रतिशत के करीब अगेती और बाकी पछेती फसल है। वहीं 9400 हेक्टेयर में सरसों की फसल है। ओलावृष्टि, तेज हवा और बारिश से गेहूं, सरसों सहित सब्जियों को भी अधिक नुकसान की आशंका है। डीडीए रोहतास सिंह ने कहा कि अब तक की हुई बारिश में अगेती फसल को अधिक नुकसान है। उधर, मौसम विभाग के आंकलन के अनुसार दो दिन और बारिश व ओलावृष्टि की संभावना है। जिसने किसानों की चिंता को बढ़ा दिया है। अनिल मोरखेडी, राजेश शर्मा, रामसिंह सहित किसानों ने कहा कि आधे साल की मेहनत पर बारिश ने पानी फेर दिया है। आने वाले दिनों में और बारिश हुई तो किसानों की फसल 100 प्रतिशत बर्बाद हो जाएगी। किसानों ने प्रशासन से भी अपील की है कि उनकी फसलों के नुकसान की सरकार द्वारा भरपाई कराई जाए।

बुधवार की शाम को हुई झमा झम हुई बारिश। अमर उजाला

बुधवार की शाम को हुई झमा झम हुई बारिश। अमर उजाला

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