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2014 का प्रोजेक्ट ‘मॉडर्न मोर्चरी’ 2021 में भी सपना

Thu, 22 Jul 2021 01:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 01:30 AM IST
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2014's project 'Modern Mortuary' also a dream in 2021
गोवा की तर्ज पर पीजीआईएमएस रोहतक में मॉडर्न मोर्चरी बनने का सपना 2021 में भी सपना ही है। जबकि 2014 में इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी मिल गई थी। इसके लिए सरकार की ओर से लगभग 20 करोड़ का बजट भी जारी हो गया था। इसके बावजूद सात साल बाद भी यह प्रोजेक्ट अभी कागजों में है।
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पीजीआईएमएस रोहतक में हर साल चार हजार के करीब शवों का पोस्टमार्टम होता है। इसमें तीन हजार शव अकेले पीजीआईएमएस के होते हैं, जबकि एक हजार के करीब शव प्रदेश भर से आते हैं। यहां क्षतविक्षत शवों का फोरेंसिक मेडिसिन विभाग के डॉक्टर पोस्टमार्टम करते हैं। स्थिति यह है कि पुराना शव गृह होने के कारण यहां खडे़ रहना भी मुश्किल भरा होता है। आसपास के एरिया में भी शव गृह की गंद मौजूद रहती है। गौरतलब है कि इस प्रोजेक्ट के भवन के लिए आठ करोड़ व इक्यूपमेंट के लिए 12 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है।
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गोवा के बाद दूसरी बेहतरीन मोर्चरी होगी संस्थान में
2008-10 में बनी गोवा की मॉडर्न मोर्चरी देश में नंबर वन पर है। यहां 26 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया गया था। इसके बाद पीजीआईएमएस रोहतक में 20 करोड़ के बजट से मॉडर्न मोर्चरी बनाने का प्रोजेक्ट पास हुआ था। इसमें तीन फ्लोर व 16 पोस्टमार्टम टेबल होंगी। यहां 72 शवों को रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज होगा। इसमें 36 संस्थान के लिए व 36 नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए होगा। फिलहाल संस्थान के पास 16 शवों को रखने की ही जगह है। माडर्न मोर्चरी में टोक्सीकोलॉजी लैब होगी, इसमें मौत के कारण का पता लगाया जा सकेगा। इसके अलावा यहां डिजिटल ऑटोपसी में एक्स-रे, सिटी स्कैन व एमआरआई की सुविधा होगी।
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ट्रंकी प्रोजेक्ट है मॉडर्न मोर्चरी
माडर्न मोर्चरी ट्रंकी प्रोजेक्ट है। इसमें जरूरी है कि भवन निर्माण के साथ-साथ मशीनों को भी फिट किया जाए। इसमें अलग-अलग कार्य नहीं हो सकते।
इस प्रोजेक्ट के लिए बजट राशि जारी कर दी गई है। इस प्रोजेक्ट के लिए पैसा हमारे पास है। यह प्रोजेक्ट लेट क्यों हुआ इसकी जानकारी संबंधित विभाग से ली जाएगी।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस
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