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अमर उजाला एक्सक्लूसिव : चालक भर्ती टेस्ट को बनाया ठगी का माध्यम
Updated Fri, 24 Nov 2017 03:18 AM IST
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डग और एट टेस्ट को बनाया ठगी का माध्यम
- रोडवेज में चालकों की भर्ती के लिए होने वाले टेस्ट का प्रशिक्षण दे रहे निजी बस संचालक
- 2038 चालकों की हरियाणा रोडवेज में होनी है भर्ती
- 11576 ने पास की लिखित परीक्षा, अब देना है टेस्ट
संजय कुमार
रोहतक।
रोडवेज में चालक की नौकरी के लिए प्रयास कर रहे अभ्यर्थियों को प्रेक्टिस के नाम पर निजी बस संचालक ठग रहे हैं। हरियाणा रोडवेज में चालक की परीक्षा पास करने के लिए डग और एट टेस्ट पास करना अनिवार्य है।
यह दोनों टेस्ट प्रदेश के 11576 अभ्यर्थियों के लिए सिरदर्द बने हैं। इसका लाभ निजी बस संचालक बखूबी उठा रहे हैं। प्रदेश भर में विभिन्न स्थानों पर नियमों को ताक पर रख कर अवैध रूप से अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बदले उम्मीदवारों से मनमानी रकम वसूली जा रही है। इससे सरकारी और मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्रों को आर्थिक नुकसान होने के साथ यातायात के नियमों की भी अवहेलना हो रही है।
हरियाणा रोडवेज में 2038 चालकों की भर्ती होनी है। इसके लिए प्रदेश भर में 11576 अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने अपनी लिखित परीक्षा पास कर ली है। अब इनको चालक के लिए प्रेक्टिकल टेस्ट देना है। एक्सपर्ट की मानें तो रोडवेज का डग और एट टेस्ट पास करना आसान नहीं है। इस परीक्षा में सिर्फ एक्सपर्ट ही पास होते हैं, क्योंकि इसका कहीं प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। अनुमान है कि एक हजार उम्मीदवार में से एक ही मुश्किल से यह परीक्षा पास कर पाता है। इसी खौफ का फायदा निजी बस संचालक उठा रहे हैं।
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सूत्रों की मानें तो ये निजी बस संचालक दो बार डग और दो बार एट टेस्ट के लिए प्रेक्टिस करने पर आठ हजार रुपये और एक माह के लिए प्रेक्टिस जारी रखने के लिए एक उम्मीदवार से 15 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। जबकि इन बस संचालकों के पास प्रशिक्षण देने का न तो कोई अनुभव है और न ही कोई मान्यता। ये सवारी बसों में ही उम्मीदवारों के भय का लाभ उठा कर मोटी कमाई कर रहे हैं।
क्या है डग टेस्ट
इसमें बस को बगैर रोके डग पर बस को चढ़ाना होता है। यदि बस रुकती है या पहिया डग पर लगी एंगल पर आता है तो उम्मीदवार फेल हो जाता है। अनुमान है कि इस टेस्ट में ही अधिकांश लोग फेल हो जाते हैं।
क्या है एट टेस्ट
इस टेस्ट में एक्सपर्ट अंकगणित का आठ बनाते हैं और उम्मीदवार को इस पर बस सीधी और उल्टी चलानी होती है। यदि आठ की पट्टी पर पहिया आ जाता है तो उम्मीदवार फेल हो जाता है। एक्सपर्ट की मानें तो इन दोनों टेस्टों को पास अनुभवी चालक ही कर सकता है।
बोले अधिकारी
बगैर अनुमति कोई चालक डग और एट टेस्ट के लिए प्रशिक्षण नहीं दे सकता, यह कानूनी अपराध है। सामान्य रूप से बसों के पास रूट पर चलने का परमिट होता है। इन दो टेस्ट के अलावा चालक का सड़क पर रिवर्स रोड टेस्ट, ब्रेक-क्लच प्रयोग, राइडिंग, गियर इंगेजिंग व मैनेजमेंट, स्पीड मैनेजमेंट, इंडिकेटर यूज आदि नौ टेस्ट होते हैं। जो लोग बाहर अवैध रूप से निजी बसों पर यह प्रेक्टिस करवा रहे हैं, उन पर यातायात अधिकारी की ओर से कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है।
- गुलाब सिंह, वर्कशाप प्रबंधक, रोहतक डिपो, हरियाणा रोडवेज
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- रोडवेज में चालकों की भर्ती के लिए होने वाले टेस्ट का प्रशिक्षण दे रहे निजी बस संचालक
- 2038 चालकों की हरियाणा रोडवेज में होनी है भर्ती
- 11576 ने पास की लिखित परीक्षा, अब देना है टेस्ट
संजय कुमार
रोहतक।
रोडवेज में चालक की नौकरी के लिए प्रयास कर रहे अभ्यर्थियों को प्रेक्टिस के नाम पर निजी बस संचालक ठग रहे हैं। हरियाणा रोडवेज में चालक की परीक्षा पास करने के लिए डग और एट टेस्ट पास करना अनिवार्य है।
यह दोनों टेस्ट प्रदेश के 11576 अभ्यर्थियों के लिए सिरदर्द बने हैं। इसका लाभ निजी बस संचालक बखूबी उठा रहे हैं। प्रदेश भर में विभिन्न स्थानों पर नियमों को ताक पर रख कर अवैध रूप से अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके बदले उम्मीदवारों से मनमानी रकम वसूली जा रही है। इससे सरकारी और मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्रों को आर्थिक नुकसान होने के साथ यातायात के नियमों की भी अवहेलना हो रही है।
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हरियाणा रोडवेज में 2038 चालकों की भर्ती होनी है। इसके लिए प्रदेश भर में 11576 अभ्यर्थी हैं, जिन्होंने अपनी लिखित परीक्षा पास कर ली है। अब इनको चालक के लिए प्रेक्टिकल टेस्ट देना है। एक्सपर्ट की मानें तो रोडवेज का डग और एट टेस्ट पास करना आसान नहीं है। इस परीक्षा में सिर्फ एक्सपर्ट ही पास होते हैं, क्योंकि इसका कहीं प्रशिक्षण नहीं दिया जाता। अनुमान है कि एक हजार उम्मीदवार में से एक ही मुश्किल से यह परीक्षा पास कर पाता है। इसी खौफ का फायदा निजी बस संचालक उठा रहे हैं।
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सूत्रों की मानें तो ये निजी बस संचालक दो बार डग और दो बार एट टेस्ट के लिए प्रेक्टिस करने पर आठ हजार रुपये और एक माह के लिए प्रेक्टिस जारी रखने के लिए एक उम्मीदवार से 15 हजार रुपये तक वसूल रहे हैं। जबकि इन बस संचालकों के पास प्रशिक्षण देने का न तो कोई अनुभव है और न ही कोई मान्यता। ये सवारी बसों में ही उम्मीदवारों के भय का लाभ उठा कर मोटी कमाई कर रहे हैं।
क्या है डग टेस्ट
इसमें बस को बगैर रोके डग पर बस को चढ़ाना होता है। यदि बस रुकती है या पहिया डग पर लगी एंगल पर आता है तो उम्मीदवार फेल हो जाता है। अनुमान है कि इस टेस्ट में ही अधिकांश लोग फेल हो जाते हैं।
क्या है एट टेस्ट
इस टेस्ट में एक्सपर्ट अंकगणित का आठ बनाते हैं और उम्मीदवार को इस पर बस सीधी और उल्टी चलानी होती है। यदि आठ की पट्टी पर पहिया आ जाता है तो उम्मीदवार फेल हो जाता है। एक्सपर्ट की मानें तो इन दोनों टेस्टों को पास अनुभवी चालक ही कर सकता है।
बोले अधिकारी
बगैर अनुमति कोई चालक डग और एट टेस्ट के लिए प्रशिक्षण नहीं दे सकता, यह कानूनी अपराध है। सामान्य रूप से बसों के पास रूट पर चलने का परमिट होता है। इन दो टेस्ट के अलावा चालक का सड़क पर रिवर्स रोड टेस्ट, ब्रेक-क्लच प्रयोग, राइडिंग, गियर इंगेजिंग व मैनेजमेंट, स्पीड मैनेजमेंट, इंडिकेटर यूज आदि नौ टेस्ट होते हैं। जो लोग बाहर अवैध रूप से निजी बसों पर यह प्रेक्टिस करवा रहे हैं, उन पर यातायात अधिकारी की ओर से कानूनी कार्रवाई करने का प्रावधान है।
- गुलाब सिंह, वर्कशाप प्रबंधक, रोहतक डिपो, हरियाणा रोडवेज