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जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल की समाप्त
Updated Fri, 24 Nov 2017 03:18 AM IST
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जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल की समाप्त
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के जूनियर रेजिडेंट की हड़ताल वीरवार को समाप्त हो गई है। डॉक्टरों की हड़ताल को रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नित्यानंद ने समाप्त कराया है। जूनियर रेजिडेंट डॉॅक्टर चार माह से वेतन न मिलने के चलते विरोध पर अड़ गए थे।
सूत्रों की मानें तो संस्थान जूनियर रेजिडेंट की मानदेय को लेकर लंबे समय से अचरज में चल रहा है। वहीं फैकल्टी भी इसी मुद्दे को लेकर अकाउंट विभाग से खफा चल रही है। मंगलवार रात को जब जूनियर डॉक्टरों ने चार माह से मानदेय न मिलने को मुद्दा बनाया तो सवाल उठने शुरू हो गए। बुधवार जूनियर रेजिडेंटों ने मानदेय को लेकर हड़ताल ही शुरू कर दी। हालांकि, कुछ विभागों में जूनियर रेजिडेंट काम पर रहे। वीरवार को सभी हड़ताली डॉक्टरों से डॉ. एचके अग्रवाल और डॉ. नित्यानंद शर्मा ने बात की और उन्हें बताया कि उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल उनका मानदेय भी उनके खातों में डलवा दिया गया है। अधिकारियों के समझाने के बाद जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। वहीं जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने बताया कि अभी उन्हें एक माह का मानदेय मिला है और तीन माह का बकाया है। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि एक दो दिन में वह भी अकाउंट में आ जाएगा।
अकाउंट अधिकारी को लेकर सोशल मीडिया पर जंग जारी
सोशल मीडिया पर चल रहे एचएसएमटीए ग्रुप में डॉक्टरों ने संस्थान के अकाउंट आफिसर व सेक्शन आफिसर के प्रति कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। इसमें कहा गया है कि ये लोग फैकल्टी का बिल्कुल सम्मान नहीं करती। यह हर कार्य को लटकाने में अधिक विश्वास रखते हैं। इस संबंध में प्रशासन गूंगा और बहरा हो गया है। कोई भी अपनी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। इसलिए अगले सप्ताह एसोसिएशन जरनल बाडी की बैठक कर इस मुद्दे पर निर्णय लेगी। इस बैठक में मांग रखी जाएगी कि संस्थान में तैनात एओ व एसओ का तबादला किया जाए, क्योंकि दोनों ही संस्थान के लिए सही नहीं हैं। एचएसएमटीए प्रधान डॉ. आरबी जैन ने लिखा है कि उन्हें खेद है कि अधिकारी बगैर विरोध प्रदर्शन के कुछ सुनने और देखने को तैयार ही नहीं हैं। गौरतलब है कि हाल ही में अकाउंट अधिकारी संजीव सचदेवा और प्रधान डॉ. आरबी जैन के बीच निदेशक कार्यालय में कहासुनी हो गई थी। इसके बाद मामला संस्थान की फैकल्टी में विवादित हो रहा है।
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के जूनियर रेजिडेंट की हड़ताल वीरवार को समाप्त हो गई है। डॉक्टरों की हड़ताल को रजिस्ट्रार डॉ. एचके अग्रवाल और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नित्यानंद ने समाप्त कराया है। जूनियर रेजिडेंट डॉॅक्टर चार माह से वेतन न मिलने के चलते विरोध पर अड़ गए थे।
सूत्रों की मानें तो संस्थान जूनियर रेजिडेंट की मानदेय को लेकर लंबे समय से अचरज में चल रहा है। वहीं फैकल्टी भी इसी मुद्दे को लेकर अकाउंट विभाग से खफा चल रही है। मंगलवार रात को जब जूनियर डॉक्टरों ने चार माह से मानदेय न मिलने को मुद्दा बनाया तो सवाल उठने शुरू हो गए। बुधवार जूनियर रेजिडेंटों ने मानदेय को लेकर हड़ताल ही शुरू कर दी। हालांकि, कुछ विभागों में जूनियर रेजिडेंट काम पर रहे। वीरवार को सभी हड़ताली डॉक्टरों से डॉ. एचके अग्रवाल और डॉ. नित्यानंद शर्मा ने बात की और उन्हें बताया कि उनकी मांगों पर विचार किया जा रहा है। फिलहाल उनका मानदेय भी उनके खातों में डलवा दिया गया है। अधिकारियों के समझाने के बाद जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने हड़ताल समाप्त कर दी है। वहीं जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने बताया कि अभी उन्हें एक माह का मानदेय मिला है और तीन माह का बकाया है। इस पर अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि एक दो दिन में वह भी अकाउंट में आ जाएगा।
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अकाउंट अधिकारी को लेकर सोशल मीडिया पर जंग जारी
सोशल मीडिया पर चल रहे एचएसएमटीए ग्रुप में डॉक्टरों ने संस्थान के अकाउंट आफिसर व सेक्शन आफिसर के प्रति कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है। इसमें कहा गया है कि ये लोग फैकल्टी का बिल्कुल सम्मान नहीं करती। यह हर कार्य को लटकाने में अधिक विश्वास रखते हैं। इस संबंध में प्रशासन गूंगा और बहरा हो गया है। कोई भी अपनी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। इसलिए अगले सप्ताह एसोसिएशन जरनल बाडी की बैठक कर इस मुद्दे पर निर्णय लेगी। इस बैठक में मांग रखी जाएगी कि संस्थान में तैनात एओ व एसओ का तबादला किया जाए, क्योंकि दोनों ही संस्थान के लिए सही नहीं हैं। एचएसएमटीए प्रधान डॉ. आरबी जैन ने लिखा है कि उन्हें खेद है कि अधिकारी बगैर विरोध प्रदर्शन के कुछ सुनने और देखने को तैयार ही नहीं हैं। गौरतलब है कि हाल ही में अकाउंट अधिकारी संजीव सचदेवा और प्रधान डॉ. आरबी जैन के बीच निदेशक कार्यालय में कहासुनी हो गई थी। इसके बाद मामला संस्थान की फैकल्टी में विवादित हो रहा है।
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