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121 पोस्ट के लिए गोल्ड मेडलिस्ट ने दी लिखित परीक्षा, पाया 13वां स्थान, फिर भी नौकरी नहीं
Updated Wed, 14 Mar 2018 02:56 AM IST
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121 पोस्ट के लिए गोल्ड मेडलिस्ट ने दी लिखित परीक्षा, पाया 13वां स्थान, फिर भी नौकरी नहीं मिली
-सीएम विंडो पर लिखित शिकायत दे कर मांगा न्याय
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रामगोपाल कॉलोनी निवासी एक पिता ने अपनी बेटी के न्याय के लिए आवाज उठाते हुए सीएम विंडो पर शिकायत दी है। इसमें उसने कहा है कि वह अपनी बेटी को कितनी शिक्षा दे, जिससे उसे सरकार में नौकरी मिले। उसकी बेटी गोल्ड मेडलिस्ट है और उसने 121 रिक्त पदों के लिए लिखित परीक्षा में 13वां स्थान पाया। इसके बाद उसे साक्षात्कार में पीछे धकेल दिया गया।
प्रदीप कुमार शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसकी बेटी दीपिका ने जनवरी 2015 में फार्मासिस्ट के पद पर आवेदन किया था। इसकी लिखित परीक्षा 29 जनवरी 2017 को हुई और 11 सितंबर 2017 को साक्षात्कार हुआ। आवेदन 121 पोस्ट के लिया गया इसमें सामान्य वर्ग के लिए 24 पोस्ट थी। लिखित परीक्षा में दीपिका ने प्रदेश में 120 अंक प्राप्त कर 13वां स्थान पाया, इसके अलावा वह एम फार्मेसी केमिस्ट्री में गोल्ड मेडलिस्ट है। पीएच डी में पहला स्थान प्राप्त कर वह अपनी शिक्षा पूरी कर रही है। इसके बावजूद किसी की समझ में नहीं आ रहा है कि कम अंक प्राप्त करने वाले कैसे नौकरी के लिए चयनित हो गए। सारा खेल साक्षात्कार में खेला गया, क्योंकि साक्षात्कार में जो भी पूछा गया उसका जवाब भी दे दिया गया था। इस संबंध में वह विधायक और मंत्री से भी गुहार लगा चुका है, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। इस पर पीड़ित पिता ने सीएम से पूछा है कि उसे यह बताया जाए कि बेटी को सरकार में नौकरी पाने के लिए आखिर कितना पढ़ना चाहिए और कितने अंक लाने चाहिए। क्योंकि उसे लगता है कि बगैर सिफारिश के उसकी बेटी को चयनित नहीं किया गया है।
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-सीएम विंडो पर लिखित शिकायत दे कर मांगा न्याय
अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
रामगोपाल कॉलोनी निवासी एक पिता ने अपनी बेटी के न्याय के लिए आवाज उठाते हुए सीएम विंडो पर शिकायत दी है। इसमें उसने कहा है कि वह अपनी बेटी को कितनी शिक्षा दे, जिससे उसे सरकार में नौकरी मिले। उसकी बेटी गोल्ड मेडलिस्ट है और उसने 121 रिक्त पदों के लिए लिखित परीक्षा में 13वां स्थान पाया। इसके बाद उसे साक्षात्कार में पीछे धकेल दिया गया।
प्रदीप कुमार शर्मा ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसकी बेटी दीपिका ने जनवरी 2015 में फार्मासिस्ट के पद पर आवेदन किया था। इसकी लिखित परीक्षा 29 जनवरी 2017 को हुई और 11 सितंबर 2017 को साक्षात्कार हुआ। आवेदन 121 पोस्ट के लिया गया इसमें सामान्य वर्ग के लिए 24 पोस्ट थी। लिखित परीक्षा में दीपिका ने प्रदेश में 120 अंक प्राप्त कर 13वां स्थान पाया, इसके अलावा वह एम फार्मेसी केमिस्ट्री में गोल्ड मेडलिस्ट है। पीएच डी में पहला स्थान प्राप्त कर वह अपनी शिक्षा पूरी कर रही है। इसके बावजूद किसी की समझ में नहीं आ रहा है कि कम अंक प्राप्त करने वाले कैसे नौकरी के लिए चयनित हो गए। सारा खेल साक्षात्कार में खेला गया, क्योंकि साक्षात्कार में जो भी पूछा गया उसका जवाब भी दे दिया गया था। इस संबंध में वह विधायक और मंत्री से भी गुहार लगा चुका है, लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की। इस पर पीड़ित पिता ने सीएम से पूछा है कि उसे यह बताया जाए कि बेटी को सरकार में नौकरी पाने के लिए आखिर कितना पढ़ना चाहिए और कितने अंक लाने चाहिए। क्योंकि उसे लगता है कि बगैर सिफारिश के उसकी बेटी को चयनित नहीं किया गया है।
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