{"_id":"6a96d97f9abdb910870dbd55","slug":"devotees-will-delight-laddu-gopal-with-perfume-rohtak-news-c-17-ali1038-913605-2026-09-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: इत्र से लड्डू गोपाल को रिझाएंगे भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: इत्र से लड्डू गोपाल को रिझाएंगे भक्त
Tue, 01 Sep 2026 07:26 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Tue, 01 Sep 2026 07:26 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो: 11, 12
जन्मष्टमी पर कान्हा सजाने की तैयारी, वृंदावन से आए पंचामृत, मोगरा, खस और बारिश की मिट्टी की खुशबू वाले इत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जन्माष्टमी को लेकर शहर के बाजारों में लड्डू गोपाल के शृंगार की खरीदारी शुरू हो गई है। इस बार खास आकर्षण वृंदावन से आए अलग-अलग खुशबू वाले इत्र हैं। जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का शृंगार करने के साथ उन्हें इत्र से सुगंधित करने के लिए भी खरीदारी कर रहे हैं।
रेलवे रोड के दुकानदार तरुण जैन ने बताया कि इस बार अष्टधातु और पीतल के लड्डू गोपाल की मांग ज्यादा है। पीतल की मूर्तियों की चमक बरकरार रखने के लिए अभ्यंग पाउडर भी मंगाया गया है। इससे मूर्ति की सफाई करने पर उसमें चमक आ जाती है। कान्हा की पोशाक, पगड़ी, बांसुरी, कंगन, मोरपंख, झूले और आसन की भी मांग बढ़ी है।
तरुण जैन ने बताया कि कुंदन और फ्लावर के भारी काम वाली पोशाकें ज्यादा पसंद की जा रही हैं। लड्डू गोपाल की ड्रेस 200 से 1100 रुपये तक में उपलब्ध हैं।
तरुण जैन ने बताया कि इस बार वृंदावन से विशेष इत्र मंगाए गए हैं। इनमें पंचामृत, बारिश की मिट्टी की खुशबू, कुंज गलियां, खस, गुलाब, श्याम शृंगार, सेवाकुंज, मोगरा और ऊद जैसी खुशबू शामिल हैं। इनकी कीमत 50 से 450 रुपये तक है। उनका कहना है कि जिस तरह लोग अपने जन्मदिन पर खुद को सुगंधित करते हैं, उसी तरह जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को भी इत्र से महकाने का चलन बढ़ रहा है।
विज्ञापन
कुंदन और फूलों वाली ड्रेस के साथ इत्र भी खरीद रहे
खरीदारी करने पहुंचीं शांति ने बताया कि हर साल जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए नई पोशाक और शृंगार लिया जाता है। इस बार कुंदन और फूलों वाली ड्रेस के साथ इत्र भी लिया है जिससे जन्माष्टमी पर पूरा शृंगार एक साथ किया जा सके। वहीं प्रिया ने बताया कि इस बार बच्चों के साथ मिलकर लड्डू गोपाल के लिए झूला, पगड़ी, बांसुरी और मोरपंख खरीदा है। वृंदावन जैसी खुशबू वाले इत्र भी पहली बार लिए हैं। जन्माष्टमी के दिन पूजा के साथ लड्डू गोपाल का विशेष शृंगार किया जाएगा।
विज्ञापन
जन्मष्टमी पर कान्हा सजाने की तैयारी, वृंदावन से आए पंचामृत, मोगरा, खस और बारिश की मिट्टी की खुशबू वाले इत्र
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। जन्माष्टमी को लेकर शहर के बाजारों में लड्डू गोपाल के शृंगार की खरीदारी शुरू हो गई है। इस बार खास आकर्षण वृंदावन से आए अलग-अलग खुशबू वाले इत्र हैं। जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का शृंगार करने के साथ उन्हें इत्र से सुगंधित करने के लिए भी खरीदारी कर रहे हैं।
रेलवे रोड के दुकानदार तरुण जैन ने बताया कि इस बार अष्टधातु और पीतल के लड्डू गोपाल की मांग ज्यादा है। पीतल की मूर्तियों की चमक बरकरार रखने के लिए अभ्यंग पाउडर भी मंगाया गया है। इससे मूर्ति की सफाई करने पर उसमें चमक आ जाती है। कान्हा की पोशाक, पगड़ी, बांसुरी, कंगन, मोरपंख, झूले और आसन की भी मांग बढ़ी है।
विज्ञापन
तरुण जैन ने बताया कि कुंदन और फ्लावर के भारी काम वाली पोशाकें ज्यादा पसंद की जा रही हैं। लड्डू गोपाल की ड्रेस 200 से 1100 रुपये तक में उपलब्ध हैं।
तरुण जैन ने बताया कि इस बार वृंदावन से विशेष इत्र मंगाए गए हैं। इनमें पंचामृत, बारिश की मिट्टी की खुशबू, कुंज गलियां, खस, गुलाब, श्याम शृंगार, सेवाकुंज, मोगरा और ऊद जैसी खुशबू शामिल हैं। इनकी कीमत 50 से 450 रुपये तक है। उनका कहना है कि जिस तरह लोग अपने जन्मदिन पर खुद को सुगंधित करते हैं, उसी तरह जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल को भी इत्र से महकाने का चलन बढ़ रहा है।
विज्ञापन
कुंदन और फूलों वाली ड्रेस के साथ इत्र भी खरीद रहे
खरीदारी करने पहुंचीं शांति ने बताया कि हर साल जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के लिए नई पोशाक और शृंगार लिया जाता है। इस बार कुंदन और फूलों वाली ड्रेस के साथ इत्र भी लिया है जिससे जन्माष्टमी पर पूरा शृंगार एक साथ किया जा सके। वहीं प्रिया ने बताया कि इस बार बच्चों के साथ मिलकर लड्डू गोपाल के लिए झूला, पगड़ी, बांसुरी और मोरपंख खरीदा है। वृंदावन जैसी खुशबू वाले इत्र भी पहली बार लिए हैं। जन्माष्टमी के दिन पूजा के साथ लड्डू गोपाल का विशेष शृंगार किया जाएगा।