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गोवंश की गिनती पूरी कर घोटाले पर पर्दा डालने में जुटा निगम और गोशाला
Updated Tue, 03 Oct 2017 03:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
रोहतक।
नगर निगम द्वारा निजी गोशाला में छोड़े गए गोवंश का मामला उलझता जा रहा है। अखिल भारतीय गोशाला पहरावर के संरक्षक एवं पूर्व सरपंच प्रवीण कौशिक खुद अब इस मामले में पर्दा डालने में जुटे हैं। पहले निगम को पूरे गोवंश देने पर अड़े और अब उनका कहना है कि निगम ने 1300 गोवंश छोड़ा था, जिसमें से 850 ले चुके हैं। जबकि 450 अब भी गोशाला में है। उन्होंने कहा, निगम की गोशाला के संचालक राजेश उर्फ टीनू ने अभी जगह न होने की वजह से गोवंश लेने से इंकार दिया था। वहीं निगम के अधिकारी ने भी सभी गोवंश मिलने की बात रिकॉर्ड में लिखी थी। वहीं गोवंश की संख्या में गड़बड़ी के साथ हर महीने गोशाला को देने वाले बिल की बात जब उजागर हुई तो अधिकारी और गोशाला संचालक बैकफुट पर आ गए।
गोवंश की संख्या कम होने के बाद निगम के अधिकारियों ने गोशाला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अधिकारियोें का कहना था मामले को हाईकोर्ट तक ले जाने की बात कही थी। अधिकारियों का कहना था कि जब गोशाला में गायों की संख्या कम थी तो गोशाला संचालक निगम से हर बार कई गुना ज्यादा गोवंश का बिल क्यों देते थे। ऐसे में बड़े घोटाले की शंका जाहिर की गई थी।
निगम आयुक्त से करेंगे बात, कहां गए सैकड़ों गौवंश
गायों की सेवा के नाम पर गड़बड़ी न केवल आर्थिक व बल्कि सामाजिक तौर पर भी भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है। निगम के पैसे की यूं लूट नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस पार्षद मिलकर निगम आयुक्त से पूरे मामले के संबंध में मिलेेंगे। ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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रेनू डाबला, मेयर
उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए
निगम द्वारा छोड़े गए गौवंश की सं या को मिलीभगत से कम ज्यादा किया जा रहा है। क्योंकि गोवंश पर टेग तो लगाया नहीं जाता। इस कारण गोवंश को पकड़ कर दोबारा छोड़ दिया जाता है। इस तरह बार-बार गिनती हो जाती है। इस तरह लाखों रुपये मिलीभगत करके हड़प लिए जाते हैं। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
अशोक खुराना, भाजपा पार्षद वार्ड नंबर 10
हर रोज आ रहा 50 गोवंश, संख्या 800 से पार
निगम की गोशाला में पुरानी गोशाला से 566 गोवंश आया था। निगम की टीम हर रोज 50 के करीब गोवंश पकड़कर छोड़ रही है। एक सप्ताह में सं या 800 के करीब पहुंच गई है। मैंने ने ही और ज्यादा गाय लेने से मना किया था, ताकि पहले मिले गोवंश की सेहत को ठीक कर सकूं।
राजेश लुंबा उर्फ टीनू, संचालक गोशाला नगर निगम
पूरे मामले की जांच पड़ताल करवाई जा रही है। अगर किसी ने गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप कुमार, आयुक्त नगर निगम
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रोहतक।
नगर निगम द्वारा निजी गोशाला में छोड़े गए गोवंश का मामला उलझता जा रहा है। अखिल भारतीय गोशाला पहरावर के संरक्षक एवं पूर्व सरपंच प्रवीण कौशिक खुद अब इस मामले में पर्दा डालने में जुटे हैं। पहले निगम को पूरे गोवंश देने पर अड़े और अब उनका कहना है कि निगम ने 1300 गोवंश छोड़ा था, जिसमें से 850 ले चुके हैं। जबकि 450 अब भी गोशाला में है। उन्होंने कहा, निगम की गोशाला के संचालक राजेश उर्फ टीनू ने अभी जगह न होने की वजह से गोवंश लेने से इंकार दिया था। वहीं निगम के अधिकारी ने भी सभी गोवंश मिलने की बात रिकॉर्ड में लिखी थी। वहीं गोवंश की संख्या में गड़बड़ी के साथ हर महीने गोशाला को देने वाले बिल की बात जब उजागर हुई तो अधिकारी और गोशाला संचालक बैकफुट पर आ गए।
गोवंश की संख्या कम होने के बाद निगम के अधिकारियों ने गोशाला के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। अधिकारियोें का कहना था मामले को हाईकोर्ट तक ले जाने की बात कही थी। अधिकारियों का कहना था कि जब गोशाला में गायों की संख्या कम थी तो गोशाला संचालक निगम से हर बार कई गुना ज्यादा गोवंश का बिल क्यों देते थे। ऐसे में बड़े घोटाले की शंका जाहिर की गई थी।
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निगम आयुक्त से करेंगे बात, कहां गए सैकड़ों गौवंश
गायों की सेवा के नाम पर गड़बड़ी न केवल आर्थिक व बल्कि सामाजिक तौर पर भी भावनाओं को ठेस पहुंचा रहा है। निगम के पैसे की यूं लूट नहीं होनी चाहिए। कांग्रेस पार्षद मिलकर निगम आयुक्त से पूरे मामले के संबंध में मिलेेंगे। ताकि सच्चाई सामने आ सके।
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रेनू डाबला, मेयर
उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए
निगम द्वारा छोड़े गए गौवंश की सं या को मिलीभगत से कम ज्यादा किया जा रहा है। क्योंकि गोवंश पर टेग तो लगाया नहीं जाता। इस कारण गोवंश को पकड़ कर दोबारा छोड़ दिया जाता है। इस तरह बार-बार गिनती हो जाती है। इस तरह लाखों रुपये मिलीभगत करके हड़प लिए जाते हैं। पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए।
अशोक खुराना, भाजपा पार्षद वार्ड नंबर 10
हर रोज आ रहा 50 गोवंश, संख्या 800 से पार
निगम की गोशाला में पुरानी गोशाला से 566 गोवंश आया था। निगम की टीम हर रोज 50 के करीब गोवंश पकड़कर छोड़ रही है। एक सप्ताह में सं या 800 के करीब पहुंच गई है। मैंने ने ही और ज्यादा गाय लेने से मना किया था, ताकि पहले मिले गोवंश की सेहत को ठीक कर सकूं।
राजेश लुंबा उर्फ टीनू, संचालक गोशाला नगर निगम
पूरे मामले की जांच पड़ताल करवाई जा रही है। अगर किसी ने गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
प्रदीप कुमार, आयुक्त नगर निगम