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शिक्षित पंचायत में घटे डिग्री धारक
रेवाड़ी ब्यूरो
Updated Sun, 31 Jan 2016 12:44 AM IST
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रेवाड़ी। पंचायती राज एक्ट में संशोधन के लिए प्रदेश सरकार ने भले ही सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़कर शिक्षित पंचायतों का सपना पूरा कर लिया हो, लेकिन इस बार जिले की सरकार के लिए चुने नुमाइंदों की शैक्षणिक योग्यता के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। चौथे पंचायती राज के चुनाव में जिला परिषदों में चुनकर आए प्रतिनिधियों में बीए, बीएससी, बीकॉम और इससे अधिक पढ़े लिखों की संख्या इस बार चुनकर आए पार्षदों से ज्यादा थी। 2010 में सूबे में 364 पार्षदों में से 119 पार्षद बीए या इससे अधिक शिक्षित थे। इनमें इंजीनियर, डॉक्टर, बिजनेसमैन भी शामिल थे। इस बार बीए पास या डिग्री प्राप्त पार्षदों का आंकड़ा 95 पर आ गया है। ऐसे में भले ही हम कह सकते हैं कि पढ़े लिखों के हाथ में चौधर आई है, लेकिन जिले की सरकार में ज्यादा पढ़े लिखों का ग्राफ जरूर गिरा है। इसके साथ ही बात यदि पंचायत समितियों की चौधर की करें तो यहां डिग्री धारकों की संख्या में कुछ ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई है। 2010 के मुकाबले इस बार डिग्री धारी पंचायत समिति सदस्यों की संख्या में मात्र 12 की ही बढ़ोतरी हुई है। 2010 में जहां 226 सदस्य डिग्री धारक थे, वहीं इस बार इनकी संख्या 238 तक पहुंची है।
92 डिग्री धारक सरपंच बढ़े
गांव के चुने मुखियाओं में डिग्री धारकों की संख्या जरूर 92 बढ़ी है। इससे कहीं ज्यादा सरपंचों की कुल संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। 2010 में 6075 में 574 सरपंच बीए पास या इससे ज्यादा पढ़े लिख थे, जबकि इस बार 6187 में से 666 सरपंच इस श्रेणी में शामिल हैं।
पंचायतों में डिग्रीधारक पंचों की संख्या बढ़ी
राजनीति की पहली सीढ़ी पंच पद के लिए चुने प्रत्याशियों में डिग्री धारकों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। प्रदेश में 2010 में 1342 पंच ही डिग्री धारक थे जबकि इस बार 2056 पंच डिग्री धारक हैं। यह तो वे हैं जो चुनाव जीतकर आए हैं। इनके अलावा 50 फीसदी से ज्यादा निर्विरोध भी चुने गए थे। उनमें भी काफी संख्या में डिग्री धारक पंच बने हैं।
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यह है खास:
पंचायत समिति के जीते सदस्यों में सबसे कम पढ़ी लिखी सदस्य मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के गृह जिले करनाल से चुनी गई है। करनाल जिले के ब्लॉक असंध के वार्ड नंबर-11 से सीमा देवी प्रदेश भर में पंचायत समिति की सदस्य बनी है जो मात्र पांचवीं पास है। बाकी पूरे हरियाणा में सभी इससे ज्यादा पढ़े लिखे हैं।
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92 डिग्री धारक सरपंच बढ़े
गांव के चुने मुखियाओं में डिग्री धारकों की संख्या जरूर 92 बढ़ी है। इससे कहीं ज्यादा सरपंचों की कुल संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। 2010 में 6075 में 574 सरपंच बीए पास या इससे ज्यादा पढ़े लिख थे, जबकि इस बार 6187 में से 666 सरपंच इस श्रेणी में शामिल हैं।
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पंचायतों में डिग्रीधारक पंचों की संख्या बढ़ी
राजनीति की पहली सीढ़ी पंच पद के लिए चुने प्रत्याशियों में डिग्री धारकों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है। प्रदेश में 2010 में 1342 पंच ही डिग्री धारक थे जबकि इस बार 2056 पंच डिग्री धारक हैं। यह तो वे हैं जो चुनाव जीतकर आए हैं। इनके अलावा 50 फीसदी से ज्यादा निर्विरोध भी चुने गए थे। उनमें भी काफी संख्या में डिग्री धारक पंच बने हैं।
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यह है खास:
पंचायत समिति के जीते सदस्यों में सबसे कम पढ़ी लिखी सदस्य मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के गृह जिले करनाल से चुनी गई है। करनाल जिले के ब्लॉक असंध के वार्ड नंबर-11 से सीमा देवी प्रदेश भर में पंचायत समिति की सदस्य बनी है जो मात्र पांचवीं पास है। बाकी पूरे हरियाणा में सभी इससे ज्यादा पढ़े लिखे हैं।