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रसोई गैस के दाम बढ़ने के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग
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रेवाड़ी। एसयूसीआई कम्युनिस्ट ने रसोई गैस के बढ़े दामों के विरोध में शहर में प्रदर्शन करते हुए सरकार का पुतला जलाया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार से इस बढ़ोतरी को अविलंब वापस लेने की मांग भी की।
पार्टी के जिला सचिव कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड महामारी में अधिकांश जनता की आमदनी बहुत ही सीमित हो गई है। डीजल, पेट्रोल समेत तमाम आवश्यक चीजों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं। ऐसे हालात में गैस के दामों में की गई बढ़ोतरी ने यह साबित कर दिया है कि सरकार को आम आदमी की चिंता नहीं रही। पिछले 10 माह में रसोई गैस के दामों में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस पर सब्सिडी खत्म कर दी गई है। अन्य उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी 10 रुपये से भी कम है। अच्छे दिन का नारा देकर सता में आई भाजपा ने जनता के लिए सबसे बुरे दिन ला दिए हैं।
रोटी की कीमत कंपनियां तय करेंगी
उन्होंने कहा कि कल कृषि कानून लागू हो जाते हैं तो रोटी और भूख के दाम भी कंपनियां तय करेंगी और सरकार कहेगी कि हम कुछ नहीं कर सकते हैं। जैसा कि केंद्र सरकार के एक मंत्री ने डीजल- पेट्रोल के दाम बढ़ने पर कहा कि डीजल पेट्रोल के दाम ज्यादा लगते हैं तो साइकिल पर चलना शुरू कर दो। रसोई गैस के दाम बढ़ने पर इसके मंत्री कहेंगे की रोटी बनाना बंद कर दो। सरकार जनता की चौतरफा अनदेखी कर रही है, इसके लिए जोरदार आंदोलन के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। एसयूसीआई कम्युनिस्ट ने मांग की है कि गैस के बढ़ाए दाम तुरंत वापस लिए जाएं। पेट्रोलियम पदार्थों समेत रसोई गैस को सरकार अपने नियंत्रण में ले। रामकुमार निमोठ, करतार सिंह, अजय सिंह, रणबीर सिंह एडवोकेट, अमृतलाल, सुमन देवी, पवन एडवोकेट व सुनील एडवोकेट आदि भी विचार रखे।
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पार्टी के जिला सचिव कामरेड राजेंद्र सिंह एडवोकेट ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड महामारी में अधिकांश जनता की आमदनी बहुत ही सीमित हो गई है। डीजल, पेट्रोल समेत तमाम आवश्यक चीजों के दाम पहले से ही आसमान छू रहे हैं। ऐसे हालात में गैस के दामों में की गई बढ़ोतरी ने यह साबित कर दिया है कि सरकार को आम आदमी की चिंता नहीं रही। पिछले 10 माह में रसोई गैस के दामों में 41 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस पर सब्सिडी खत्म कर दी गई है। अन्य उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी 10 रुपये से भी कम है। अच्छे दिन का नारा देकर सता में आई भाजपा ने जनता के लिए सबसे बुरे दिन ला दिए हैं।
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रोटी की कीमत कंपनियां तय करेंगी
उन्होंने कहा कि कल कृषि कानून लागू हो जाते हैं तो रोटी और भूख के दाम भी कंपनियां तय करेंगी और सरकार कहेगी कि हम कुछ नहीं कर सकते हैं। जैसा कि केंद्र सरकार के एक मंत्री ने डीजल- पेट्रोल के दाम बढ़ने पर कहा कि डीजल पेट्रोल के दाम ज्यादा लगते हैं तो साइकिल पर चलना शुरू कर दो। रसोई गैस के दाम बढ़ने पर इसके मंत्री कहेंगे की रोटी बनाना बंद कर दो। सरकार जनता की चौतरफा अनदेखी कर रही है, इसके लिए जोरदार आंदोलन के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। एसयूसीआई कम्युनिस्ट ने मांग की है कि गैस के बढ़ाए दाम तुरंत वापस लिए जाएं। पेट्रोलियम पदार्थों समेत रसोई गैस को सरकार अपने नियंत्रण में ले। रामकुमार निमोठ, करतार सिंह, अजय सिंह, रणबीर सिंह एडवोकेट, अमृतलाल, सुमन देवी, पवन एडवोकेट व सुनील एडवोकेट आदि भी विचार रखे।
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