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Rewari News: सोलहराही तालाब का लौट रहा वैभव, रोशनी से जगमगाएगा ऐतिहासिक जलाशय
Tue, 08 Sep 2026 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Tue, 08 Sep 2026 11:57 PM IST
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सोलहराही तालाब के बाहर चल रहा सड़क निर्माण का कार्य। संवाद
रेवाड़ी। लंबे समय से उपेक्षित शहर स्थित ऐतिहासिक सोलहराही तालाब का कायाकल्प किया जा रहा है। रंग-बिरंगी लाइट लगाने का काम भी शुरू किया जाएगा। सुंदरीकरण कार्य पूरा होने के बाद इस ऐतिहासिक तालाब का पुराना वैभव लौटेगा और यह जलाशय रोशनी से जगमगाएगा।
सोलहराही व बड़ा तालाब के कायाकल्प के लिए 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाए रहे हैं। योजना के तहत तालाब परिसर को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने के साथ इसकी ऐतिहासिक पहचान और खूबसूरती को भी बरकरार रखने पर जोर दिया जा रहा है।
तालाब के आसपास के क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर सजावटी और रंगीन रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। इससे शाम ढलने के बाद तालाब का नजारा और अधिक मनमोहक दिखाई देगा।
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तालाब में नहरी पानी भरने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों और संबंधित विभागों की ओर से तालाब तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। तालाब में पर्याप्त पानी पहुंचने के बाद इसकी सुंदरता में और निखार आने की उम्मीद है।
सोलहराही तालाब का कायाकल्प होने के बाद यह शहरवासियों के लिए घूमने-फिरने और समय बिताने का प्रमुख स्थान बन सकता है। वहीं, ऐतिहासिक महत्व के कारण इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
समय रहते ध्यान देना जरूरी
सेक्टर एक निवासी विनोद कुमार का कहना है कि काम पूरा होने के बाद कुछ दिन तक व्यवस्था ठीक रही लेकिन अब निगरानी और देखरेख की कमी साफ नजर आने लगी। राजेंद्र सैनी ने बताया कि तालाबों के आसपास नियमित सफाई नहीं हो रही, जिससे फिर से अव्यवस्था का माहौल बनता जा रहा है। राहुल यादव का कहना है यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो करोड़ों रुपये से कराया गया कार्य बेकार साबित हो सकता है।
चौकीदार की नियुक्ति नहीं, रात को घूमते हैं असामाजिक तत्व
सोलहराही और बड़ा तालाबों पर चौकीदार कक्ष का निर्माण भी कराया गया है, मगर विडंबना यह है कि अब तक एक भी चौकीदार की नियुक्ति नहीं की गई है। रात के समय असामाजिक तत्व तालाब परिसर में घूमते नजर आते हैं। कई बार यहां नशा करने और अव्यवस्था फैलाने की घटनाएं सामने आई हैं। अंधेरा होते ही माहौल असुरक्षित हो जाता है, जिससे आसपास के निवासी भी असहज महसूस करते हैं।
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सोलहराही व बड़ा तालाब के कायाकल्प के लिए 8 करोड़ रुपये खर्च किए जाए रहे हैं। योजना के तहत तालाब परिसर को आधुनिक सुविधाओं से विकसित करने के साथ इसकी ऐतिहासिक पहचान और खूबसूरती को भी बरकरार रखने पर जोर दिया जा रहा है।
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तालाब के आसपास के क्षेत्र को आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर सजावटी और रंगीन रोशनी की व्यवस्था की जा रही है। इससे शाम ढलने के बाद तालाब का नजारा और अधिक मनमोहक दिखाई देगा।
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तालाब में नहरी पानी भरने की योजना बनाई गई है। अधिकारियों और संबंधित विभागों की ओर से तालाब तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। तालाब में पर्याप्त पानी पहुंचने के बाद इसकी सुंदरता में और निखार आने की उम्मीद है।
सोलहराही तालाब का कायाकल्प होने के बाद यह शहरवासियों के लिए घूमने-फिरने और समय बिताने का प्रमुख स्थान बन सकता है। वहीं, ऐतिहासिक महत्व के कारण इसे पर्यटन स्थल के रूप में भी विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी।
समय रहते ध्यान देना जरूरी
सेक्टर एक निवासी विनोद कुमार का कहना है कि काम पूरा होने के बाद कुछ दिन तक व्यवस्था ठीक रही लेकिन अब निगरानी और देखरेख की कमी साफ नजर आने लगी। राजेंद्र सैनी ने बताया कि तालाबों के आसपास नियमित सफाई नहीं हो रही, जिससे फिर से अव्यवस्था का माहौल बनता जा रहा है। राहुल यादव का कहना है यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो करोड़ों रुपये से कराया गया कार्य बेकार साबित हो सकता है।
चौकीदार की नियुक्ति नहीं, रात को घूमते हैं असामाजिक तत्व
सोलहराही और बड़ा तालाबों पर चौकीदार कक्ष का निर्माण भी कराया गया है, मगर विडंबना यह है कि अब तक एक भी चौकीदार की नियुक्ति नहीं की गई है। रात के समय असामाजिक तत्व तालाब परिसर में घूमते नजर आते हैं। कई बार यहां नशा करने और अव्यवस्था फैलाने की घटनाएं सामने आई हैं। अंधेरा होते ही माहौल असुरक्षित हो जाता है, जिससे आसपास के निवासी भी असहज महसूस करते हैं।