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Rewari News: निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने के प्रस्ताव का विरोध
Mon, 31 Aug 2026 12:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 31 Aug 2026 12:04 AM IST
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मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपते कर्मचारी। स्रोत : संगठन
- फोटो : पकड़े गए दोनों शातिर आरोपी। स्रोत पुलिस
रेवाड़ी। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों की संयुक्त संघर्ष समिति ने रेवाड़ी, कोसली और बावल के विधायकों को ज्ञापन सौंपकर बिजली क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को विधानसभा में उठाने की मांग की। कर्मचारियों ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्तावित निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने का विरोध किया।
ज्ञापन में बिजली उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और बिजली निगमों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को विधानसभा में उठाने की मांग की गई। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली क्षेत्र से संबंधित किसी भी नीति या निर्णय का सीधा असर आम उपभोक्ताओं, किसानों, गरीब और घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ता है। ऐसे में निर्णय लेने से पहले सभी संबंधित पक्षों को विश्वास में लिया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव विक्रम यादव, धारूहेड़ा इकाई प्रधान पोहप सिंह, एएचपीसी वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव नवीन यादव, धनराज सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
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विधायकों के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन प्राप्त कर कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि बिजली कर्मचारियों और उपभोक्ताओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को विधानसभा में उठाया जाएगा।
संयुक्त संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि बिजली क्षेत्र में ऐसे किसी भी निर्णय का विरोध किया जाएगा, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े या बिजली निगमों के हित प्रभावित हों। समिति ने सरकार से पारदर्शी तरीके से निर्णय लेने की मांग की है।
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ज्ञापन में बिजली उपभोक्ताओं, कर्मचारियों और बिजली निगमों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को विधानसभा में उठाने की मांग की गई। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि बिजली क्षेत्र से संबंधित किसी भी नीति या निर्णय का सीधा असर आम उपभोक्ताओं, किसानों, गरीब और घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ता है। ऐसे में निर्णय लेने से पहले सभी संबंधित पक्षों को विश्वास में लिया जाना चाहिए।
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प्रतिनिधिमंडल में एचएसईबी वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव विक्रम यादव, धारूहेड़ा इकाई प्रधान पोहप सिंह, एएचपीसी वर्कर्स यूनियन के सर्कल सचिव नवीन यादव, धनराज सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
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विधायकों के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन प्राप्त कर कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि बिजली कर्मचारियों और उपभोक्ताओं से जुड़े इस महत्वपूर्ण विषय को विधानसभा में उठाया जाएगा।
संयुक्त संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि बिजली क्षेत्र में ऐसे किसी भी निर्णय का विरोध किया जाएगा, जिससे आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़े या बिजली निगमों के हित प्रभावित हों। समिति ने सरकार से पारदर्शी तरीके से निर्णय लेने की मांग की है।