{"_id":"6aaadb902e6c12aa51057e5e","slug":"farmers-selling-pearl-millet-below-the-support-price-rewari-news-c-198-1-sroh1010-245524-2026-09-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: बाजरा कटाई तेज, किसान समर्थन मूल्य से 500-600 रुपये कम पर बेचने को मजबूर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: बाजरा कटाई तेज, किसान समर्थन मूल्य से 500-600 रुपये कम पर बेचने को मजबूर
Wed, 16 Sep 2026 11:40 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 16 Sep 2026 11:40 PM IST
विज्ञापन
अनाज मंडी में बाजरा समेटते किसान। संवाद
रेवाड़ी। जिले में बाजरे की कटाई तेजी से चल रही है। अब तक 50 प्रतिशत कटाई और 20 प्रतिशत थ्रेसिंग का काम पूरा हो गया है। इसके साथ ही मंडियों में बाजरे की आवक बढ़ने लगी है। समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को मंडियों में 500-600 रुपये प्रति क्विंटल कम पर निजी व्यापारियों को बाजरा 2 हजार से 2200 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बेचना पड़ रहा है।
निजी व्यापारियों को कम दाम पर बाजरा बेचने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2025 में 2,750 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था। ऐसे में किसानों को सरकारी खरीद का इंतजार है
इस बार जिले में करीब 1.40 लाख एकड़ क्षेत्र में बाजरे की बिजाई की गई है। मौसम अनुकूल रहने के कारण खेतों में फसल पक कर तैयार है और किसान कटाई के बाद जल्द उपज मंडी में लेकर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
कई क्षेत्रों में कंबाइन मशीनों से कटाई का काम चल रहा है। कटाई के बाद थ्रेसिंग लगातार की जा रही है। किसानों की ओर से प्रवासी मजदूरों के सहारे बाजरे की कटाई की थ्रेसिंग कराई जा रही है। अगैती बाजरे की फसल की कटाई आगामी एक सप्ताह में अधिकांश पूरी हो जाएगी। 10 दिनों में थ्रेसिंग का कार्य भी पूरा हो जाएगा।
सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार : किसानों की सबसे बड़ी चिंता बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर है। उम्मीद है कि जल्द सरकारी खरीद शुरू होगी। हालांकि खरीद की तारीख, खरीद केंद्रों और प्रक्रिया को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने से किसान परेशान हैं। जिन किसानों की फसल तैयार हो चुकी है, उनके सामने उसे रोककर रखने या मौजूदा भाव पर बेचने का विकल्प है।
बाजार भाव और समर्थन मूल्य में बड़ा अंतर
किसान विकास यादव ने बताया कि फसल तैयार होने के बाद उसे लंबे समय तक घर पर रखना आसान नहीं है। नमी, भंडारण और मंडी तक ढुलाई का खर्च किसान को ही उठाना पड़ता है। किसान राजेश कुमार ने बताया कि सरकारी खरीद जल्द शुरू होने और खरीद प्रक्रिया स्पष्ट होने से किसानों को राहत मिल सकती है। बाजरे की कटाई तेज होने के साथ मंडियों में रोजाना आवक बढ़ रही है। व्यापारियों की ओर से फिलहाल 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव दिए जा रहे हैं। समर्थन मूल्य और बाजार भाव में बड़ा अंतर होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों की नजर अब सरकारी खरीद शुरू होने की तारीख घोषित होने पर टिकी है।
मौसम का ध्यान रखें किसान : डॉ. चंद्रमोहन
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 18 सितंबर तक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव की संभावना है। बुधवार रात से बादलों की आवाजाही के साथ तेज हवा चलने के साथ ही कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। क्षेत्र में आंशिक बादलवाही के साथ रात के तापमान में हल्की गिरावट और दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।
वर्जन:
अभी सरकारी खरीद को लेकर कोई आदेश नहीं आया है। जैसे ही शासनादेश जारी होगा, समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद शुरू कर दी जाएगी। मंडी में खरीद को लेकर मार्केट कमेटी की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। -अनिल सैनी, अध्यक्ष मार्केट कमेटी रेवाड़ी।
विज्ञापन
निजी व्यापारियों को कम दाम पर बाजरा बेचने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2025 में 2,750 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया था। ऐसे में किसानों को सरकारी खरीद का इंतजार है
विज्ञापन
इस बार जिले में करीब 1.40 लाख एकड़ क्षेत्र में बाजरे की बिजाई की गई है। मौसम अनुकूल रहने के कारण खेतों में फसल पक कर तैयार है और किसान कटाई के बाद जल्द उपज मंडी में लेकर पहुंच रहे हैं।
विज्ञापन
कई क्षेत्रों में कंबाइन मशीनों से कटाई का काम चल रहा है। कटाई के बाद थ्रेसिंग लगातार की जा रही है। किसानों की ओर से प्रवासी मजदूरों के सहारे बाजरे की कटाई की थ्रेसिंग कराई जा रही है। अगैती बाजरे की फसल की कटाई आगामी एक सप्ताह में अधिकांश पूरी हो जाएगी। 10 दिनों में थ्रेसिंग का कार्य भी पूरा हो जाएगा।
सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार : किसानों की सबसे बड़ी चिंता बाजरे की सरकारी खरीद को लेकर है। उम्मीद है कि जल्द सरकारी खरीद शुरू होगी। हालांकि खरीद की तारीख, खरीद केंद्रों और प्रक्रिया को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं होने से किसान परेशान हैं। जिन किसानों की फसल तैयार हो चुकी है, उनके सामने उसे रोककर रखने या मौजूदा भाव पर बेचने का विकल्प है।
बाजार भाव और समर्थन मूल्य में बड़ा अंतर
किसान विकास यादव ने बताया कि फसल तैयार होने के बाद उसे लंबे समय तक घर पर रखना आसान नहीं है। नमी, भंडारण और मंडी तक ढुलाई का खर्च किसान को ही उठाना पड़ता है। किसान राजेश कुमार ने बताया कि सरकारी खरीद जल्द शुरू होने और खरीद प्रक्रिया स्पष्ट होने से किसानों को राहत मिल सकती है। बाजरे की कटाई तेज होने के साथ मंडियों में रोजाना आवक बढ़ रही है। व्यापारियों की ओर से फिलहाल 2100 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव दिए जा रहे हैं। समर्थन मूल्य और बाजार भाव में बड़ा अंतर होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों की नजर अब सरकारी खरीद शुरू होने की तारीख घोषित होने पर टिकी है।
मौसम का ध्यान रखें किसान : डॉ. चंद्रमोहन
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 18 सितंबर तक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव की संभावना है। बुधवार रात से बादलों की आवाजाही के साथ तेज हवा चलने के साथ ही कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है। क्षेत्र में आंशिक बादलवाही के साथ रात के तापमान में हल्की गिरावट और दिन के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।
वर्जन:
अभी सरकारी खरीद को लेकर कोई आदेश नहीं आया है। जैसे ही शासनादेश जारी होगा, समर्थन मूल्य पर बाजरे की खरीद शुरू कर दी जाएगी। मंडी में खरीद को लेकर मार्केट कमेटी की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। -अनिल सैनी, अध्यक्ष मार्केट कमेटी रेवाड़ी।