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Rewari News: नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कैद, 20 हजार रुपये का जुर्माना
Wed, 16 Sep 2026 11:34 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Wed, 16 Sep 2026 11:34 PM IST
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रेवाड़ी। अपहरण के बाद नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. मैनपाल रामावत ने आरोपी मनीष को दोषी करार देते हुए 20 साल कैद और 20 हजार रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को दो माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थाना सेक्टर-6 धारूहेड़ा क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 11 जून 2025 को सुबह समय करीब 4 बजे उसकी 14 साल की नाबालिग बेटी घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी।
परिवार के लोगों ने तलाश की लेकिन नाबालिग का कोई सुराग नहीं लग पाया था। पीड़िता के पिता ने किसी अज्ञात युवक पर उनकी बेटी का अपहरण करने का अंदेशा जताया था। पुलिस ने पीड़िता को 14 जून 2025 को बरामद कर लिया था।
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बरामदगी के बाद दिए बयान में नाबालिग ने एक मनीष नाम के युवक पर उसे बहला फुसला कर खाटूश्याम ले जाने और उसके साथ एक धर्मशाला में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा ईजाद करके मामले में संलिप्त आरोपी युवक मनीष को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट दायर की। पुलिस ने मनीष के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। साक्ष्यों और सभी पहलुओं पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मनीष को दोषी करार दिया।
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थाना सेक्टर-6 धारूहेड़ा क्षेत्र के रहने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि 11 जून 2025 को सुबह समय करीब 4 बजे उसकी 14 साल की नाबालिग बेटी घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी।
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परिवार के लोगों ने तलाश की लेकिन नाबालिग का कोई सुराग नहीं लग पाया था। पीड़िता के पिता ने किसी अज्ञात युवक पर उनकी बेटी का अपहरण करने का अंदेशा जताया था। पुलिस ने पीड़िता को 14 जून 2025 को बरामद कर लिया था।
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बरामदगी के बाद दिए बयान में नाबालिग ने एक मनीष नाम के युवक पर उसे बहला फुसला कर खाटूश्याम ले जाने और उसके साथ एक धर्मशाला में दुष्कर्म करने का आरोप लगाया था। बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने इस मामले में पॉक्सो एक्ट की धारा ईजाद करके मामले में संलिप्त आरोपी युवक मनीष को गिरफ्तार कर लिया था।
पुलिस ने जांच पूरी होने के बाद अदालत में चार्जशीट दायर की। पुलिस ने मनीष के खिलाफ अदालत में साक्ष्य प्रस्तुत किए और गवाहों के बयान भी दर्ज कराए। साक्ष्यों और सभी पहलुओं पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मनीष को दोषी करार दिया।