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Rewari News: बकाया कर के निपटान के लिए 28 तक चलेगी वन टाइम सेटलमेंट स्कीम
Sun, 20 Sep 2026 11:53 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:53 PM IST
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रेवाड़ी। हरियाणा सरकार ने बकाया कर राशि के निपटान के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम-2026 शुरू की है। इसका लाभ लेने की अंतिम तिथि 28 सितंबर है। यह योजना एक जून 2026 से 120 दिनों के लिए लागू की गई है। इसके तहत सात कराधान अधिनियमों के तहत निर्धारित बकाया देय राशि का निपटान किया जा सकता है।
डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि वर्ष 2025 में शुरू की गई एकमुश्त निपटान योजना का 1,15,223 व्यापारियों ने लाभ उठाया था। योजना की सफलता को देखते हुए पुराने बकायों और अदालतों में लंबित मामलों के समाधान के लिए दोबारा योजना शुरू की गई है।
संबंधित अधिनियम के तहत किसी वर्ष में एक लाख रुपये तक का कर बकाया होने पर करदाता को आवेदन करने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में उस वर्ष का कर, ब्याज और जुर्माना माफ किया जाएगा।
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उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चौधरी ने बताया कि हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत एक लाख रुपये से अधिक के बकाये पर 70 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है।
अन्य अधिनियमों के तहत बकाया कर पर स्लैब के अनुसार 30 से 60 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान है, जबकि ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। पुराने वैट मामलों में निर्धारित वैधानिक प्रपत्र जमा करने पर भी नियमों के अनुसार बकाया मांग में कमी का लाभ दिया जा सकता है।
योजना के तहत बकाया राशि का भुगतान किस्तों में करने की सुविधा भी है। पांच लाख रुपये तक की राशि एकमुश्त जमा करनी होगी। पांच से 25 लाख रुपये तक दो किस्तों और 25 लाख रुपये से अधिक की राशि तीन किस्तों में जमा की जा सकेगी। अपील या मुकदमे में शामिल करदाता भी मामला वापस लेने की शर्त पर योजना का लाभ ले सकते हैं।
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डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि वर्ष 2025 में शुरू की गई एकमुश्त निपटान योजना का 1,15,223 व्यापारियों ने लाभ उठाया था। योजना की सफलता को देखते हुए पुराने बकायों और अदालतों में लंबित मामलों के समाधान के लिए दोबारा योजना शुरू की गई है।
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संबंधित अधिनियम के तहत किसी वर्ष में एक लाख रुपये तक का कर बकाया होने पर करदाता को आवेदन करने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में उस वर्ष का कर, ब्याज और जुर्माना माफ किया जाएगा।
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उप आबकारी एवं कराधान आयुक्त प्रीति चौधरी ने बताया कि हरियाणा सामान्य बिक्री कर अधिनियम, 1973 के तहत एक लाख रुपये से अधिक के बकाये पर 70 प्रतिशत तक छूट दी जा रही है।
अन्य अधिनियमों के तहत बकाया कर पर स्लैब के अनुसार 30 से 60 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान है, जबकि ब्याज और जुर्माने पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। पुराने वैट मामलों में निर्धारित वैधानिक प्रपत्र जमा करने पर भी नियमों के अनुसार बकाया मांग में कमी का लाभ दिया जा सकता है।
योजना के तहत बकाया राशि का भुगतान किस्तों में करने की सुविधा भी है। पांच लाख रुपये तक की राशि एकमुश्त जमा करनी होगी। पांच से 25 लाख रुपये तक दो किस्तों और 25 लाख रुपये से अधिक की राशि तीन किस्तों में जमा की जा सकेगी। अपील या मुकदमे में शामिल करदाता भी मामला वापस लेने की शर्त पर योजना का लाभ ले सकते हैं।