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Rewari News: शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं, किसान परेशान
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कोसली। निर्धारित दरों पर खाद न मिलने पर किसान काफी परेशान हैं। किसानों ने आरोप लगाया है कि इलाके के कई खाद विक्रेता यूरिया खाद पर 14 रुपये प्रति बैग अतिरिक्त वसूल रहे हैं। इतना ही नहीं विक्रेता दो बैग यूरिया के साथ 500 रुपये का जिंक या अन्य उत्पाद खरीदना अनिवार्य कर रहे हैं।
गांव भडगीं के किसान विजय ने बताया कि वे पहले ही डीएपी खाद की किल्लत का सामना कर चुके हैं और अब सरसों व गेहूं की फसल में पानी देने से पहले यूरिया की किल्लत ने उन्हें और परेशान कर दिया है। विक्रेताओं द्वारा अतिरिक्त पैसे की वसूली और जबरन उत्पाद थोपने के कारण किसान खुलेआम शोषण का शिकार हो रहे हैं।
शिकायतें करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। कई किसानों ने कृषि विभाग और टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई लेकिन न कोई अधिकारी मौके पर आया और न ही किसी विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई हुई।
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नाहड़ स्थित एक खाद विक्रेता के पास यूरिया खरीदने पहुंचे। विक्रेता ने बताया कि यूरिया की कीमत 280 रुपये प्रति बैग होगी जबकि निर्धारित मूल्य इससे कम है। साथ ही दो बैग खाद के साथ 500 रुपये का अतिरिक्त उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया गया।
किसान विजय ने कृषि विभाग और राज्य सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दी लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी न उन्हें खाद मिला और न ही कोई कार्रवाई की गई।
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गांव भडगीं के किसान विजय ने बताया कि वे पहले ही डीएपी खाद की किल्लत का सामना कर चुके हैं और अब सरसों व गेहूं की फसल में पानी देने से पहले यूरिया की किल्लत ने उन्हें और परेशान कर दिया है। विक्रेताओं द्वारा अतिरिक्त पैसे की वसूली और जबरन उत्पाद थोपने के कारण किसान खुलेआम शोषण का शिकार हो रहे हैं।
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शिकायतें करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। कई किसानों ने कृषि विभाग और टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करवाई लेकिन न कोई अधिकारी मौके पर आया और न ही किसी विक्रेता के खिलाफ कार्रवाई हुई।
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नाहड़ स्थित एक खाद विक्रेता के पास यूरिया खरीदने पहुंचे। विक्रेता ने बताया कि यूरिया की कीमत 280 रुपये प्रति बैग होगी जबकि निर्धारित मूल्य इससे कम है। साथ ही दो बैग खाद के साथ 500 रुपये का अतिरिक्त उत्पाद खरीदने के लिए मजबूर किया गया।
किसान विजय ने कृषि विभाग और राज्य सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दी लेकिन दो दिन बीत जाने के बाद भी न उन्हें खाद मिला और न ही कोई कार्रवाई की गई।