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Rewari News: एनसीसी प्रमाणपत्र घोटाले में आरोपी सुनील की जमानत याचिका खारिज
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जिला न्यायालय रेवाड़ी। संवाद
रेवाड़ी। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सौरभ कुमार की अदालत ने अहीर कॉलेज से जुड़े एनसीसी प्रमाणपत्र घोटाले के मामले में आरोपी गांव कोयलपुर खेतावास निवासी सुनील की दूसरी जमानत याचिका खारिज कर दी है। जज ने मामले को गंभीर मानते हुए लोक विश्वास से जुड़ा बताया। उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में जमानत देना अभी उचित नहीं है।
मामले में नौ सितंबर 2025 को गुरुग्राम स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
जांच के दौरान सामने आया कि अहीर कॉलेज में कुछ युवाओं को फर्जी तरीके से एनसीसी बी और सी प्रमाणपत्र दिलाए गए जबकि जिन व्यक्तियों को एनसीसी प्रमाणपत्र जारी किए गए वे उस समय कॉलेज के छात्र नहीं थे।
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कॉलेज के तत्कालीन एनसीसी अधिकारी सहित अन्य लोगों पर मिलीभगत से नामांकन फार्म तैयार कर फर्जी दस्तावेजों तैयार कर प्रमाणपत्र जारी करवाने के आरोप लगे थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, सुनील ने भी स्वयं को अहीर कॉलेज का छात्र दिखाते हुए नामांकन फार्म में प्रविष्टि करवाई और एनसीसी प्रमाणपत्र प्राप्त किया। फार्म पर उसके हस्ताक्षर भी पाए गए हैं।
इस मामले में सुनील को 30 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ जांच पूरी कर 27 फरवरी 2026 को अदालत में अंतिम रिपोर्ट भी दाखिल कर दी गई है हालांकि इस मामले में अन्य सह-आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं और उनके खिलाफ जांच चल रही है।
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मामले में नौ सितंबर 2025 को गुरुग्राम स्थित राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो थाना में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी।
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जांच के दौरान सामने आया कि अहीर कॉलेज में कुछ युवाओं को फर्जी तरीके से एनसीसी बी और सी प्रमाणपत्र दिलाए गए जबकि जिन व्यक्तियों को एनसीसी प्रमाणपत्र जारी किए गए वे उस समय कॉलेज के छात्र नहीं थे।
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कॉलेज के तत्कालीन एनसीसी अधिकारी सहित अन्य लोगों पर मिलीभगत से नामांकन फार्म तैयार कर फर्जी दस्तावेजों तैयार कर प्रमाणपत्र जारी करवाने के आरोप लगे थे। जांच एजेंसी के मुताबिक, सुनील ने भी स्वयं को अहीर कॉलेज का छात्र दिखाते हुए नामांकन फार्म में प्रविष्टि करवाई और एनसीसी प्रमाणपत्र प्राप्त किया। फार्म पर उसके हस्ताक्षर भी पाए गए हैं।
इस मामले में सुनील को 30 दिसंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ जांच पूरी कर 27 फरवरी 2026 को अदालत में अंतिम रिपोर्ट भी दाखिल कर दी गई है हालांकि इस मामले में अन्य सह-आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं और उनके खिलाफ जांच चल रही है।