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अधिग्रहण भूमि का बढ़ा मुआवजा नहीं देने पर जिमखाना क्लब पर लगाया ताला

Sun, 01 Sep 2019 12:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 01 Sep 2019 12:24 AM IST
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locked in gymkhana club for not giving compensation
रेवाड़ी। जिमखाना क्लब के दूसरे गेट पर ताला लगाते कोर्ट के बैलिफ व वकील। - फोटो : Rewari
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेलेन्द्र सिंह की कोर्ट ने गुजर घटाल की अधिगृहीत की गई 22 एकड़ जमीन का बढ़ा मुआवजा नहीं लौटाने पर गुजर घटाल की अधिग्रहण की गई 22 एकड़ जमीन का बढ़ा मुआवजा नहीं लौटाने पर सेक्टर-4 स्थित जिमखाना व एचएसवीपी के कार्यालय पर शनिवार को ताला लगवा दिया। साथ में एक नोटिस भी चस्पा किया गया है कि अगर 23 अक्तूबर से पहले किसानों का मुआवजा ब्याज सहित नहीं लौटाया तो नीलामी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। न्यायाधीश ने ताला लगाने की प्रक्रिया में अड़चन पैदा करने पर ईओ को फटकार भी लगाई थी। कोर्ट ने गुरुग्राम स्थित एचएसवीपी के कार्यालय को भी सील करने के आदेश दिए हुए है। बताया जा रहा है कि सोमवार को कोर्ट की टीम गुरुग्राम स्थित एचएसवीपी के कार्यालय को सील करने के लिए पहुंच सकती है।
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22 अगस्त को न्यायाधीश शेलेन्द्र सिंह की कोर्ट ने गुर्जर घटाल के किसानों की जमीन का ब्याज सहित पैसा नहीं लौटाने पर जिमखाना क्लब रेवाड़ी, एचएसवीपी के रेवाड़ी व गुरुग्राम कार्यालय को सील करने के आदेश दिए थे। ताला लगाने गई कोर्ट की टीम के सामने एचएसवीपी के ईओ दीपक ने दो-तीन दिन के अंदर किसानों की पूरी राशि देने की बात की थी। उसके बाद कोर्ट की टीम मोहलत देकर लौट गई थी। उसके बाद भी जब पेमेंट जमा नहीं हुई तो कोर्ट का कर्मचारी बीच में कई बार ताला लगाने के लिए जिमखाना क्लब व एचएसवीपी के कार्यालय पहुंचा, लेकिन हर बार अड़चन खड़ी कर दी। इस पर सख्ती दिखाते हुए न्यायाधीश शेलेन्द्र सिंह ने ईओ दीपक को कोर्ट में तलब किया था। कोर्ट में पेश हुए ईओ को न्यायाधीश ने कार्रवाई रोकने पर जमकर फटकार लगाई थी। उसके बाद ईओ के पास कोई जवाब देते नहीं बना। बाद में कोर्ट ने शनिवार तक हर हाल में दोनों को सील करने का आदेश दिया था।
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2010 में अधिग्रहण की गई थी जमीन
वर्ष 2010 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने दिल्ली-जयपुर हाईवे से भिवाड़ी तक 70 फुटा रोड बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस दौरान रास्ते में पड़ने वाले गुर्जर घटाल गांव के दर्जनों किसानों की जमीन को अधिग्रहण किया गया था। उस समय विभाग की तरफ से एक एकड़ के हिसाब से 16 लाख रुपये का मुआवजा किसानों को दिया गया था। मुआवजे की राशि से असंतुष्ट किसानों ने कुछ समय बाद ही कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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2015 में कोर्ट ने दिया था आदेश
गुर्जर घटाल निवासी किसान रामफूल सरपंच, गिरीराज, रामेश्वर, रोहताश, कर्ण, भजनलाल आदि ने एडवोकेट नरेन्द्र लखेरा व दिनेश कुमार लखेरा के मार्फत मुआवजे की राशि को बढ़ाये जाने को लेकर कोर्ट में केस डाला। 2015 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जसबीर सिंह कुंडू की कोर्ट ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को किसानों की जमीन का 55 लाख रुपये प्रति एकड़, जो कि ब्याज व अन्य फंड सहित 80 लाख रुपये प्रति एकड़ देने का आदेश दिया था।

कोर्ट के आदेश के बाद भी टरकाते रहे
एडवोकेट दिनेश कुमार लखेरा ने बताया कि एक दर्जन से ज्यादा किसानों की 22 एकड़ जमीन को लेकर कोर्ट में केस डाला गया था। कोर्ट के आदेश के चार साल से ज्यादा का समय बीतने के बाद भी विभाग ने किसानों को बढ़ी हुई राशि नहीं लौटाई। कुछ दिन पहले ही कोर्ट में रिकवरी का केस डाला गया। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेन्द्र सिंह की कोर्ट ने 22 अगस्त को मामले की सुनवाई करते हुए तुरंत एचएसवीपी के रेवाड़ी, गुरुग्राम कार्यालय के अलावा सेक्टर-4 स्थित जिमखाना क्लब को अटैच करने का आदेश दिया था। कोर्ट के कर्मचारी जब ताला लगाने पहुंचे तो उनसे ईओ ने कुछ दिन की मोहलत मांगी। बाद में इसी तरह एक-दो दिन के नाम पर टरकाते रहे।
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