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Rewari News: नर्सरी संचालकों को एक सप्ताह में कमियां दूर करने के निर्देश
Mon, 15 Jun 2026 11:38 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Mon, 15 Jun 2026 11:38 PM IST
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रेवाड़ी। जिले में संचालित खेल नर्सरियों की जांच के दौरान कुछ नर्सरियों में कमियां मिली थीं। खेल विभाग के अधिकारियों को निरीक्षण में कहीं खेल उपकरणों की कमी, मैदानों की खराब स्थिति तो कहीं प्रशिक्षक अनुपस्थित मिले थे। संबंधित नर्सरी संचालकों को एक सप्ताह में कमियां दूर करने के निर्देश दिए गएहैं।
अगर तय समय पर कमियां दूर नहीं की गईं तो संबंधित नर्सरी बंद हो सकती है। खेल विभाग ने जिले में विभिन्न खेलों के लिए कुल 82 खेल नर्सरियां आवंटित की थीं। इनमें से 22 नर्सरियां विभाग के प्रशिक्षकों को दी गई हैं, जबकि शेष नर्सरियों का संचालन अन्य प्रशिक्षकों और संस्थानों की ओर से किया जा रहा है।
प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ियों को चयनित किया जाता है, जिन्हें हर माह खुराक भत्ता दिया जाता है। इस योजना से जिले के लगभग 2050 खिलाड़ी लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, 60 प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये तक का मानदेय भी दिया जा रहा है।
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जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि नर्सरियों के आवंटन से पहले संबंधित खेल, उपलब्ध मैदान, खेल उपकरण और खिलाड़ियों की रुचि को ध्यान में रखते हुए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। विभाग को 180 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से विभिन्न खेलों की 60 नर्सरियों का चयन किया गया था।
विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयनित खिलाड़ियों को किसी प्रकार का नुकसान न हो और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण मिलता रहे।
जिला खेल अधिकारी ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च कर रही है, इसलिए सकारात्मक परिणामों की अपेक्षा भी स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से तैयार करना चाहिए ताकि वे जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनियमितता वाली नर्सरियों को सुधार का अवसर दिया गया है, लेकिन निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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अगर तय समय पर कमियां दूर नहीं की गईं तो संबंधित नर्सरी बंद हो सकती है। खेल विभाग ने जिले में विभिन्न खेलों के लिए कुल 82 खेल नर्सरियां आवंटित की थीं। इनमें से 22 नर्सरियां विभाग के प्रशिक्षकों को दी गई हैं, जबकि शेष नर्सरियों का संचालन अन्य प्रशिक्षकों और संस्थानों की ओर से किया जा रहा है।
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प्रत्येक नर्सरी में 25 खिलाड़ियों को चयनित किया जाता है, जिन्हें हर माह खुराक भत्ता दिया जाता है। इस योजना से जिले के लगभग 2050 खिलाड़ी लाभान्वित हो रहे हैं। वहीं, 60 प्रशिक्षकों को प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपये तक का मानदेय भी दिया जा रहा है।
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जिला खेल अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि नर्सरियों के आवंटन से पहले संबंधित खेल, उपलब्ध मैदान, खेल उपकरण और खिलाड़ियों की रुचि को ध्यान में रखते हुए आवेदन आमंत्रित किए गए थे। विभाग को 180 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से विभिन्न खेलों की 60 नर्सरियों का चयन किया गया था।
विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चयनित खिलाड़ियों को किसी प्रकार का नुकसान न हो और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण मिलता रहे।
जिला खेल अधिकारी ने कहा कि सरकार खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों पर हर वर्ष लाखों रुपये खर्च कर रही है, इसलिए सकारात्मक परिणामों की अपेक्षा भी स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से तैयार करना चाहिए ताकि वे जिला, राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अनियमितता वाली नर्सरियों को सुधार का अवसर दिया गया है, लेकिन निर्धारित समय में सुधार नहीं होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।