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कृषि कानून वापस नहीं हुए तो 35 माह और चलेगा आंदोलन : टिकैत

Sat, 24 Jul 2021 11:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jul 2021 11:24 PM IST
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If the agricultural laws are not returned, the agitation will go on for 35 months: Tikait
खेड़ा बॉर्डर पर किसानों को संबोधित करते किसानद नेता राकेश टिकैत। - फोटो : Rewari
रेवाड़ी। किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि तीनों कृषि कानून वापस होने तक किसान घर वापसी नहीं करेंगे। किसान बात करने को तैयार हैं, लेकिन सरकार शर्तों के साथ बात करना चाहती है। किसान ऐसा नहीं करेंगे। अगर सरकार जल्द किसानों की मांगों को नहीं मानेगी तो किसान आंदोलन 35 माह तक और चलेगा। टिकैत शनिवार को दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़ा बॉर्डर पर किसानों के धरनास्थल पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
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बता दें कि खेड़ा बॉर्डर पर किसानों के धरने को 212 दिन हो गए हैं। इस धरने को राजस्थान के अलावा हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र व गुजरात के किसानों का समर्थन मिल रहा है। खेड़ा बॉर्डर पर शनिवार को राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को तीनों कृषि कानून वापस करने के साथ ही एमएसपी की गारंटी का कानून बनाना ही पड़ेगा। वरना देश का किसान बर्बाद हो जाएगा। एक मंत्री द्वारा किसानों को मवाली कहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि किसान तो झोपड़ी में रहने वाला मवाली है, लेकिन यह मंत्री की भाषा नहीं थी। यह तो किसी ने उनसे पढ़वाया था। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक तरीके से सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है। सभी के तरीके अलग हैं। किसान दिल्ली में संसद के समानांतर किसान संसद चलाकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
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टिकैत ने कहा कि किसान राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रनीति कर रहा है, ताकि देश को बचाया जा सके। किसानों के साथ ही देश का हर नागरिक चिंतित है कि हठधर्मी सरकार से देेश को कैसे बचाया जाए। उन्होंने कहा कि देश में जो भी संस्थान मोदी सरकार के विपरीत चलेगा या मीडिया संस्थान किसानों की बात करेगा, उसके यहां तो छापा मारा जाएगा। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वेेे केंद्र सरकार द्वारा कृषि कानूनों को रद्द करने तक आंदोलन को जारी रखें, ताकि देेश के किसानों व खेती को बचाया जा सके। इस अवसर पर पूर्व विधायक अमराराम, राजाराम मील, नवीन सोहलोत, अतर सिंह प्राणपुरा, बच्चू सिंह शाहपुर, रामकिशन महलावत, राज बावल व त्रिलोक चंद सहित अन्य मौजूद रहे।
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