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Rewari News: किसानों ने प्रशासन पर गलत सर्वे करने का लगाया आरोप, लघु सचिवालय काटा हंगामा

Fri, 02 Jun 2023 11:56 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jun 2023 11:56 PM IST
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Farmers accused the administration of wrong survey, small secretariat created ruckus
रेवाड़ी। जिले में बारिश के दौरान खराब हुई फसल का मुआवजा नहीं देने से गुस्साएं किसानों ने शुक्रवार को लघु सचिवालय पर जमकर बबाल काटा। उसके बद सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए डीआरओ राकेश कुमार को जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि प्रशासन की ओर से 24 मार्च को बारिश व ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का सर्वे किया गया था लेकिन सरकार ने जिले के किसानों के साथ धोखा किया है। यहीं कारण जिले के किसानों के हिस्से महज एक करोड़ रुपये का ही मुआवजा आया है। किसानों ने बताया है कि गेहूं की फसल में 50-60 प्रतिशत व सरसों में 30-40 प्रतिशत तक नुकसान हुआ था, लेकिन सरकार की ओर से आंकड़ा 0-24 के बीच दिखाया गया है।
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165 किसानों ने ई क्षतिपूर्ति पोर्टल पर किया रजिस्ट्रेशन

कृषि विभाग के ई क्षतिपूर्ति पोर्टल पर शुक्रवार को 165 किसानों ने फसल मुआवजे के लिए आवेदन किया। विभाग द्वारा करीब 2 मरीने पश्चात वापस इस पोर्टल को रजिस्ट्रेशन के लिए खोल दिया गया। इस पर वे किसान आवेदन कर सकते हैं जो पहले आवेदन करने से रह गए थे। सरकार ने मुआवजा देने के बाद शुक्रवार को ऐसे किसानों को एक बार फिर मौका दिया है।
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बीमा नहीं कराया उनके लिए ई क्षतिपूर्ति पोर्टल

ई क्षतिपूर्ति पोर्टल उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी फसल का बीमा नहीं कराया, जिन किसानों ने अपनी फसल का बीमा किसी बीमा कंपनी द्वारा कराया था उन्हें बीमा कंपनी भुगतान करेगी और जिन किसानों ने किसी कंपनी से बीमा नहीं कराया उनके लिए सरकार ने ई क्षतिपूर्ति पोर्टल का विकल्प रखा है।
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मात्र कुछ ही किसानों को मिला मुआवजा
मुआवजे के लिए जिले के 407 गांवों के 22 हजार 464 किसानों ने ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया था लेकिन मुआवजा सिर्फ कुछ ही किसानों को मिला है, जिनको नुकसान के अनुरूप बहुत कम राशि दी गई है। सरकार ने यह किसानों के साथ गलत किया है।
-अमर सिंह, खंड खोल प्रधान किसान खेत मजदूर संगठन


अधिकारियों ने मनमर्जी से रिपोर्ट में दर्ज किए आंकड़े
प्रशासन की ओर से ओलावृष्टि से खराब हुई फसल का सर्वे किया गया था किसानों ने अधिकारियों को मौका दिखाया था और उनको नुकसान के बारे में बताया गया था लेकिन उस पर कोई गौर नहीं किया गया बल्कि अपनी मनमर्जी से फसल खराबी के आंकड़े दर्ज कर लिए गए।
-जगबीर सिंह, खोरी


अपने हक के लिए लड़ रहे किसान
प्रशासन द्वारा बनाई गई खराब हुई फसल की रिपोर्ट की वापस जांच की जाए और सही रिपोर्ट तैयार की जाए, इसके साथ ही किसानों को मुआवजा राशि दी जाए। सरकार किसानों को राशि नहीं देगी तो बड़ा विरोध प्रदर्शन व आंदोलन किए जाएंगे, किसान अपने हक के लिए लड़ रहे हैं।

-देशराज, राजपुरा


रिपोर्ट को दुरुस्त कर मुआवजा दे सरकार
गेहूं की फसल में 50-60 प्रतिशत व सरसों में 30-40 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है लेकिन सरकार की ओर से आंकड़ा 0-24 के बीच दिखाया गया है। इसलिए किसानों को मुआवजा राशि बहुत कम मिली है। सरकार अपनी रिपोर्ट को दुरुस्त कर किसानों को मुआवजा दे।
-सतबीर सिंह, खोरी
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