{"_id":"68b1eaa07bea8ba42e04710b","slug":"dpc-boundary-wall-and-kutcha-road-were-demolished-in-7-acre-area-in-khijuri-rewari-news-c-198-1-rew1001-224866-2025-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rewari News: खिजूरी में 7 एकड़ क्षेत्र में डीपीसी, चाहरदीवारी और कच्चे रोड तोड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rewari News: खिजूरी में 7 एकड़ क्षेत्र में डीपीसी, चाहरदीवारी और कच्चे रोड तोड़े
विज्ञापन
फोटो: 11अवैध कॉलोनी पर चलता प्रशासन का बुलडोजर। स्रोत : विभाग
बावल। जिला नगर योजनाकार की टीम ने खिजूरी स्थित करीब 4 एकड़ में विकसित हो रही अवैध कॉलोनी को तोड़फोड़ कर ध्वस्त किया गया। यहां 4 डीपीसी, 5 परिकास्ट चहारदीवारियां और कच्चा रोड नेटवर्क तोड़ा गया।
इसके अलावा गांव खिजूरी के नजदीक करीब 3 एकड़ में विकसित हो रही दूसरी अवैध कॉलोनी में भी 3 डीपीसी व कच्चे रोड नेटवर्क पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। पूरी कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
जिला नगर योजनाकार मनदीप सिंह सिहाग ने आमजन से अपील की है कि वे नियंत्रित या शहरी क्षेत्र में अवैध निर्माण न करें और प्लॉट खरीदने से पहले इस कार्यालय से संबंधित कॉलोनी की वैधता अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के विकसित अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से आमजन को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रॉपर्टी डीलर अक्सर लोगों को गुमराह कर अवैध प्लॉट बेचते हैं लेकिन विभागीय कार्रवाई के समय खरीदार स्वयं को ठगा हुआ महसूस करता है। इसलिए कोई भी निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सरकारी नियमों के अनुरूप अनुमति लेना अनिवार्य है।
विज्ञापन
इसके अलावा गांव खिजूरी के नजदीक करीब 3 एकड़ में विकसित हो रही दूसरी अवैध कॉलोनी में भी 3 डीपीसी व कच्चे रोड नेटवर्क पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। पूरी कार्रवाई जिला प्रशासन द्वारा नियुक्त ड्यूटी मजिस्ट्रेट की देखरेख और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।
विज्ञापन
जिला नगर योजनाकार मनदीप सिंह सिहाग ने आमजन से अपील की है कि वे नियंत्रित या शहरी क्षेत्र में अवैध निर्माण न करें और प्लॉट खरीदने से पहले इस कार्यालय से संबंधित कॉलोनी की वैधता अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि बिना अनुमति के विकसित अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से आमजन को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ता है।
विज्ञापन
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रॉपर्टी डीलर अक्सर लोगों को गुमराह कर अवैध प्लॉट बेचते हैं लेकिन विभागीय कार्रवाई के समय खरीदार स्वयं को ठगा हुआ महसूस करता है। इसलिए कोई भी निर्माण कार्य शुरू करने से पहले सरकारी नियमों के अनुरूप अनुमति लेना अनिवार्य है।