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Rewari News: जिले में बनेगा दिव्याशा केंद्र, दिव्यांगों को जल्द मिल सकेंगे उपकरण
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फोटो: 32रेवाड़ी। शहर के आंबेडकर चौक स्थित रैडक्रॉस भवन। संवाद
रेवाड़ी। जिले के दिव्यांगजन अब उपकरणों के लिए महीनों का इंतजार नहीं करेंगे क्योंकि रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला प्रशासन और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के संयुक्त प्रयास से जल्द ही एक आधुनिक दिव्याशा केंद्र की स्थापना होने वाली है।
यह केंद्र न केवल दिव्यांगों की जिंदगी को आसान बनाएगा बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। रेडक्रॉस सोसाइटी के अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जिला प्रशासन से हरी झंडी मिल चुकी है और एलिम्को के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं।
शुरू में केंद्र को रेडक्रॉस भवन में ही स्थापित करने की योजना थी लेकिन बड़े स्टोर रूम और पर्याप्त जगह की जरूरत को देखते हुए अब अलग जमीन की तलाश की जा रही है। इस केंद्र के माध्यम से जिलेभर के दिव्यांगजन आसानी से और बिना किसी लंबी प्रक्रिया के ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र जैसे आवश्यक उपकरण प्राप्त कर सकेंगे।
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वर्तमान में दिव्यांगों को उपकरण पाने के लिए शिविरों में नाप देना पड़ता है फिर एलिम्को को भेजा जाता है और 2-3 महीने बाद दोबारा शिविर लगाकर वितरण होता है लेकिन इस नए केंद्र के साथ यह सब बदल जाएगा। दिव्यांगजन सिर्फ एक सप्ताह से एक महीने के अंदर ही सभी प्रकार के उपकरण केंद्र से ही ले सकेंगे।
केंद्र चार प्रमुख दिव्यांगताओं अस्थि, श्रवण, दृष्टि और बौद्धिक को कवर करते हुए पात्र व्यक्तियों को निशुल्क सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा, ट्राइसाइकिल या व्हीलचेयर जैसे उपकरणों में समय के साथ आने वाली खराबी को ठीक करने की सुविधा भी यहां उपलब्ध होगी जो दिव्यांगों की रोजमर्रा की चुनौतियों को कम करेगी।
पंजीकरण और नाप लेने की प्रक्रिया केंद्र में ही होने से आसान पहुंच मिलेगी
दिव्याशा केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपकरणों के लिए महीनों का इंतजार खत्म हो जाएगा। अभी तक इस काम में 2-3 महीने का समय लगता है लेकिन केंद्र के बनने से यह समय घटकर केवल 1 सप्ताह से 1 महीना रह जाएगा। केंद्र बिना किसी शिविर के ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र आदि उपकरणों का निशुल्क वितरण सुनिश्चित करेगा। साथ ही, पुराने उपकरणों की रिपेयर सुविधा से उनका उपयोग लंबे समय तक किया जा सकेगा। पंजीकरण और नाप लेने की प्रक्रिया केंद्र में ही होने के कारण आसान पहुंच मिलेगी और दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। यह सुविधा अस्थि, श्रवण, दृष्टि और बौद्धिक इन चार प्रमुख दिव्यांगताओं को कवर करेगी।
दिव्यांगों की सहायता के लिए कर्मचारी होंगे नियुक्त
रेडक्रॉस अधिकारियों के अनुसार केंद्र में विशेष कर्मचारियों की टीम तैनात होगी जो पंजीकरण, नाप लेने और उपकरण वितरण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संभालेंगे। यह पहल न केवल समय बचाएगी बल्कि दिव्यांगों को सम्मानजनक और स्वतंत्र जीवन जीने का मौका देगी जिससे समाज में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
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वर्जन:
जिले में जल्द ही रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला प्रशासन और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के संयुक्त प्रयास से दिव्यांगों की सहायता के लिए दिव्याशा केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसको लेकर जिला प्रशासन से मंजूरी मिल चुकी है और कंपनी से एमओयू भी हो चुका है। अब जल्द ही दिव्याशा केंद्र को खोलने को लेकर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। -महेश गुप्ता, सचिव, रेडक्रॉस सोसाइटी, रेवाड़ी।
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यह केंद्र न केवल दिव्यांगों की जिंदगी को आसान बनाएगा बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर प्रदान करेगा। रेडक्रॉस सोसाइटी के अधिकारियों ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जिला प्रशासन से हरी झंडी मिल चुकी है और एलिम्को के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर भी हो चुके हैं।
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शुरू में केंद्र को रेडक्रॉस भवन में ही स्थापित करने की योजना थी लेकिन बड़े स्टोर रूम और पर्याप्त जगह की जरूरत को देखते हुए अब अलग जमीन की तलाश की जा रही है। इस केंद्र के माध्यम से जिलेभर के दिव्यांगजन आसानी से और बिना किसी लंबी प्रक्रिया के ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, श्रवण यंत्र जैसे आवश्यक उपकरण प्राप्त कर सकेंगे।
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वर्तमान में दिव्यांगों को उपकरण पाने के लिए शिविरों में नाप देना पड़ता है फिर एलिम्को को भेजा जाता है और 2-3 महीने बाद दोबारा शिविर लगाकर वितरण होता है लेकिन इस नए केंद्र के साथ यह सब बदल जाएगा। दिव्यांगजन सिर्फ एक सप्ताह से एक महीने के अंदर ही सभी प्रकार के उपकरण केंद्र से ही ले सकेंगे।
केंद्र चार प्रमुख दिव्यांगताओं अस्थि, श्रवण, दृष्टि और बौद्धिक को कवर करते हुए पात्र व्यक्तियों को निशुल्क सहायता प्रदान करेगा। इसके अलावा, ट्राइसाइकिल या व्हीलचेयर जैसे उपकरणों में समय के साथ आने वाली खराबी को ठीक करने की सुविधा भी यहां उपलब्ध होगी जो दिव्यांगों की रोजमर्रा की चुनौतियों को कम करेगी।
पंजीकरण और नाप लेने की प्रक्रिया केंद्र में ही होने से आसान पहुंच मिलेगी
दिव्याशा केंद्र के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपकरणों के लिए महीनों का इंतजार खत्म हो जाएगा। अभी तक इस काम में 2-3 महीने का समय लगता है लेकिन केंद्र के बनने से यह समय घटकर केवल 1 सप्ताह से 1 महीना रह जाएगा। केंद्र बिना किसी शिविर के ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र आदि उपकरणों का निशुल्क वितरण सुनिश्चित करेगा। साथ ही, पुराने उपकरणों की रिपेयर सुविधा से उनका उपयोग लंबे समय तक किया जा सकेगा। पंजीकरण और नाप लेने की प्रक्रिया केंद्र में ही होने के कारण आसान पहुंच मिलेगी और दिव्यांगजनों की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। यह सुविधा अस्थि, श्रवण, दृष्टि और बौद्धिक इन चार प्रमुख दिव्यांगताओं को कवर करेगी।
दिव्यांगों की सहायता के लिए कर्मचारी होंगे नियुक्त
रेडक्रॉस अधिकारियों के अनुसार केंद्र में विशेष कर्मचारियों की टीम तैनात होगी जो पंजीकरण, नाप लेने और उपकरण वितरण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संभालेंगे। यह पहल न केवल समय बचाएगी बल्कि दिव्यांगों को सम्मानजनक और स्वतंत्र जीवन जीने का मौका देगी जिससे समाज में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।
वर्जन:
जिले में जल्द ही रेडक्रॉस सोसाइटी, जिला प्रशासन और भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) के संयुक्त प्रयास से दिव्यांगों की सहायता के लिए दिव्याशा केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसको लेकर जिला प्रशासन से मंजूरी मिल चुकी है और कंपनी से एमओयू भी हो चुका है। अब जल्द ही दिव्याशा केंद्र को खोलने को लेकर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। -महेश गुप्ता, सचिव, रेडक्रॉस सोसाइटी, रेवाड़ी।