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आपात काल में जेलों में बंद रहे लोकतंत्र सेनानियों को किया सम्मानित
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रेवाड़ी। लोकतंत्र संग्राम सेनानियों के सम्मान में भाजपा जिला कार्यालय में जिला अध्यक्ष हुकमचंद यादव की अध्यक्षता में आपात काल को काला दिवस के रूप में मनाया गया। यहां लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सहकारिता मंत्री डॉक्टर बनवारी लाल ने किया और कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव विशिष्ट अतिथि रहे।
पूर्व प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे, सम्मान समारोह के संयोजक जिला उपाध्यक्ष सुनील ग्रोवर रहे। सम्मेलन में सेनानियों ने आपात काल के किस्से साझा किए। जिला अध्यक्ष हुकमचंद यादव ने कहा कि आपात काल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों पर हुए अत्याचारों की यादों को ताजा करने के लिए इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सेनानियों को सम्मानित करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया।
सत्ता सुख के लिए अहंकारी सरकार ने देश में लगाया आपात काल
मुख्य अतिथि डॉक्टर बनवारी लाल ने कहा कि तत्कालीन अहंकारी सरकार ने सत्ता सुख के लिए देश को आपात काल के दौर में डाल दिया था। देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए हजारों सेनानियों ने प्राणों की आहुति दी थी। मुख्य वक्ता वीर कुमार यादव ने कहा कि आपात काल का दौर कोई नहीं भूल सकता। साल 1975 में 25 जून को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूरे देश में आपात काल की घोषणा की थी। इस आपात काल को काला दिन कहते हुए संघ कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र को बचाने के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया था। इसी को दबाने के लिए इन लोगों को जबरन जेलों में बंद कर दिया गया। जिन लोगों ने उस दौर में सरकार की यातनायें सहीं वह और उनके परिजन उस दर्द को समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक पार्टी ने देश हित को दरकिनार करते हुए लोकतंत्र की छवि पर काला धब्बा लगा दिया था। कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सभी मौलिक अधिकारों को निरस्त कर दिया। राजनीतिक विरोधियों को जेल में डाल दिया। 38 वें संविधान संशोधन के माध्यम से 25 जून 1975 की आपात काल की विनाशकारी घोषणा को न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर कर दिया गया। वहीं उपस्थित जिला उपाध्यक्ष सुनील ग्रोवर ने बताया कि इस दिवस को काले दिवस के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें लोकतंत्र को सुरक्षित रखना है। लोकतंत्र सेनानियों में वीर कुमार यादव, दशरथ चौहान, सुनील ग्रोवर, बुध देव यादव, लक्ष्मी नारायण, रमेश चुघ, राधेश्याम, पूरन चंद व सरला सपरा को सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रदेश सेवा प्रकोष्ठ संयोजक सतीश खोला, लोकतंत्र सेनानी संगठन के सचिव महावीर भारद्वाज, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रत्नेश बंसल, अंजली मिश्रा, जिला महामंत्री यशवंत भारद्वाज, ईश्वर चनीजा, जिला उपाध्यक्ष सुनील ग्रोवर, अजय कांटीवाल, भूपेंद्र गुप्ता, जिला सचिव कुलदीप चौहान, मुकेश, मौसमी, पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष सत्यदेव यादव, जिला विस्तारक उमेद सिंह, ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष जयवीर योगी, आईटी सेल प्रमुख नवीन कुमार, शिक्षा प्रकोष्ठ संयोजक रमेश शर्मा, कोषाध्यक्ष रोहन, मंडल अध्यक्ष बाबूलाल छाबड़ी, दीपक मंगला, इंद्र राव, राजपाल, दयानंद, मनोज, राकेश, जीतू चेयरमैन, महिला मोर्चा अध्यक्ष पिंकी यादव, बलजीत यादव, गिरीश सिंगला, सोम प्रधान, कृष्ण मास्टर, डीएम यादव, दिनेश, धर्मपाल व राममेहर सहित सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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पूर्व प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव मुख्य वक्ता के तौर पर उपस्थित रहे, सम्मान समारोह के संयोजक जिला उपाध्यक्ष सुनील ग्रोवर रहे। सम्मेलन में सेनानियों ने आपात काल के किस्से साझा किए। जिला अध्यक्ष हुकमचंद यादव ने कहा कि आपात काल के दौरान लोकतंत्र सेनानियों पर हुए अत्याचारों की यादों को ताजा करने के लिए इस आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले सेनानियों को सम्मानित करने के लिए सम्मान समारोह का आयोजन किया।
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सत्ता सुख के लिए अहंकारी सरकार ने देश में लगाया आपात काल
मुख्य अतिथि डॉक्टर बनवारी लाल ने कहा कि तत्कालीन अहंकारी सरकार ने सत्ता सुख के लिए देश को आपात काल के दौर में डाल दिया था। देश के लोकतंत्र की रक्षा के लिए हजारों सेनानियों ने प्राणों की आहुति दी थी। मुख्य वक्ता वीर कुमार यादव ने कहा कि आपात काल का दौर कोई नहीं भूल सकता। साल 1975 में 25 जून को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने पूरे देश में आपात काल की घोषणा की थी। इस आपात काल को काला दिन कहते हुए संघ कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र को बचाने के लिए सरकार के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया था। इसी को दबाने के लिए इन लोगों को जबरन जेलों में बंद कर दिया गया। जिन लोगों ने उस दौर में सरकार की यातनायें सहीं वह और उनके परिजन उस दर्द को समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि एक पार्टी ने देश हित को दरकिनार करते हुए लोकतंत्र की छवि पर काला धब्बा लगा दिया था। कोसली विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सभी मौलिक अधिकारों को निरस्त कर दिया। राजनीतिक विरोधियों को जेल में डाल दिया। 38 वें संविधान संशोधन के माध्यम से 25 जून 1975 की आपात काल की विनाशकारी घोषणा को न्यायिक समीक्षा के दायरे से बाहर कर दिया गया। वहीं उपस्थित जिला उपाध्यक्ष सुनील ग्रोवर ने बताया कि इस दिवस को काले दिवस के रूप में याद किया जाता है। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमें लोकतंत्र को सुरक्षित रखना है। लोकतंत्र सेनानियों में वीर कुमार यादव, दशरथ चौहान, सुनील ग्रोवर, बुध देव यादव, लक्ष्मी नारायण, रमेश चुघ, राधेश्याम, पूरन चंद व सरला सपरा को सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रदेश सेवा प्रकोष्ठ संयोजक सतीश खोला, लोकतंत्र सेनानी संगठन के सचिव महावीर भारद्वाज, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रत्नेश बंसल, अंजली मिश्रा, जिला महामंत्री यशवंत भारद्वाज, ईश्वर चनीजा, जिला उपाध्यक्ष सुनील ग्रोवर, अजय कांटीवाल, भूपेंद्र गुप्ता, जिला सचिव कुलदीप चौहान, मुकेश, मौसमी, पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष सत्यदेव यादव, जिला विस्तारक उमेद सिंह, ओबीसी मोर्चा जिला अध्यक्ष जयवीर योगी, आईटी सेल प्रमुख नवीन कुमार, शिक्षा प्रकोष्ठ संयोजक रमेश शर्मा, कोषाध्यक्ष रोहन, मंडल अध्यक्ष बाबूलाल छाबड़ी, दीपक मंगला, इंद्र राव, राजपाल, दयानंद, मनोज, राकेश, जीतू चेयरमैन, महिला मोर्चा अध्यक्ष पिंकी यादव, बलजीत यादव, गिरीश सिंगला, सोम प्रधान, कृष्ण मास्टर, डीएम यादव, दिनेश, धर्मपाल व राममेहर सहित सभी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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