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अय्याशी के लिए सात माह में कीं 18 चोरी,धरा
ब्यूरो /अमर उजाला
Updated Sat, 24 Sep 2016 01:12 AM IST
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चोरी उसकी मजबूरी नहीं बल्कि उसका शौक था, जिसे वह अपनी अय्याशी के लिए करता था। उसकी हाथ की सफाई का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धारूहेेड़ा के सेक्टर-6 शिव मंदिर के पास से वीरवार रात सीआईए धारूहेड़ा की गिरफ्त में आने के बाद उसने 7 महीनों में उसने 18 चोरी की वारदातें कबूल की हैं। ये सभी ऐसे मकान हैं, जिनमें पिछले कुछ समय से ताला बंद था। सभी चोरियां धारूहेड़ा थाना क्षेत्र में ही की गई हैं। आगे की पूछताछ मेें यह फेहरिस्त और भी लंबी हो सकती है।
मामले की जांच कर रहे एएसआई प्रीतम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी यूपी के जिला बस्ती का रहने वाला रमेश उर्फ गिरीश है। बताया कि वीरवार रात सीआईए पुलिस धारुहेड़ा के सेक्टर 6 में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक शख्स सफेद कपड़ों में हाथ में बैग लिये दिखा। पुलिस की गाड़ी देख वह छिप गया। घेराबंदी कर आरोपी को काबू करके उसकी तलाशी ली तो आरोपी के कब्जा से एक देशी कट्टा व एक कारतूस बरामद किया। पूछताछ करने पर धारूहेड़ा में ही पिछले 7-8 महीनों में चोरी की 18 वारदात कबूली हैं। आरोपी पहले भी चोरी के मामले में जेल जा चुका है।
16 जोड़ी थे सफेद कपड़े, रहता था सफेदपोश
पूछताछ में रमेश ने बताया कि वह शौकीन किस्म का है। धारूहेड़ा में एक बंद मकान में वह रहता है। एक अन्य मोहल्ले में गरीब तबके के लोगों के बच्चों पर रुपये खर्च करने के साथ ही घर के मुखियाओं को मुफ्त में देसी शराब पिलाता था। इसके बाद उनके घर की बहन-बेटियों को अपना शिकार बनाता था।
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चोरी नहीं इसे आर्ट या हुनर कहिए जनाब
चोरी करने में उस्ताद रमेश अपने काम को चोरी कहलाना पसंद नहीं करता है। उसका कहना है कि यह उसकी कला यानि आर्ट या हुुनर है। वह कहता है कि वह अपने काम में उस्ताद है और उसके पास ऐसा उपकरण है जिसको गरम करने के बाद ताले में लगाते ही ताला बिना आवाज किये टूट जाता है। फिलहाल पुलिस उस उपकरण की तलाश में है।
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मामले की जांच कर रहे एएसआई प्रीतम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी यूपी के जिला बस्ती का रहने वाला रमेश उर्फ गिरीश है। बताया कि वीरवार रात सीआईए पुलिस धारुहेड़ा के सेक्टर 6 में गश्त कर रही थी। इसी दौरान एक शख्स सफेद कपड़ों में हाथ में बैग लिये दिखा। पुलिस की गाड़ी देख वह छिप गया। घेराबंदी कर आरोपी को काबू करके उसकी तलाशी ली तो आरोपी के कब्जा से एक देशी कट्टा व एक कारतूस बरामद किया। पूछताछ करने पर धारूहेड़ा में ही पिछले 7-8 महीनों में चोरी की 18 वारदात कबूली हैं। आरोपी पहले भी चोरी के मामले में जेल जा चुका है।
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16 जोड़ी थे सफेद कपड़े, रहता था सफेदपोश
पूछताछ में रमेश ने बताया कि वह शौकीन किस्म का है। धारूहेड़ा में एक बंद मकान में वह रहता है। एक अन्य मोहल्ले में गरीब तबके के लोगों के बच्चों पर रुपये खर्च करने के साथ ही घर के मुखियाओं को मुफ्त में देसी शराब पिलाता था। इसके बाद उनके घर की बहन-बेटियों को अपना शिकार बनाता था।
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चोरी नहीं इसे आर्ट या हुनर कहिए जनाब
चोरी करने में उस्ताद रमेश अपने काम को चोरी कहलाना पसंद नहीं करता है। उसका कहना है कि यह उसकी कला यानि आर्ट या हुुनर है। वह कहता है कि वह अपने काम में उस्ताद है और उसके पास ऐसा उपकरण है जिसको गरम करने के बाद ताले में लगाते ही ताला बिना आवाज किये टूट जाता है। फिलहाल पुलिस उस उपकरण की तलाश में है।