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खुलासा: बकाया रुपये न देने पड़े इसलिए अलवर के व्यापारी को मार डाला, कुएं में शव डालकर बनवा दिया फर्श

Tue, 16 Aug 2022 10:25 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Tue, 16 Aug 2022 10:25 PM IST
सार

पुलिस ने मंगत अरोड़ा हत्याकांड में खुलासा किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने के लिए गोदाम में बने छोटे कुएं में डालकर उस पर सीमेंट और कंकरीट से फर्श बनवा दिया।

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Businessman of Alwar was killed in Rewari of Haryana
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। व्यापारी मंगत अरोड़ा का फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के रेवाड़ी शहर थाना पुलिस ने अलवर के दाउदपुर निवासी 55 वर्षीय व्यापारी मंगत अरोड़ा हत्याकांड में मंगलवार को खुलासा किया है। साथ ही मुख्य आरोपी सहित तीनों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शहर के मोहल्ला संघी का बास निवासी अंकित भालिया, मोहल्ला मेहरवाड़ा निवासी मनोज एवं दीपक उर्फ दीपु पंडित के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें पांच दिन के लिए पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। 

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मामले में मंगलवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में शहर डीएसपी सुभाष चंद ने बताया कि शहर थाना प्रभारी संजय कुमार की अगुवाई में गठित टीमों ने यह मामला सामने आने के बाद वारदात को मामला दर्ज होने के बाद दो दिन में सुलझा लिया है। उन्होंने बताया कि अलवर के मुल्तान नगर दाउदपुर निवासी 55 वर्षीय मेटल स्क्रैप व्यापारी 10 अगस्त को अंकित भालिया से रुपये लेने के लिए अपनी बाइक से आया था।
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इसके बाद जब व्यापारी देर रात तक वापस अपने घर नहीं पहुंचा तो परिजनों ने उसकी तलाश करने के साथ अंकित भालिया से भी फोन करके उनके बारे में पूछताछ की। इस पर आरोपी ने बताया कि उनके यहां से मंगत अरोड़ा 12 लाख रुपये लेकर जा चुका है। इसके बाद परिजनों ने मामले की शिकायत अलवर पुलिस को दी।
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अलवर पुलिस ने अपने स्तर पर जांच की और फिर मामला रेवाड़ी का होने के कारण 12 अगस्त को जीरो नंबर एफआईआर दर्ज करके रेवाड़ी भेज दिया। यहां पर अलवर से जीरो एफआईआर मिलते ही शहर थाना में उसी दिन व्यापारी के अपहरण के आरोप में अंकित भालिया सहित दो के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया।

मामला दर्ज करने के बाद गठित टीमों को तुरंत प्रभाव से सक्रिय करने के साथ साइबर एक्सपर्ट की भी मदद ली गई, लेकिन उस समय तक व्यापारी का मोबाइल स्विच ऑफ था। उसकी अंतिम लोकेशन बिलासपुर के आसपास की मिली थी। इस पर पुलिस ने गुड़गांव पुलिस को व्यापारी की सीसीटीवी फुटेज के साथ अन्य जानकारी शेयर की। इसके बाद भी कोई सुराग नहीं लगा था।

Businessman of Alwar was killed in Rewari of Haryana
प्रेसवार्ता करते डीएसपी सुभाष चंद साथ में थाना प्रभारी संजय कुमार। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

14 अगस्त की रात को मिला फोन, तब खुलीं हत्या की परतें
डीएसपी ने बताया कि आरोपी अंकित भालिया ने वारदात को बड़े ही सफाई से अंजाम दिया और घटना की रात को 1 बजे बाद व्यापारी का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया। इसके बाद 14 अगस्त की रात को व्यापारी का फोन एक ट्रक चालक के पास मिला ऑन होते ही सक्रिय पुलिस टीम ने रात को बिलासपुर पहुंचकर मोबाइल बरामद करने के साथ चालक से भी पूछताछ की। चालक ने बताया कि उसे यह उसके ट्रक में मिला।

मोबाइल को कब्जे में लेने के बाद जब पुलिस ने उसकी जांच शुरू की तो उसमें मंगत और अंकित के बीच हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग मिल गई। इसमें रुपये को लेकर अंकित और मंगत के बीच बातचीत के साथ उसे उत्तम नगर स्थित गोदाम में जाने की बात कही गई। इसके बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया कि पूरे मामले का मास्टरमाइंड अंकित भालिया ही है।

इसके बाद पुलिस अंकित भालिया के घर पहुंची तो पता चला कि वह यहां से निकल चुका है। तत्पश्चात पुलिस ने उसके यहां काम करने वाले उसके बुआ के बेटे मनोज कुमार को हिरासत में ले लिया। हिरासत में लेने के बाद मनोज कुमार ने पूरी कहानी बयां करते हुए कहा कि व्यापारी की हत्या करके उसका शव उत्तम नगर स्थित गोदाम के एक छोटे कुएं (कुई) में दफना दिया गया है। इतना ही नहीं उस पर पक्की फर्श भी डाल दी गई है। हत्या की बात सामने आने के बाद पुलिस ने उसके दूसरे सहयोगी मोहल्ला मेहरवाड़ा निवासी दीपक उर्फ दीपु पंडित को भी हिरासत में ले लिया।

वारदात के बाद पंजाब भाग गया था आरोपी अंकित
उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के हिरासत में आने के बाद पुलिस ने आरोपी अंकित भालिया की तलाश शुरू की तो उसके घर से भागने की जानकारी मिल गई। इसके बाद उसके मोबाइल की लोकेशन मिली तो वह भी बंद मिला। इस पर पुलिस ने अन्य तकनीकी सहायता से उसकी लोकेशन प्राप्त की तो पता चला कि वह पानीपत को पार कर चुका है। इस पर पुलिस ने पानीपत सहित अन्य जिलों को मैसेज चलवा दिया। इसके बाद भी आरोपी हरियाणा से निकलकर पंजाब के लुधियाना जिला में पहुंच गया, जहां की पुलिस को सूचना दी तो उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद शहर थाना पुलिस की टीम ने आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया।

14 लाख की देनदारी के लिए की हत्या 
डीएसपी ने बताया कि आरोपी अंकित भालिया अलवर निवासी व्यापारी मंगत अरोड़ा से मेटल का सामान लेता था। काफी समय से दोनों के बीच यह व्यापार होने के कारण मंगत अरोड़ा ने उसे उधार में माल दे दिया था, जिसके कारण उस पर बकाया पैसे बढ़ते चले गए। लगभग 10 दिन पहले भी उसने मंगत अरोड़ा को 2 लाख रुपये दिए थे, लेकिन उसके द्वारा फिर तकादा किया जा रहा था। इसके बाद 10 अगस्त को उसे बुलाया गया था और 14 लाख रुपये की देनदारी नहीं देने पड़े इसके लिए आरोपी मनोज और दीपक को पैसे देने का झांसा देकर दोनों को अपने साथ हत्या में शामिल कर लिया।

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