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स्वयं ठगा
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:24 AM IST
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स्वयं ठगा गया तो बन गया एटीएम ठग
अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
धारूहेड़ा पुलिस के हत्थे चढ़ा एटीएम बदल कर ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य स्वयं ठगी का शिकार हो चुका है। इसी के बाद उसके एटीएम बदलकर लोगों को ठगना शुरू किया। आरोपी ने पुलिस रिमांड के दौरान कई वारदातों का खुलासा किया है। गिरोह बीस से ज्यादा लोगों को अलग-अलग स्थानों पर एटीएम बदल कर लाखों रुपये की ठगी का शिकार बना चुका है। लोगों को संदेह न हो इसलिए गिरोह के सदस्य कार में सवार होकर एटीएम बूथ पर पहुंचते थे।
उल्लेखनीय है कि धारूहेड़ा पुलिस की ओर से लोगों के एटीएम बदलकर ठगी के आरोप में जिला नूहं के गांव अटरनी की ढाणी निवासी फरीद को गिरफ्तार किया था, जो पुलिस रिमांड पर था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गिरोह में दो अन्य और शामिल है। उन्होंने गुरुग्राम, नूहं व धारूहेड़ा, मेवात व अलवर सहित अन्य स्थानों पर एटीएम बदलकर लोगों से ठगी करने की बात कबूल की। उसने बताया कि करीब तीन साल पूर्व गफर अपने परिजन का एटीएम कार्ड लेकर पैसे निकालने के लिए गया था। बूथ पर एक युवक ने उसका एटीएम बदल लिया और खाते से पांच हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद गफर ने भी ठगी का धंधा शुरू कर दिया। पहली बार गफर ने मेवात में एक व्यक्ति का एटीएम बदल कर खाते से तीन हजार रुपये निकाले थे। इसके बाद उसने फरीद व इगरी को भी अपने साथ ठगी के धंधे में जोड़ लिया। उसने बताया कि लोग उन पर शक ना करें इसलिए बूथ पर कार में सवार होकर पहुंचते थे। जिस एटीएम बूथ पर सुरक्षाकर्मी नहीं रहता, उसकी एटीएम पर अपना शिकार तलाशते थे। सुरक्षाकर्मी मौजूद रहने पर तीनों एक साथ अंदर नहीं घुस पाते थे। गफर व फरीद का काम शिकार द्वारा एटीएम में डाले जाने वाले के पिन नंबर नोट करना होता था। बाद में मदद करने के बहाने एटीएम बदल लेते तथा दूसरे एटीएम पर जाकर पैसे निकाल रफूचक्कर हो जाते। इगरी पहले एटीएम की रेकी भी करता था। दो बार तो उन्हें 200 व 500 रुपये ही खाते में मिले।
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अभी गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी होना शेष है। तीनों मिल कर करीब बीस ठगी की वारदात कर चुके हैं। रिमांड पर लिए गए आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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- एएसआई महेंद्र सिंह, जांच अधिकारी, धारूहेड़ा थाना
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अमर उजाला ब्यूरो
रेवाड़ी।
धारूहेड़ा पुलिस के हत्थे चढ़ा एटीएम बदल कर ठगी करने वाले गिरोह का सदस्य स्वयं ठगी का शिकार हो चुका है। इसी के बाद उसके एटीएम बदलकर लोगों को ठगना शुरू किया। आरोपी ने पुलिस रिमांड के दौरान कई वारदातों का खुलासा किया है। गिरोह बीस से ज्यादा लोगों को अलग-अलग स्थानों पर एटीएम बदल कर लाखों रुपये की ठगी का शिकार बना चुका है। लोगों को संदेह न हो इसलिए गिरोह के सदस्य कार में सवार होकर एटीएम बूथ पर पहुंचते थे।
उल्लेखनीय है कि धारूहेड़ा पुलिस की ओर से लोगों के एटीएम बदलकर ठगी के आरोप में जिला नूहं के गांव अटरनी की ढाणी निवासी फरीद को गिरफ्तार किया था, जो पुलिस रिमांड पर था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गिरोह में दो अन्य और शामिल है। उन्होंने गुरुग्राम, नूहं व धारूहेड़ा, मेवात व अलवर सहित अन्य स्थानों पर एटीएम बदलकर लोगों से ठगी करने की बात कबूल की। उसने बताया कि करीब तीन साल पूर्व गफर अपने परिजन का एटीएम कार्ड लेकर पैसे निकालने के लिए गया था। बूथ पर एक युवक ने उसका एटीएम बदल लिया और खाते से पांच हजार रुपये निकाल लिए। इसके बाद गफर ने भी ठगी का धंधा शुरू कर दिया। पहली बार गफर ने मेवात में एक व्यक्ति का एटीएम बदल कर खाते से तीन हजार रुपये निकाले थे। इसके बाद उसने फरीद व इगरी को भी अपने साथ ठगी के धंधे में जोड़ लिया। उसने बताया कि लोग उन पर शक ना करें इसलिए बूथ पर कार में सवार होकर पहुंचते थे। जिस एटीएम बूथ पर सुरक्षाकर्मी नहीं रहता, उसकी एटीएम पर अपना शिकार तलाशते थे। सुरक्षाकर्मी मौजूद रहने पर तीनों एक साथ अंदर नहीं घुस पाते थे। गफर व फरीद का काम शिकार द्वारा एटीएम में डाले जाने वाले के पिन नंबर नोट करना होता था। बाद में मदद करने के बहाने एटीएम बदल लेते तथा दूसरे एटीएम पर जाकर पैसे निकाल रफूचक्कर हो जाते। इगरी पहले एटीएम की रेकी भी करता था। दो बार तो उन्हें 200 व 500 रुपये ही खाते में मिले।
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अभी गिरोह के दो सदस्यों की गिरफ्तारी होना शेष है। तीनों मिल कर करीब बीस ठगी की वारदात कर चुके हैं। रिमांड पर लिए गए आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
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- एएसआई महेंद्र सिंह, जांच अधिकारी, धारूहेड़ा थाना