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Rewari News: जानवरों को ठंडा चारा और ठंडा पानी देने से बचें
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रेवाड़ी। जिला प्रशासन ने सर्दी व शीतलहर से बचाव को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी की है। डीसी अभिषेक मीणा ने बताया कि आमजन सावधानी बरतकर सर्दी से अपना व अपने पशुओं का बचाव कर सकते हैं।
डीसी ने बताया कि शीतलहर के दौरान पशुओं और पशुधन को जीवन यापन के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है क्योंकि ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है। रात के समय पशुओं के आवास को सभी तरफ से ढक दें ताकि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचा जा सके।
शीतलहर के दौरान जानवरों को खुले क्षेत्र में न छोड़ें। जानवरों को ठंडा चारा और ठंडा पानी देने से बचें। पशु आश्रय में नमी और धुएं को नहीं रहने दें। वहीं आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन कर सहायता लें।
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डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि सर्दी के मौसम में घने कोहरे के दौरान विशेषकर सुबह और रात के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में वाहन चालकों को सीमित गति में, अपनी निर्धारित लेन में रहकर और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए वाहन चलाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और नागरिक सुरक्षित यात्रा कर सकें।
उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे धुंध के मौसम में गलत दिशा में वाहन न चलाएं और धुंध के समय जहां तक संभव हो ओवरटेक करने से बचें। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर ही हम अपने और दूसरों के सफर को सुरक्षित बना सकते हैं। उन्होंने वाहन चालकों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की है।
पानी में भीगने से बचें : डॉ. नरेंद्र दहिया
सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि जितना संभव हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। गर्म कपड़े पहनें ताकि ठंड बिल्कुल न लगे। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने रखें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं
सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्यवर्धक भोजन लें। पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी।शराब का सेवन न करें, यह शरीर के तापमान को कम करता है। बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें। जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें और रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें।
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डीसी ने बताया कि शीतलहर के दौरान पशुओं और पशुधन को जीवन यापन के लिए अधिक भोजन की आवश्यकता होती है क्योंकि ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ जाती है। रात के समय पशुओं के आवास को सभी तरफ से ढक दें ताकि ठंडी हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बचा जा सके।
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शीतलहर के दौरान जानवरों को खुले क्षेत्र में न छोड़ें। जानवरों को ठंडा चारा और ठंडा पानी देने से बचें। पशु आश्रय में नमी और धुएं को नहीं रहने दें। वहीं आपातकालीन स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 112 पर फोन कर सहायता लें।
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डीसी अभिषेक मीणा ने कहा कि सर्दी के मौसम में घने कोहरे के दौरान विशेषकर सुबह और रात के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो जाती है। ऐसे में वाहन चालकों को सीमित गति में, अपनी निर्धारित लेन में रहकर और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करते हुए वाहन चलाना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके और नागरिक सुरक्षित यात्रा कर सकें।
उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि वे धुंध के मौसम में गलत दिशा में वाहन न चलाएं और धुंध के समय जहां तक संभव हो ओवरटेक करने से बचें। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक नियमों का पालन कर ही हम अपने और दूसरों के सफर को सुरक्षित बना सकते हैं। उन्होंने वाहन चालकों से जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाने की अपील की है।
पानी में भीगने से बचें : डॉ. नरेंद्र दहिया
सीएमओ डॉ. नरेंद्र दहिया ने बताया कि जितना संभव हो सके घर के अंदर रहें और ठंडी हवा, बारिश, बर्फ के संपर्क में आने से बचने के लिए कम से कम यात्रा करें। गर्म कपड़े पहनें ताकि ठंड बिल्कुल न लगे। खुद को सूखा रखें और पानी में भीगने से बचें। शरीर की गरमाहट बनाए रखने के लिए अपने सिर, गर्दन, हाथ और पैर की उंगलियों को पर्याप्त रूप से ढककर रखें। गीले कपड़े तुरंत बदलें। हाथों में दस्ताने रखें। फेफड़ों को बचाने के लिए मास्क का प्रयोग करें।
गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं
सिर पर टोपी या मफलर पहने, स्वास्थ्यवर्धक भोजन लें। पर्याप्त रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखने के लिए विटामिन सी से भरपूर फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थ नियमित रूप से पीएं, इससे ठंड से लड़ने के लिए शरीर की गर्मी बनी रहेगी।शराब का सेवन न करें, यह शरीर के तापमान को कम करता है। बुजुर्ग लोगों, नवजात शिशुओं तथा बच्चों का विशेष ध्यान रखें। जरूरत के अनुसार ही रूम हीटर का प्रयोग करें और रूम हीटर के प्रयोग के दौरान पर्याप्त हवा निकासी का प्रबंध रखें।