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नौकरी का झांसा दे साढ़े छह लाख की ठगी का आरोपी पकड़ा
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रेवाड़ी। जिला के गांव पाल्हावास निवासी एक व्यक्ति के बेटे को गुरुग्राम नगर निगम में क्लर्क पद पर भर्ती कराने का झांसा देकर साढ़े छह लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी को रोहडाई थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी गांव पाल्हावास निवासी सुरेंद्र कुमार है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव पाल्हावास निवासी वेदप्रकाश ने कहा था कि जून 2021 में उनके ही गांव निवासी सुरेंद्र ने उनके बेटे हेमंत को गुरुग्राम नगर निगम में क्लर्क पद पर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया था। नौकरी के लिए सुरेंद्र ने उनसे साढ़े छह लाख रुपये की मांग की थी। एक जुलाई 2021 को सुरेंद्र उनके बेटे की पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षणिक व पहचान पत्र तथा दो लाख रुपये ले गया था। 17 जुलाई 2021 को आरोपित उनके पास से साढ़े चार लाख रुपये और ले गया तथा सितंबर माह तक नियुक्ति कराने का आश्वासन दिया था। 20 सितंबर 2021 को सुरेंद्र उनके घर आया और उनके बेटे हेमंत का गुरुग्राम नगर निगम में नियुक्त पत्र व पहचान पत्र देकर चला गया था। 23 सितंबर 2021 को वह अपने बेटे के साथ नगर निगम कार्यालय में पहुंचे तो वहां अधिकारियों ने बताया कि यह नियुक्ति व पहचान पत्र फर्जी है। उन्होंने सुरेंद्र से अपने रुपये वापस लौटाने के लिए कहा, लेकिन आरोपित ने इंकार कर दिया था। वेदप्रकाश ने मामले की शिकायत रोहडाई थाना पुलिस को दी थी।
रोहडाई थाना व पुलिस अधीक्षक को मामले की शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। वेदप्रकाश ने कोसली अदालत में भी वाद दायर किया था। अदालत के आदेश पर रोहडाई थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस को दी शिकायत में गांव पाल्हावास निवासी वेदप्रकाश ने कहा था कि जून 2021 में उनके ही गांव निवासी सुरेंद्र ने उनके बेटे हेमंत को गुरुग्राम नगर निगम में क्लर्क पद पर नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया था। नौकरी के लिए सुरेंद्र ने उनसे साढ़े छह लाख रुपये की मांग की थी। एक जुलाई 2021 को सुरेंद्र उनके बेटे की पासपोर्ट साइज फोटो, शैक्षणिक व पहचान पत्र तथा दो लाख रुपये ले गया था। 17 जुलाई 2021 को आरोपित उनके पास से साढ़े चार लाख रुपये और ले गया तथा सितंबर माह तक नियुक्ति कराने का आश्वासन दिया था। 20 सितंबर 2021 को सुरेंद्र उनके घर आया और उनके बेटे हेमंत का गुरुग्राम नगर निगम में नियुक्त पत्र व पहचान पत्र देकर चला गया था। 23 सितंबर 2021 को वह अपने बेटे के साथ नगर निगम कार्यालय में पहुंचे तो वहां अधिकारियों ने बताया कि यह नियुक्ति व पहचान पत्र फर्जी है। उन्होंने सुरेंद्र से अपने रुपये वापस लौटाने के लिए कहा, लेकिन आरोपित ने इंकार कर दिया था। वेदप्रकाश ने मामले की शिकायत रोहडाई थाना पुलिस को दी थी।
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रोहडाई थाना व पुलिस अधीक्षक को मामले की शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। वेदप्रकाश ने कोसली अदालत में भी वाद दायर किया था। अदालत के आदेश पर रोहडाई थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस ने मंगलवार को आरोपी सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
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