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रेवाड़ी: श्री नंदू गोशाला में 738 गोवंशों को प्रतिदिन दिया जा रहा 80 क्विंटल चारा
Thu, 16 Feb 2023 11:57 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Thu, 16 Feb 2023 11:57 PM IST
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धारूहेड़ा स्थित नंदू गोशाला में चारा खाते गोवंश। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रेवाड़ी। करीब दो वर्ष पूर्व प्रशासन की ओर से धारूहेड़ा कस्बा में बनाई गई श्री नंदू गोशाला में इन दिनों पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था ठीक होने लगी है। नगर परिषद का दावा है कि यहां प्रतिदिन गोवंशों को 80 क्विंटल चारा खिलाया जाता है। इस गोशाला में करीब 738 गोवंश हैं, जिनमें 590 नंदी व 148 के करीब गाय हैं। नगर परिषद की ओर से हर माह गोशाला को 10 लाख रुपये का खर्च दिया जाता है। इसके अलावा गोशाला को चंदे के रूप में 3 लाख रुपये मिलते हैं। इन पैसों का इस्तेमाल गौशाला समिति गौवंशों की देख रेख में लगे 15 वर्कर, दो डॉक्टर व खाते पर करती हैं। पिछले एक साल में गोशाला में 800 के करीब गोवंशों की मौत हो चुकी है।
पिछले साल नगर पालिका धारूहेड़ा की ओर से ठेकेदार की भुगतान नहीं करने की वजह से गोशाला में चारा देना बंद कर दिया था। इसकी वजह से गोशाला समिति के सदस्यों ने डीसी व उच्चाधिकारियों से चारे की व्यवस्था करने की मांग उठाई थी। उसके बाद नगर परिषद की हाउस की बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया था, जिसके बाद गौशाला को पैसे मिलने शुरू हुए।
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दो साल पहले बनाई थी गोशाला
दो साल पहले धारूहेड़ा कस्बे के गरीब नगर में निकाय विभाग की 7 एकड़ जमीन पर गोशाला बनाई गई थी। गोशाला का नाम नंदू गोशाला और उपचार सेंटर रखा गया। निकाय विभाग ने इस पर 30 लाख रुपये खर्च किए। गोशाला प्रबंधन के लिए बनी कमेटी ने गांव-गांव जाकर 50 लाख रुपये से ज्यादा एकत्रित करके इसे भव्य गौशाला का रूप दिया। गोशाला में इस समय 590 से ज्यादा नंदी व 148 गाय रखी गई हैं।
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-- -- -- -- -- - गोवंशों को पकड़ कर छोड़ा जाता है यहां
पिछले कई सालों से रेवाड़ी के अलावा धारूहेड़ा, बावल में पशुओं की वजह से कई लोगों की जान चली गई थी। कई लोग बुरी तरह जख्मी हुए। उसके बाद पशुओं को पकड़ने की मांग ने जोर पकड़ा तो धारूहेड़ा में 7 एकड़ जमीन पर गोशाला बनाई गई, जिसमें पिछले 2 साल के अंदर 500 से बेसहारा पशुओं को पकड़कर रखा गया। शुरुआत में इनके रख-रखाव को लेकर बड़े दावे किए गए, लेकिन अब इन्हें चारा ही नहीं मिल रहा है।
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रोजाना लगता है 70-80 क्विटंल चारा
गोशाला में रखे गए 500 से ज्यादा पशुओं को रोजाना 70-80 क्विंटल चारा खिलाया जाता है। कभी कभार कुछ दानी भी गोशाला में चारा भेंट कर जाते हैं, लेकिन इतने सारे पशुओं को रोजाना चारा खिलाने में नगर परिषद का सहयोग बहुत जरूरी है।
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गोशाला में चारे की व्यवस्था ठीक चल रही है। अब चारे की व्यवस्था के लिए नगर परिषद की ओर से 10 लाख रुपये हर माह मिल रहा है। नगर परिषद की टीम भी यहां हर रोज दो-तीन गोवंशों को पकड़ कर छोड़ने आती है। यहां पर 738 गोवंश हैं, जिनका पूरा ख्याल रखा जाता है।
- रोहित यादव, प्रधान, श्री नंदू गोशाला
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रेवाड़ी। करीब दो वर्ष पूर्व प्रशासन की ओर से धारूहेड़ा कस्बा में बनाई गई श्री नंदू गोशाला में इन दिनों पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था ठीक होने लगी है। नगर परिषद का दावा है कि यहां प्रतिदिन गोवंशों को 80 क्विंटल चारा खिलाया जाता है। इस गोशाला में करीब 738 गोवंश हैं, जिनमें 590 नंदी व 148 के करीब गाय हैं। नगर परिषद की ओर से हर माह गोशाला को 10 लाख रुपये का खर्च दिया जाता है। इसके अलावा गोशाला को चंदे के रूप में 3 लाख रुपये मिलते हैं। इन पैसों का इस्तेमाल गौशाला समिति गौवंशों की देख रेख में लगे 15 वर्कर, दो डॉक्टर व खाते पर करती हैं। पिछले एक साल में गोशाला में 800 के करीब गोवंशों की मौत हो चुकी है।
पिछले साल नगर पालिका धारूहेड़ा की ओर से ठेकेदार की भुगतान नहीं करने की वजह से गोशाला में चारा देना बंद कर दिया था। इसकी वजह से गोशाला समिति के सदस्यों ने डीसी व उच्चाधिकारियों से चारे की व्यवस्था करने की मांग उठाई थी। उसके बाद नगर परिषद की हाउस की बैठक में इस मुद्दे को उठाया गया था, जिसके बाद गौशाला को पैसे मिलने शुरू हुए।
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दो साल पहले बनाई थी गोशाला
दो साल पहले धारूहेड़ा कस्बे के गरीब नगर में निकाय विभाग की 7 एकड़ जमीन पर गोशाला बनाई गई थी। गोशाला का नाम नंदू गोशाला और उपचार सेंटर रखा गया। निकाय विभाग ने इस पर 30 लाख रुपये खर्च किए। गोशाला प्रबंधन के लिए बनी कमेटी ने गांव-गांव जाकर 50 लाख रुपये से ज्यादा एकत्रित करके इसे भव्य गौशाला का रूप दिया। गोशाला में इस समय 590 से ज्यादा नंदी व 148 गाय रखी गई हैं।
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पिछले कई सालों से रेवाड़ी के अलावा धारूहेड़ा, बावल में पशुओं की वजह से कई लोगों की जान चली गई थी। कई लोग बुरी तरह जख्मी हुए। उसके बाद पशुओं को पकड़ने की मांग ने जोर पकड़ा तो धारूहेड़ा में 7 एकड़ जमीन पर गोशाला बनाई गई, जिसमें पिछले 2 साल के अंदर 500 से बेसहारा पशुओं को पकड़कर रखा गया। शुरुआत में इनके रख-रखाव को लेकर बड़े दावे किए गए, लेकिन अब इन्हें चारा ही नहीं मिल रहा है।
रोजाना लगता है 70-80 क्विटंल चारा
गोशाला में रखे गए 500 से ज्यादा पशुओं को रोजाना 70-80 क्विंटल चारा खिलाया जाता है। कभी कभार कुछ दानी भी गोशाला में चारा भेंट कर जाते हैं, लेकिन इतने सारे पशुओं को रोजाना चारा खिलाने में नगर परिषद का सहयोग बहुत जरूरी है।
गोशाला में चारे की व्यवस्था ठीक चल रही है। अब चारे की व्यवस्था के लिए नगर परिषद की ओर से 10 लाख रुपये हर माह मिल रहा है। नगर परिषद की टीम भी यहां हर रोज दो-तीन गोवंशों को पकड़ कर छोड़ने आती है। यहां पर 738 गोवंश हैं, जिनका पूरा ख्याल रखा जाता है।
- रोहित यादव, प्रधान, श्री नंदू गोशाला