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Rewari News: जिले के 37 प्राथमिक विद्यालयों को मिले अतिरिक्त शिक्षक
Fri, 20 Mar 2026 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
संवाद न्यूज एजेंसी, रेवाड़ी
Updated Fri, 20 Mar 2026 01:02 AM IST
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रेवाड़ी। जिले के 37 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में लंबे समय से एक-एक शिक्षक के सहारे चल रही शिक्षा व्यवस्था चल रही थी। अब ऐसे स्कूलों में अन्य विद्यालयों के सरप्लस शिक्षकों को 45 दिन के लिए समायोजित किया गया है। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षकों की तैनाती कर दी है, जिससे पढ़ाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जगी है।
एकल शिक्षक वाले स्कूलों की स्थिति काफी समय से चिंताजनक बनी हुई थी। एक ही शिक्षक को बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ मिड-डे मील योजना, उल्लास कार्यक्रम और बीएलओ जैसे कई गैर-शैक्षणिक कार्य भी संभालने पड़ रहे थे। ऐसे में शिक्षण कार्य प्रभावित होना स्वाभाविक था।
हालात इतने खराब हो गए थे कि यदि किसी दिन शिक्षक किसी कारणवश स्कूल नहीं पहुंच पाता था, तो बच्चों को मजबूरन छुट्टी करनी पड़ती थी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा था और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता लगातार गिर रही थी।
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इसी समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अब सरप्लस शिक्षकों को इन सिंगल टीचर स्कूलों में अस्थायी तौर पर भेजा है। विभाग के इस कदम से फिलहाल इन स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस समय वार्षिक परीक्षाओं का दौर भी जारी है, ऐसे में अतिरिक्त शिक्षक की उपलब्धता विद्यार्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे परीक्षा की तैयारी और मूल्यांकन कार्य में भी आसानी होगी।
दूसरी तरफ यह राहत स्थायी नहीं है। विभाग द्वारा भेजे गए ये शिक्षक केवल लगभग 45 दिनों के लिए ही इन स्कूलों में रहेंगे, जिसके बाद उन्हें वापस बुलाया जा सकता है। ऐसे में फिर से वही पुरानी समस्या खड़ी होने की आशंका बनी हुई है। इस तरह के अस्थायी उपाय केवल तात्कालिक राहत दे सकते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हैं।
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इन स्कूलों में थे एक शिक्षक
रेवाड़ी खंड-- भवाड़ी, फिदेड़ी, खड़गवास, किशनगढ़, लाखनौर, तीतरपुर, कालका
जाटूसाना खंड-- बोहतवास भोंदू, बालधन खुर्द, बाबढ़ोली, खुशपुरा, जीवड़ा, मस्तापुर, नैनसुखपुरा, नूरपुर
नाहड़ खंड-- गुगोढ़, बव्वा, सुधराना, भुरथला, गुंजरवास, मुमताजपुर
बावल खंड-- साल्हावास, धारणा, कनुकापावटी, धरचाना, सांजरपुर, हरचंदपुर, धुल्हेड़ा, जैतपुर, खेड़ी डालूसिंह, बाल्मीकि बस्ती बावल
खोल खंड-- प्राणपुरा, गोठड़ा टप्पा खोरी, अलियावास, भठेड़ा
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वर्जन
जिन विद्यालयों में सरप्लस शिक्षक थे उन्हें सिंगल टीचर वाले विद्यालयों में 45 दिनों के लिए समायोजित किया गया है। इसके बाद मुख्यालय से जो भी आदेश आएंगे, उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जाएगी।-अरविंद यादव, उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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एकल शिक्षक वाले स्कूलों की स्थिति काफी समय से चिंताजनक बनी हुई थी। एक ही शिक्षक को बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ मिड-डे मील योजना, उल्लास कार्यक्रम और बीएलओ जैसे कई गैर-शैक्षणिक कार्य भी संभालने पड़ रहे थे। ऐसे में शिक्षण कार्य प्रभावित होना स्वाभाविक था।
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हालात इतने खराब हो गए थे कि यदि किसी दिन शिक्षक किसी कारणवश स्कूल नहीं पहुंच पाता था, तो बच्चों को मजबूरन छुट्टी करनी पड़ती थी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ रहा था और उनकी शैक्षणिक गुणवत्ता लगातार गिर रही थी।
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इसी समस्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने अब सरप्लस शिक्षकों को इन सिंगल टीचर स्कूलों में अस्थायी तौर पर भेजा है। विभाग के इस कदम से फिलहाल इन स्कूलों में पढ़ाई सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस समय वार्षिक परीक्षाओं का दौर भी जारी है, ऐसे में अतिरिक्त शिक्षक की उपलब्धता विद्यार्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे परीक्षा की तैयारी और मूल्यांकन कार्य में भी आसानी होगी।
दूसरी तरफ यह राहत स्थायी नहीं है। विभाग द्वारा भेजे गए ये शिक्षक केवल लगभग 45 दिनों के लिए ही इन स्कूलों में रहेंगे, जिसके बाद उन्हें वापस बुलाया जा सकता है। ऐसे में फिर से वही पुरानी समस्या खड़ी होने की आशंका बनी हुई है। इस तरह के अस्थायी उपाय केवल तात्कालिक राहत दे सकते हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हैं।
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इन स्कूलों में थे एक शिक्षक
रेवाड़ी खंड
जाटूसाना खंड
नाहड़ खंड
बावल खंड
खोल खंड
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वर्जन
जिन विद्यालयों में सरप्लस शिक्षक थे उन्हें सिंगल टीचर वाले विद्यालयों में 45 दिनों के लिए समायोजित किया गया है। इसके बाद मुख्यालय से जो भी आदेश आएंगे, उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया की जाएगी।-अरविंद यादव, उप जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।