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Rewari News: 1600 लीटर काले तेल से ली जाएगी लार्वा से लड़ाई
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तालाब में काला तेल डालते स्वास्थ्य विभाग की टीम। संवाद
रेवाड़ी। स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू के लार्वा को खत्म करने के लिए परिवहन विभाग से 1600 लीटर काला तेल मांगा था जो पहुंच गया है। अब इसे पानी में डालकर डेंगू के लार्वा को पनपने से रोका जा सकेगा।
अब जिले में डेंगू पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 112 हो गई है। इस साल तक 1 लाख 72 हजार स्थानों पर कूलर, गमले व पानी की टंकियों की जांच की गई है। मच्छर का लारवा मिला है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लार्वा मिलने पर 1898 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
विभाग की तरफ से मच्छर के लार्वा की जांच के लिए सीएचसी व पीएचसी स्तर पर टीमों का गठन किया है और यह टीमें निरंतर सर्वे के कार्य में जुटी हैं। विभाग की तरफ से निजी अस्पतालों को भी कार्ड टेस्ट के आधार पर डेंगू घोषित न करने की बात कही गई है।
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वहीं सैंपल लेकर एलाइजा टेस्ट करवाने के लिए कहा गया है जबकि कोई भी पॉजिटिव मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को तत्काल प्रभाव से जानकारी देने के लिए कहा गया है।
रविवार को करें साफ-सफाई
डॉ. अमित ने आमजन से आह्वान किया कि वह प्रत्येक रविवार को अपने घर में ड्राई-डे के तौर पर मनाएं व सभी पानी के बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रिज ट्रे, गमलों आदि को खाली करके सुखाएं ताकि मच्छर के अंडे व लार्वा मर जाए। लोगों से अपील की है कि डेंगू रोकने के लिए घरों के आसपास गड्ढे को मिट्टी से भरवा दें। पूरी बाजू के वस्त्र पहनें, मच्छर रोधी दवा या क्रीम का उपयोग करें। कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें, छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें, बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। इनमें से कोई भी लक्षण होने पर तत्काल अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में खून की जांच करवाएं। चिकित्सक की सलाह से ही दवाई खाएं व स्वयं दवा न खाएं।
डेंगू के लक्षण व बचाव के उपाय
डॉ. अमित ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है जिससे बचाव जरूरी है। यह मच्छर दिन में काटता है और स्थिर व साफ पानी में पनपता है। तेज बुखार, बदन, सिर व जोड़ों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द हो तो सतर्क हो जाएं। त्वचा पर लाल धब्बे या चकत्ते का निशान, नाक-मसूड़ों से या उल्टी के साथ रक्तस्राव होना डेंगू के लक्षण हैं। इन लक्षणों के साथ यदि तेज बुखार हो तो तत्काल अस्पताल जाएं और अपना इलाज करवाएं। यदि किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हो चुका है तो उसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे व्यक्ति दोबारा डेंगू बुखार की आशंका होने पर सरकारी अस्पताल या फिर डॉक्टर से संपर्क करें। बुखार होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर जांच के बाद जैसा परामर्श दें उसके अनुसार अपना इलाज करवाएं। डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।
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अब जिले में डेंगू पॉजिटिव की संख्या बढ़कर 112 हो गई है। इस साल तक 1 लाख 72 हजार स्थानों पर कूलर, गमले व पानी की टंकियों की जांच की गई है। मच्छर का लारवा मिला है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से लार्वा मिलने पर 1898 मकान मालिकों को नोटिस जारी किए गए हैं।
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विभाग की तरफ से मच्छर के लार्वा की जांच के लिए सीएचसी व पीएचसी स्तर पर टीमों का गठन किया है और यह टीमें निरंतर सर्वे के कार्य में जुटी हैं। विभाग की तरफ से निजी अस्पतालों को भी कार्ड टेस्ट के आधार पर डेंगू घोषित न करने की बात कही गई है।
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वहीं सैंपल लेकर एलाइजा टेस्ट करवाने के लिए कहा गया है जबकि कोई भी पॉजिटिव मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग को तत्काल प्रभाव से जानकारी देने के लिए कहा गया है।
रविवार को करें साफ-सफाई
डॉ. अमित ने आमजन से आह्वान किया कि वह प्रत्येक रविवार को अपने घर में ड्राई-डे के तौर पर मनाएं व सभी पानी के बर्तनों, कूलर, टंकी, फ्रिज ट्रे, गमलों आदि को खाली करके सुखाएं ताकि मच्छर के अंडे व लार्वा मर जाए। लोगों से अपील की है कि डेंगू रोकने के लिए घरों के आसपास गड्ढे को मिट्टी से भरवा दें। पूरी बाजू के वस्त्र पहनें, मच्छर रोधी दवा या क्रीम का उपयोग करें। कीटनाशक दवाई से उपचारित मच्छरदानी का उपयोग करें, छतों पर रखी पानी की टंकियों को ढक्कन लगाकर बंद रखें, बुखार आने पर डॉक्टर की सलाह अवश्य लें। इनमें से कोई भी लक्षण होने पर तत्काल अपने नजदीकी चिकित्सा केंद्र में खून की जांच करवाएं। चिकित्सक की सलाह से ही दवाई खाएं व स्वयं दवा न खाएं।
डेंगू के लक्षण व बचाव के उपाय
डॉ. अमित ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होता है जिससे बचाव जरूरी है। यह मच्छर दिन में काटता है और स्थिर व साफ पानी में पनपता है। तेज बुखार, बदन, सिर व जोड़ों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द हो तो सतर्क हो जाएं। त्वचा पर लाल धब्बे या चकत्ते का निशान, नाक-मसूड़ों से या उल्टी के साथ रक्तस्राव होना डेंगू के लक्षण हैं। इन लक्षणों के साथ यदि तेज बुखार हो तो तत्काल अस्पताल जाएं और अपना इलाज करवाएं। यदि किसी व्यक्ति को पहले डेंगू हो चुका है तो उसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे व्यक्ति दोबारा डेंगू बुखार की आशंका होने पर सरकारी अस्पताल या फिर डॉक्टर से संपर्क करें। बुखार होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। डॉक्टर जांच के बाद जैसा परामर्श दें उसके अनुसार अपना इलाज करवाएं। डेंगू होने की स्थिति में सभी मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की आवश्यकता नहीं पड़ती है।