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Panipat News: पीएनडीटी इंचार्ज के कार्यकाल की होगी जांच, धरपकड़ में जुटी टीमें
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पानीपत। बरसत रोड स्थित छाबड़ा इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक संजीव छाबड़ा को लिंग जांच के केस में फंसाने की धमकी देने वाले एसएमओ डॉ. पवन व क्लर्क नवीन कुमार की धरपकड़ तेज कर दी है।
एंटी करप्शन ब्यूरो इनकी गिरफ्तारी के लिए इनकी रिश्तेदारियों में दबिश दे रही है। अब तक इनका सुराग नहीं लगा है। अब एसीबी पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. पवन के कार्यालय में हुई पांच रेड की भी जांच करेगी। जिन जिन डायग्नोस्टिक सेंटर का इन्होंने निरीक्षण किया है। उस रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा। एसीबी की ओर से निजी अस्पतालों को अपील की गई है कि अगर पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. पवन ने किसी को लिंग जांच के केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे हड़पे हैं तो वो भी आगे आएं । वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा इसी सप्ताह नए पीएनडीटी इंचार्ज की नियुक्ति भी करेंगे।
विदित है कि वीरवार को कैथल की सीआईए टीम ने बरसत रोड स्थित आधार अस्पताल के संचालक डॉ. विशाल को गिरफ्तार किया था। डॉ. विशाल पर आरोप है कि उसने छाबड़ा इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक डॉ. संजीव छाबड़ा से दो लाख रुपये लिए थे। ये दो लाख रुपये पीएनडीटी टीम के इंचार्ज डॉ. पवन व क्लर्क नवीन के कहने पर लिए गए थे। कुछ दिन पहले डॉ. पवन ने छाबड़ा इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सेंटर में काफी अनियमितता निकाली गई थी। डॉ. पवन ने डॉ. संजीव छाबड़ा को लिंग जांच के केस में फंसाने व सेंटर पर ताला लगाने की धमकी देकर तीन लाख रुपये मांगे थे। दो लाख रुपये में इनकी डील हो गई थी। क्लर्क नवीन डॉ. संजीव छाबड़ा पर जल्द पैसों के लिए दबाव बना रहा था। इस पूरे केस में आधार अस्पताल का संचालक डॉ. विशाल बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था। वीरवार को कैथल सीआईए ने डॉ. विशाल को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। डॉ. पवन व क्लर्क नवीन तब से फरार हैं।
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वर्जन-
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि ये पूरा मामला एसीबी के संज्ञान में है। वो इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। जल्द नए पीएनडीटी इंचार्ज की नियुक्ति होगी
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एंटी करप्शन ब्यूरो इनकी गिरफ्तारी के लिए इनकी रिश्तेदारियों में दबिश दे रही है। अब तक इनका सुराग नहीं लगा है। अब एसीबी पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. पवन के कार्यालय में हुई पांच रेड की भी जांच करेगी। जिन जिन डायग्नोस्टिक सेंटर का इन्होंने निरीक्षण किया है। उस रिकॉर्ड भी खंगाला जाएगा। एसीबी की ओर से निजी अस्पतालों को अपील की गई है कि अगर पीएनडीटी इंचार्ज डॉ. पवन ने किसी को लिंग जांच के केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे हड़पे हैं तो वो भी आगे आएं । वहीं दूसरी ओर सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा इसी सप्ताह नए पीएनडीटी इंचार्ज की नियुक्ति भी करेंगे।
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विदित है कि वीरवार को कैथल की सीआईए टीम ने बरसत रोड स्थित आधार अस्पताल के संचालक डॉ. विशाल को गिरफ्तार किया था। डॉ. विशाल पर आरोप है कि उसने छाबड़ा इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर संचालक डॉ. संजीव छाबड़ा से दो लाख रुपये लिए थे। ये दो लाख रुपये पीएनडीटी टीम के इंचार्ज डॉ. पवन व क्लर्क नवीन के कहने पर लिए गए थे। कुछ दिन पहले डॉ. पवन ने छाबड़ा इमेजिंग एंड डायग्नोस्टिक सेंटर का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान सेंटर में काफी अनियमितता निकाली गई थी। डॉ. पवन ने डॉ. संजीव छाबड़ा को लिंग जांच के केस में फंसाने व सेंटर पर ताला लगाने की धमकी देकर तीन लाख रुपये मांगे थे। दो लाख रुपये में इनकी डील हो गई थी। क्लर्क नवीन डॉ. संजीव छाबड़ा पर जल्द पैसों के लिए दबाव बना रहा था। इस पूरे केस में आधार अस्पताल का संचालक डॉ. विशाल बिचौलिये की भूमिका निभा रहा था। वीरवार को कैथल सीआईए ने डॉ. विशाल को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया था। डॉ. पवन व क्लर्क नवीन तब से फरार हैं।
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वर्जन-
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि ये पूरा मामला एसीबी के संज्ञान में है। वो इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकते। जल्द नए पीएनडीटी इंचार्ज की नियुक्ति होगी