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सरकारी नीतियों से खफा पीडीडब्यूए ने किया ऐलान- 15 नवंबर को बंद रहेंगे प्रदेश भर के पेट्रोल पंप
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पानीपत। पत्रकार वार्ता कर जानकारी देते हुए पेट्रोलियम ड़ीलर्ज वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्य?
- फोटो : Panipat
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पानीपत। सरकारी नीतियों से लगातार हो रहे नुकसान के विरोध में 15 नवंबर को प्रदेश भर के पेट्रोल पंप 24 घंटे के लिए बंद रहेंगे। ये ऐलान शनिवार को पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन हरियाणा ने किया है।
इनकी एक बैठक शहर के एक निजी होटल में हुई, जिसमें यूनियन के राज्य स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले ऑनलाइन एक बैठक में प्रदेश भर के ज्यादातर पेट्रोल पंप मालिकों से इस बारे में सलाह की गई थी। इसके अलावा यूनियन ने सरकार से कुछ मांगें भी की हैं। यूनियन ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उनकी मागों को अनदेखा किया गया तो उन्हें फिर से एक बैठक बुलानी होगी, जिसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
यूनियन प्रदेशाध्यक्ष संजीव चौधरी ने बताया कि सरकार ने दीपावली पर प्रदेश के लोगों को 12 रुपये प्रति लीटर डीजल और पेट्रोल कम करने की सौगात दी है, जिसे वे सहर्ष स्वीकार करते हैं। लेकिन इससे तकरीबन सभी पेट्रोल पंप मालिकों को मोटा नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई सरकार को करनी चाहिए। जिन पंप मालिकों ने जिस वैट और टैक्स के साथ जो ईंधन खरीदा था, उससे 12 रुपये सस्ता बेचना पड़ा है। इससे एक पंप मालिक का औसतन घाटा 5 लाख से लेकर 50 लाख तक हुआ है।
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यूनियन ने इस नुकसान की भरपाई की मांग की है ।
उन्होंने बताया कि जो पंप प्रदेश के बार्डर पर हैं, जिनकी सीमाएं हिमाचल, पंजाब से लगती हैं, उनके लिए ये व्यवसाय घाटे का सौदा हो चुका है। क्योंकि साथ लगते इन प्रदेशों में वैट और एक्साइज कम होने से लोग दूसरे राज्यों के पंपों से तेल भरवाते हैं और वे खाली बैठे रहते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बार्डर वाले एरिया में पंपों पर दूसरे राज्यों के हिसाब से ही वैट और एक्साइज ड्यूटी लगाई जाए ताकि उनका रोजगार चल सके।
पांच साल का एरियर बाकी-
संजीव चौधरी ने बताया कि 2016 में उनका पेट्रोलियम कंपनी और सरकार के साथ समझौता हुआ था, जिसमें उनके कमीशन को हर साल बढ़ाने की बात रखी गई थी। उनका कमीशन पेट्रोल पर 3.50 रुपये प्रति लीटर है और डीजल पर 2.50 रुपये प्रति लीटर है। ये कमीशन पिछले पांच साल से आज तक नहीं बढ़ा है। यूनियन ने सरकार से पांच साल के कमीशन का एरियर देने की मांग की है।
बॉयो डीजल या बेस ऑयल हैं नकली डीजल, बंद करवाए सरकार-
प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि कुछ जगहों पर प्राइवेट गाड़ियों में बॉयो डीजल या बेस ऑयल भरकर बेचा जा रहा है। इससे पेट्रोलियम कंपनियों, सरकार और पेट्रोल पंपों तक को नुकसान हो रहा है। इस नकली डीजल का माफिया प्रदेश में हावी हो चुका है। इस नकली तेल की जांच करवाते हुए इस पर कार्रवाई करनी चाहिए ।
ये रहे मौजूद-
इस बैठक में सोनीपत के यूनियन जिलाध्यक्ष परविंद्र अत्री, प्रदेश कैशियर सोहन लाल बठला, प्रदेश महासचिव राजकुमार कटारिया, लीगल सेल से युद्धवीर सिंह रापड़िया, प्रदेश कार्यकारिणी से रणबीर देशवाल, जिला उपाध्यक्ष अशोक जुनेजा भी मौजूद रहे।
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इनकी एक बैठक शहर के एक निजी होटल में हुई, जिसमें यूनियन के राज्य स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। इससे पहले ऑनलाइन एक बैठक में प्रदेश भर के ज्यादातर पेट्रोल पंप मालिकों से इस बारे में सलाह की गई थी। इसके अलावा यूनियन ने सरकार से कुछ मांगें भी की हैं। यूनियन ने अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर उनकी मागों को अनदेखा किया गया तो उन्हें फिर से एक बैठक बुलानी होगी, जिसमें कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
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यूनियन प्रदेशाध्यक्ष संजीव चौधरी ने बताया कि सरकार ने दीपावली पर प्रदेश के लोगों को 12 रुपये प्रति लीटर डीजल और पेट्रोल कम करने की सौगात दी है, जिसे वे सहर्ष स्वीकार करते हैं। लेकिन इससे तकरीबन सभी पेट्रोल पंप मालिकों को मोटा नुकसान हुआ है। जिसकी भरपाई सरकार को करनी चाहिए। जिन पंप मालिकों ने जिस वैट और टैक्स के साथ जो ईंधन खरीदा था, उससे 12 रुपये सस्ता बेचना पड़ा है। इससे एक पंप मालिक का औसतन घाटा 5 लाख से लेकर 50 लाख तक हुआ है।
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यूनियन ने इस नुकसान की भरपाई की मांग की है ।
उन्होंने बताया कि जो पंप प्रदेश के बार्डर पर हैं, जिनकी सीमाएं हिमाचल, पंजाब से लगती हैं, उनके लिए ये व्यवसाय घाटे का सौदा हो चुका है। क्योंकि साथ लगते इन प्रदेशों में वैट और एक्साइज कम होने से लोग दूसरे राज्यों के पंपों से तेल भरवाते हैं और वे खाली बैठे रहते हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि बार्डर वाले एरिया में पंपों पर दूसरे राज्यों के हिसाब से ही वैट और एक्साइज ड्यूटी लगाई जाए ताकि उनका रोजगार चल सके।
पांच साल का एरियर बाकी-
संजीव चौधरी ने बताया कि 2016 में उनका पेट्रोलियम कंपनी और सरकार के साथ समझौता हुआ था, जिसमें उनके कमीशन को हर साल बढ़ाने की बात रखी गई थी। उनका कमीशन पेट्रोल पर 3.50 रुपये प्रति लीटर है और डीजल पर 2.50 रुपये प्रति लीटर है। ये कमीशन पिछले पांच साल से आज तक नहीं बढ़ा है। यूनियन ने सरकार से पांच साल के कमीशन का एरियर देने की मांग की है।
बॉयो डीजल या बेस ऑयल हैं नकली डीजल, बंद करवाए सरकार-
प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि कुछ जगहों पर प्राइवेट गाड़ियों में बॉयो डीजल या बेस ऑयल भरकर बेचा जा रहा है। इससे पेट्रोलियम कंपनियों, सरकार और पेट्रोल पंपों तक को नुकसान हो रहा है। इस नकली डीजल का माफिया प्रदेश में हावी हो चुका है। इस नकली तेल की जांच करवाते हुए इस पर कार्रवाई करनी चाहिए ।
ये रहे मौजूद-
इस बैठक में सोनीपत के यूनियन जिलाध्यक्ष परविंद्र अत्री, प्रदेश कैशियर सोहन लाल बठला, प्रदेश महासचिव राजकुमार कटारिया, लीगल सेल से युद्धवीर सिंह रापड़िया, प्रदेश कार्यकारिणी से रणबीर देशवाल, जिला उपाध्यक्ष अशोक जुनेजा भी मौजूद रहे।