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Panipat News: अधीक्षक की टीम में शामिल रहे अधिकारी भी एसीबी की रडार पर
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पानीपत। छह फरवरी को सेक्टर 25 में उद्यमी दिनेश गुप्ता की फैक्ट्री में दबिश देने वालों में अधीक्षक प्रेम राज मीणा के अलावा छह अधिकारी व कर्मचारी थे। अब ये सभी एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की रडार पर आ गए हैं। इनसे भी एसीबी की टीम पूछताछ करेगी। इसके अलावा उद्यमियों की मांग है कि अधीक्षण प्रेम राज मीणा ने जितनी भी फैक्टि्यों में दबिश दी है। उन सबकी जांच होनी चाहिए।
इस दिशा में भी एसीबी की टीम जांच कर रही है। उद्यमियों का मत है कि अधीक्षण प्रेम राज मीणा उद्यमियों को करोड़ों रुपये जुर्माने का भय दिखाकर वसूली करता था। एसीबी अधीक्षक प्रेम राज मीणा की प्रॉपर्टी की जांच करने संबंधी भी कड़े कदम उठा सकता है। वहीं दूसरी ओर सोमवार को एसीबी ने मामले के शिकायतकर्ता उद्यमी दिनेश गुप्ता के कोर्ट में 164 के तहत बयान दर्ज कराए हैं। उद्यमी दिनेश गुप्ता ने अदालत ने अधीक्षण प्रेम राज मीणा व सीए पंकज खुराना द्वारा लिए गई साढ़े 10 लाख रुपये की रिश्वत मामले की एक एक कर परतें खोली हैं।
विदित है कि आबकारी एवं कराधान विभाग के अधीक्षक प्रेमराज मीणा ने छह अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ छह फरवरी को सेक्टर 25 में एक फैक्ट्री में रेड की थी। यहां छह घंटे तक अधीक्षक प्रेम राज मीणा ने दबिश देकर फैक्ट्री के रिकॉर्ड को खंगाला था। अधीक्षक प्रेम राज मीणा ने उद्यमी दिनेश गुप्ता को कहा था कि वो जो माल बेच चुके हैं उस पर 12 प्रतिशत के हिसाब से जीएसटी नहीं काटी गई है। ये दंडनीय अपराध है। पूरे माल पर 12 प्रतिशत लगेगा। इसलिए उस पर एक करोड़ रुपये जुर्माना लगेगा। उद्यमी को जुर्माने के नाम पर डराया गया। दिनेश गुप्ता से अधीक्षक प्रेमराज मीणा ने निजी सीए पंकज खुराना के साथ मिलकर 12 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। साढ़े तीन लाख रुपये अधीक्षक प्रेम राज मीणा ने लिए थे। अब उससे नौ लाख रुपये मांगे जा रहे थे।
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दिनेश गुप्ता ने इसकी शिकायत करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो को दी थी। एसीबी के निर्देशों के अनुसार दिनेश गुप्ता ने सीएम पंकज खुराना को मितल मेगा मॉल के पास पैसे देने के लिए बुलाया। यहां उद्यमी से जैसे ही सीए पंकज को पैसे दिए तो एसीबी ने उसको दबोच लिया था। इसके बाद अधीक्षक प्रेम राज मीणा को दिल्ली की पीरागढ़ी से गिरफ्तार किया था। उसके पास से साढ़े तीन लाख रुपये मिले थे।
वर्जन-
एसीबी के इंस्पेक्टर हेमराज ने बताया कि अधीक्षण प्रेम राज मीणा के साथ फैक्ट्री में दबिश देने वालों से भी पूछताछ होगी। अब तक कितने उद्यमियों से वसूली की गई है इसकी भी जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता के सोमवार को कोर्ट में बयान दर्ज करवा दिए हैं।
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इस दिशा में भी एसीबी की टीम जांच कर रही है। उद्यमियों का मत है कि अधीक्षण प्रेम राज मीणा उद्यमियों को करोड़ों रुपये जुर्माने का भय दिखाकर वसूली करता था। एसीबी अधीक्षक प्रेम राज मीणा की प्रॉपर्टी की जांच करने संबंधी भी कड़े कदम उठा सकता है। वहीं दूसरी ओर सोमवार को एसीबी ने मामले के शिकायतकर्ता उद्यमी दिनेश गुप्ता के कोर्ट में 164 के तहत बयान दर्ज कराए हैं। उद्यमी दिनेश गुप्ता ने अदालत ने अधीक्षण प्रेम राज मीणा व सीए पंकज खुराना द्वारा लिए गई साढ़े 10 लाख रुपये की रिश्वत मामले की एक एक कर परतें खोली हैं।
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विदित है कि आबकारी एवं कराधान विभाग के अधीक्षक प्रेमराज मीणा ने छह अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ छह फरवरी को सेक्टर 25 में एक फैक्ट्री में रेड की थी। यहां छह घंटे तक अधीक्षक प्रेम राज मीणा ने दबिश देकर फैक्ट्री के रिकॉर्ड को खंगाला था। अधीक्षक प्रेम राज मीणा ने उद्यमी दिनेश गुप्ता को कहा था कि वो जो माल बेच चुके हैं उस पर 12 प्रतिशत के हिसाब से जीएसटी नहीं काटी गई है। ये दंडनीय अपराध है। पूरे माल पर 12 प्रतिशत लगेगा। इसलिए उस पर एक करोड़ रुपये जुर्माना लगेगा। उद्यमी को जुर्माने के नाम पर डराया गया। दिनेश गुप्ता से अधीक्षक प्रेमराज मीणा ने निजी सीए पंकज खुराना के साथ मिलकर 12 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी। साढ़े तीन लाख रुपये अधीक्षक प्रेम राज मीणा ने लिए थे। अब उससे नौ लाख रुपये मांगे जा रहे थे।
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दिनेश गुप्ता ने इसकी शिकायत करनाल एंटी करप्शन ब्यूरो को दी थी। एसीबी के निर्देशों के अनुसार दिनेश गुप्ता ने सीएम पंकज खुराना को मितल मेगा मॉल के पास पैसे देने के लिए बुलाया। यहां उद्यमी से जैसे ही सीए पंकज को पैसे दिए तो एसीबी ने उसको दबोच लिया था। इसके बाद अधीक्षक प्रेम राज मीणा को दिल्ली की पीरागढ़ी से गिरफ्तार किया था। उसके पास से साढ़े तीन लाख रुपये मिले थे।
वर्जन-
एसीबी के इंस्पेक्टर हेमराज ने बताया कि अधीक्षण प्रेम राज मीणा के साथ फैक्ट्री में दबिश देने वालों से भी पूछताछ होगी। अब तक कितने उद्यमियों से वसूली की गई है इसकी भी जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता के सोमवार को कोर्ट में बयान दर्ज करवा दिए हैं।