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स्वर्ण पदक प्राप्त कर एशियन गेम्स के लिए नवदीप क्वालीफाई
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पानीपत। र्स्वण पदक के साथ नवदीप व साथ में अन्य विजेता खिलाड़ी।
- फोटो : Panipat
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पानीपत। कलिंगा स्टेडियम भुवनेश्वर में 20वीं नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2021-22 में खिलाड़ी नवदीप मलिक ने सात खिलाड़ियों को पछाड़कर स्वर्ण पदक जीता। इस सफलता से वह एशियन गेम्स के लिए क्वालीफाई हो गए हैं। उन्होंने चैंपियनशिप में 41.36 मीटर भाला फेंका था। फिलहाल वह एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक लाने के लिए जवाहर लाल स्टेडियम में रोजाना तीन घंटा सुबह व तीन घंटे शाम को अभ्यास कर रहे हैं।
गौरतलब है कि लंबाई कम होने के बावजूद अपने से लंबे खिलाड़ियों को भी चित्त करने वाले नवदीप को 15 साल की उम्र में कमर में चोट लगने के कारण कुश्ती छोड़नी पड़ी थी। कमर पर ज्यादा चोट थी। इसके बाद डॉक्टर ने उनको कुश्ती खेलने से मना कर दिया। कमर में चोट लगने के बाद भी नवदीप का खेल का सफर नहीं थमा और उन्होंने कुश्ती छोड़ भाला फेंकना सीखने लगे। शुरुआत में भाला न होने के कारण नवदीप बॉल फेंक कर ही अभ्यास करते थे।
एफ-41 भाला फेंक में नंबर वन रैकिंग पर नवदीप
एफ-41 भाला फेंक खेल में इस समय पानीपत के नवदीप मलिक नंबर वन रैकिंग पर चल रहे है। पिछले साल पैरालंपिक 2021 के समय भी नवदीप भारत के नंबर वन खिलाड़ी थे। हालांकि फाइनल में पैर फिसल जाने से वह पदक से वंचित रह गए थे। उन्हें तब चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था। नवदीप ने बताया कि एशियन गेम्स में उनका लक्ष्य सिर्फ स्वर्ण पदक है। कोच विपिन कसाना उन्हें नए नए टिप्स के साथ तैैयारी करवा रहे हैं। वह अपने शरीर को लचीला बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। वहीं नवदीप के पिता का सपना है कि वह अगले पैरालंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीते।
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नवदीप के लिए मंगवानी पड़ती है स्पेशल जेवलिन
नवदीप का कद छोटा होने के कारण उनके लिए स्पेशल मेरठ व इंदौर से जेवलिन मंगानी पड़ती है। सामान्य जेवलिन थ्रो करने वाले खिलाड़यों का भाला 700 ग्राम का होता है। लेकिन नवदीप व उनकी कैटेगरी के खिलाड़ियों का भाला 600 ग्राम का होता है।
उपलब्धियां
- 2010 दुबई में हुई विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- जूनियर व अंडर-20 पैरा नेशनल चैंपियनशिप में चार स्वर्ण पदक
- 2019 स्विटजरलैंड में हुई पैरा विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- 2021 फरवरी में 43.78 मीटर भाला फेंका था, जो पैरालंपिक के रिकार्ड से केवल 50 सेंटीमीटर दूर रहा
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गौरतलब है कि लंबाई कम होने के बावजूद अपने से लंबे खिलाड़ियों को भी चित्त करने वाले नवदीप को 15 साल की उम्र में कमर में चोट लगने के कारण कुश्ती छोड़नी पड़ी थी। कमर पर ज्यादा चोट थी। इसके बाद डॉक्टर ने उनको कुश्ती खेलने से मना कर दिया। कमर में चोट लगने के बाद भी नवदीप का खेल का सफर नहीं थमा और उन्होंने कुश्ती छोड़ भाला फेंकना सीखने लगे। शुरुआत में भाला न होने के कारण नवदीप बॉल फेंक कर ही अभ्यास करते थे।
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एफ-41 भाला फेंक में नंबर वन रैकिंग पर नवदीप
एफ-41 भाला फेंक खेल में इस समय पानीपत के नवदीप मलिक नंबर वन रैकिंग पर चल रहे है। पिछले साल पैरालंपिक 2021 के समय भी नवदीप भारत के नंबर वन खिलाड़ी थे। हालांकि फाइनल में पैर फिसल जाने से वह पदक से वंचित रह गए थे। उन्हें तब चौथे स्थान से संतोष करना पड़ा था। नवदीप ने बताया कि एशियन गेम्स में उनका लक्ष्य सिर्फ स्वर्ण पदक है। कोच विपिन कसाना उन्हें नए नए टिप्स के साथ तैैयारी करवा रहे हैं। वह अपने शरीर को लचीला बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। वहीं नवदीप के पिता का सपना है कि वह अगले पैरालंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीते।
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नवदीप के लिए मंगवानी पड़ती है स्पेशल जेवलिन
नवदीप का कद छोटा होने के कारण उनके लिए स्पेशल मेरठ व इंदौर से जेवलिन मंगानी पड़ती है। सामान्य जेवलिन थ्रो करने वाले खिलाड़यों का भाला 700 ग्राम का होता है। लेकिन नवदीप व उनकी कैटेगरी के खिलाड़ियों का भाला 600 ग्राम का होता है।
उपलब्धियां
- 2010 दुबई में हुई विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- जूनियर व अंडर-20 पैरा नेशनल चैंपियनशिप में चार स्वर्ण पदक
- 2019 स्विटजरलैंड में हुई पैरा विश्व जूनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक
- 2021 फरवरी में 43.78 मीटर भाला फेंका था, जो पैरालंपिक के रिकार्ड से केवल 50 सेंटीमीटर दूर रहा